बिहार : जनांदोलन को लेकर शिविर और सम्मेलन - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

मंगलवार, 5 जून 2018

बिहार : जनांदोलन को लेकर शिविर और सम्मेलन

landless-meeting-protest
पटना. आवासीय भूमिहीनों का अधिकार संबंधित मसले समेत 11 सूत्री मांग को लेकर होने वाले जनांदोलन 2018 में महिलाओं की भागीदारी और उनके नेतृत्व चमकाने आ रही हैं एकता महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष जिलकार हैरिज.उनके साथ मंच की संयोजिका श्रद्धा   कश्यप भी आ रही हैं. इस बात की जानकारी एकता महिला मंच,बिहार की संयोजिका मंजू डुंगडुंग ने बताया कि एकता महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष जिलकार हैरिज, मंच की संयोजिका श्रद्धा, कश्यप, कस्तूरी पटेल व शोभा बहन तीन दिनों तक बिहार में रहेंगी. 

प्रशिक्षण
अर्पणा बैंक कॉलोनी फेज -2 राम जयपाल नगर में है प्रगति भवन. प्रगति भवन में दो दिवसीय युवा मुखिया महिला नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर होगा. 13 जून को 11 बजे से प्रारंभ होगा. 14 जून को शाम में समाप्त हो जाएगा. इसका संचालन एकता महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष जिलकार हैरिज और मंच की संयोजिका श्रद्धा कश्यप करेंगी. शिविर की खैशियत यह है कि गांव की युवा मुखिया महिला घर से एक किलो चावल आंचल में रखकर लायेंगी.उसे जनांदोलन 2018 को समर्पित कर देगी.यह जनांदोलन पूर्णत जनाधारित है.गांवघर में प्रत्येक दिन खाना बनाने के पूर्व मुट्ठीभर चावल निकालकर संग्रह किया जा रहा है. 

सम्मेलन
एक दिवसीय महिला भूमि अधिकार सम्मेलन का आयोजन पटना के ए. एन. सिन्हा संस्थान में 15 जून को होगा.11 बजे सम्मेलन शुरू होगा.यह सब कवायद जनांदोलन 2018 को लेकर है.2007 में जनादेश और 2012 में जन सत्याग्रह पदयात्रा को सम्मान देकर यू.पी.ए. सरकार ने राष्ट्रीय भूमि सुधार नीति को लागू करने का प्रयास करते-करते सरकार बदल गयी.अभी एन.डी.ए. सरकार सत्तासीन है. 2 अक्टूबर 2018 से पलवल (हरियाणा) से पदयात्रा सत्याग्रह शुरु होगा. गेंद मोदी सरकार के पास है.जल्द से जल्द राष्ट्रीय भूमि सुधार नीति को लागू कर दें.इस तरह का प्रस्ताव केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में लम्बित है. इन्हीं सब बिंदुओं पर सम्मेलन में चर्चा होगी. 
एक टिप्पणी भेजें
Loading...