मोदी को किसानों के मामले में कम रूचि : राहुल गांधी - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 14 जून 2018

मोदी को किसानों के मामले में कम रूचि : राहुल गांधी

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नागपुर 13 जून, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को विदर्भ में एचएमटी चावल की नई किस्म को विकसित करने वाले दादाजी खोबरागडे के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्री गांधी ने श्री खोबरागडे को श्रद्धांजलि देने के बाद यहां एक चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में किसानों के मामलों के प्रति कम रूचि है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति अनुसंधान कर नये चावल की किस्त को इजाद करता है। श्री मोदी ने उन्हें केवल पुरस्कार दिया लेकिन मदद नहीं की। यदि उनकी मदद की गयी होती तो आज अलग तस्वीर होती। उन्होंने कहा इससे पूर्व उनकी सरकार ने किसानों को 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया था। उन्होने पूछा वर्तमान में केन्द्र में मोदी सरकार ने अपने पिछले चार वर्ष में कितने किसानों का कर्ज माफ किया गया। श्री गांधी ने कहा श्री मोदी ने वादा किया था कि किसानों को उनके कृषि उत्पादन का उचित मूल्य मिलेगा लेकिन क्या आपको उचित मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार 15 से 20 अमीर लोगों को ढाई लाख करोड रुपये का ऋण दे सकती है लेकिन गरीब जनता को ऋण नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि अगर 2019 में हमारी पार्टी सत्ता में आयी तो हम खाद्य प्रसंस्करण शुरू करेंगे और बेरोजगार युवकों को रोजगार मिल सकेगा।

श्री गांधी ने कहा कि नीरव मोदी 35000 करोड रुपये लेकर देश छोड़कर भाग गया। उन्होंने कहा नीरव मोदी ने कितने लोगों को रोजगार दिया है। यदि दादाजी को पांच करोड रुपये दिये गये हाेते तो वे पांच हजार लोगों के लिए रोजगार का सृजन कर सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री मोदी देश के कुछ अमीर लोगाें को मदद कर रहे हैं लेकिन इन लोगों ने कितने लोगों को रोजगार दिया। उन्होंने कहा कि श्री मोदी अपने पहचान वालों को रुपये दे रहे हैं जिससे रोजगार का सृजन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में कच्चे तेल का दाम 140 रुपये प्रति बैरल होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम अधिक नहीं बढ़े थे लेकिन वर्तमान सरकार के समय कच्चे तेल का दाम लगभग आधा हो गया लेकिन पेट्रोल और डीजल के दामों में कम नहीं हो रही है। उन्होंने कहा हमने सरकार से आग्रह किया था कि पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के तहत लाएं लेकिन सरकार इसे जीएसटी के तहत लाना नहीं चाहती।
श्री मोदी ने जो वादा किया था उसमें से उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया क्योंकि उनका इरादे नेक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आयी तो सरकार किसानों के लघु उद्योग के लिए मदद करेगी। यदि जानकार लोगों को आर्थिक मदद दी जाय तो रोजगार का सृजन हो सकता है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी योग और स्वच्छता की बात करते हैं लेकिन जहां आवश्यक है वहां ध्यान नहीं देते। उन्होंने कहा कि देश के नेता की जिम्मेदारी है कि देश के लोगों में भरोसा का रास्ता दिखाये लेकिन श्री मोदी ऐसा नहीं कर सके और एक के बाद एक झूठ बोलते जा रहे हैं। 
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