विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 15 जून - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 15 जून 2018

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 15 जून

वनाधिकार अधिनियम के निरस्त दावों की पुनः समीक्षा करंे-कलेक्टर श्री सुचारी

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कलेक्टर श्री अनिल सुचारी की अध्यक्षता में आज वन अधिनियम 2006 के तहत विशेष अभियान अंतर्गत अमान्य एवं नवीन दावो की समीक्षा बैठक आज कलेक्टेªट के सभाकक्ष में आहूत की गई थी। उक्त बैठक में समस्त एसडीएम, वन विभाग के एसडीओ के अलावा आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक मौजूद थे। कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि 13 दिसम्बर 2005 की स्थिति में प्राप्त वनाधिकार अधिनियम के दावा आवेदनों के निराकरण से वंचित अथवा निरस्त हुए आवेदनांे की अनुविभाग स्तर पर पुनः समीक्षा की जाए। उन्होंने गरीब आदिवासियों के प्रति उदार प्रवृत्ति व्यवहार अपनाते हुए आवेदनों पर सकारात्मक कार्यवाही की जाए। कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि पूर्व में प्राप्त आवेदन जो निरस्त किए गए है। निरस्त होने के कारणों के साक्ष्यों को ध्यानगत रखते हुए अनुविभाग स्तर पर समीक्षा की जाए। 13 दिसम्बर 2005 के तहत अधिकतम चार हेक्टेयर भूमि के वनाधिकार पत्र संबंधित कब्जाधारी अािदवासियों को दिए जाने हैै। इसके अलावा गैर आदिवासियों के मामले में जारी दिशा निर्देशांे के अनुरूप कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा संबंधितों को दिए गए है। बैठक में बताया गया कि वनाधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक दावों की प्राप्ति के लिए अंतिम तिथि का निर्धारण नही है। सामुदायिक दावे कभी भी प्राप्त किए जा सकते है। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक श्री नरेन्द्र कुमार अवस्थी ने बताया कि जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदकों द्वारा कुल 2658 दावे प्रस्तुत किए गए थे। जिसमें से अब तक 1282 स्वीकृत किए गए है तथा शेष 1376 निरस्त किए गए है। इसी प्रकार अन्य परम्परागत निवासियों के 15502 कुल दावे प्राप्त हुए थे जिनका वनाधिकार समिति के द्वारा सत्यापित किया गया और ग्रामसभा द्वारा भी पारित किए गए है। उपखण्ड स्तरीय समिति द्वारा संकल्प पारित होने के उपरांत जिला स्तरीय समिति द्वारा अंतिम विनिश्चय निर्णय लिया गया है जिसमें अन्य परम्परागत निवासियों के 15500 दावे निरस्त किए गए है मात्र दो दावे ही स्वीकृत किए गए है। सामुदायिक दावो के संबंध में बताया गया कि जिले में कुल 154 प्राप्त हुए थे जिसमें से 20 अनुसूचित जनजाति वर्ग के तथा 134 अन्य परम्परागत निवासियों के दावे शामिल है। जिला स्तरीय समिति के द्वारा जनजाति वर्ग के प्राप्त 20 दावे में से चार स्वीकृत किए गए है शेष निरस्त किए गए है। इसी प्रकार अन्य परम्परागत निवासियों के कुल दावों में से 104 स्वीकृत किए गए है। वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत 12084 व्यक्तिगत दावे तथा 108 सामुदायिक दावकों को हक प्रमाण पत्र वितरित किए जा चुके है।  

आपदा प्रबंधन, पूर्व तैयारियों की बैठक सम्पन्न, पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश

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वर्षाकाल के दौरान जिले में किसी भी प्रकार की क्षति ना हो इसके लिए किए जाने वाले प्रबंधनों पर आज विचार विमर्श किया गया। कलेक्टर श्री अनिल सुचारी की अध्यक्षता में आहूत इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विनोद सिंह चैहान, समस्त एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने कहा कि जिले में अतिवर्षा होेेने से प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन किया जा चुका है। उन्होंने चुनावी तर्ज पर कार्ययोजना तैयार करने, सम्पर्क नम्बरों की सूची संधारित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि जिले में जो भी जलाश्य, नदियां है जिनके माध्यम से वर्षारूपी जल बस्तियों, शहर में भरता है का चिन्हांकन पूर्व में किया जा चुका है। इसके अलावा और नए क्षेत्रों में जलभराव की संभावना हो तो उसकी सूची तैयार की जाए। वर्षाकाल के दौरान समस्त एसडीएम, तहसीलदार सतर्क रहें और जिला कार्यालय, राज्य के बाढ़ आपदा कंट्रोल रूम से सतत सम्पर्क बनाए रखें। बांधो का पानी छोड़ने से पूर्व संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों को चेतावनी दी जाए। बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार से जनहानि ना हो के प्रबंध पूर्व में सुनिश्चित किए जाए। इसी प्रकार पशु हानि भी ना हो पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने पर उन्होंने बल दिया। कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि जिन विभागोें की सड़कों पर पुल-पुलिया है कि सूची तैयार की जाए और बाढ़ से प्रभावित होने वाली पुल-पुलियों पर बेरीकेट् लगाने और चैकीदार तैनात करने की जबावदेंही संबंधित विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम का गठन किया जाता है ठीक वैसे ही तहसील स्तरों पर कार्यवाही की जाए। उन्होंने तहसीलों पर स्थापित वर्षामापी यंत्रो की जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावितों को जिन राहत शिविरों में रखा जाएगा की सूची पूर्व में तैयार करने और राहत शिविरों में तमाम बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति कराए जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि भोपाल के जलाश्य, तालाबों से छोडा जाने वाला पानी जिले की नदियों के माध्यम से प्रवाहित होता है। इसलिए भोपाल के कंट्रोल रूम के नम्बरों से सतत सम्पर्क बनाए रखें। कि कब-कब पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान ना दें। क्षेत्र के कोटवारों सहित अन्य शासकीय अमले को प्रशिक्षित किया जाए और उनके सम्पर्क नम्बरों की सूची तैयार की जाए। इस बैठक में डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेट होमगार्ड श्री उमेश तिवारी ने बाढ़ आपदा प्रबंधन पर आधारित महत्वपूर्ण जानकारियां एवं पूर्व तैयारियों और राहत बचाव के कार्यो को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हर विभाग को अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार कर इसकी प्रति गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी उपलब्ध कराई जाए। जिसमें मुख्य रूप से नोड्ल अधिकारी एवं उसके सहायक का नाम एवं सम्पर्क नम्बर, बाढ़ आपदा प्रबंधन के संबंध में बचाव स्त्रोतों की जानकारी दी जानी है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की बैठक समस्त एसडीएम अपने स्तर पर आहूत कर स्थानीय स्तर पर किए जाने वालीे प्रबंधनों की सूची संधारित करें। इस दौरान बाढ़ के प्रकार, बाढ़ से खतरा, बाढ़ के प्रभाव, बाढ़ के दुष्परिणामों को बढाने वाले कारक तैयार योजना, पूर्व चेतावनी तंत्र, निर्धारित स्थलों की तैयारियां, बाढ़ के पहले की तैयारी, आपातकालीन वस्तुएं, बाढ़ के दौरान त्वरित किए जाने वाले कार्य, प्रभावितों को राहत शिविरों में ठहराने के प्रबंध, बाढ़ संबंधी चेतावनी देने, चेतावनी के उपरांत किए जाने वाले कार्य, पानी में डूबे व्यक्ति की सहायता, बाढ़ के बाद सामान्य जनजीवन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक तहसील में विभाग के माध्यम से चार-चार गोताखोर, लाइफ जैकेट, नाव मुहैया कराई गई है। उन्होंने स्थानीय स्थल के गोताखोरो की सूची तैयार कर एक प्रति होमगार्ड कार्यालय को उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही, बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यो की चेकलिस्ट भी सभी विभागों को प्रदाय की गई।

टीम गठन
आपदा प्रबंधन के तहत जिला मुख्यालय, तहसील, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर पर टीम गठित करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए। प्रत्येक टीम में पांच-पांच सदस्यों के अलावा स्थानीय गणमान्य नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा। 

राहत शिविर
कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि बाढ़ आपदा के दौरान प्रभावितों को जिन स्थलों, स्कूलों में रूकवाने की व्यवस्था की जाती है वहां पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं पूर्व में ही ईजाद की जाए। 

उपकरणों का परीक्षण
कलेक्टर श्री सुचारी ने डिस्ट्रिक्ट होमगार्ड कमाण्डेट को निर्देश दिए कि बाढ़ से बचाव के उपयोग मंे लाई जाने वाली सामग्री की जांच पड़ताल पूर्व में कर ली जाए और आवश्यकतानुसार नई सामग्री क्रय करने की कार्यवाही की जाए। कलेक्टर श्री सुचारी ने अन्य अनुविभागों को उपलब्ध कराई गई सामग्री की जानकारी प्राप्त की। जिसमें मुख्य रूप से बोट, नाव, लाइफ जैकेट, उच्च क्वालिटी की टार्च, रस्सा, तार, इत्यादि के संबंध में अवगत कराया गया। 

नोड्ल अधिकारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार चैहान ने कहा कि प्रत्येक विभाग के नोड्ल अधिकारी वर्षाकाल अवधि में सतत सम्पर्क में बने रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर अमले सहित बचाव राहत स्थल पर अविलम्ब पहुंचेगे। उन्होंने ऊर्जा विभाग और नगरपालिका की एक-एक टीम पुलिस थानों में समुचित उपकरणों सहित मौजूद रहेगी।

निःशक्त दम्पति को दो लाख रूपए की सहायता

निःशक्त विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से क्रियान्वित योजना के तहत आज कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने नव युगल निःशक्त दम्पति को दो लाख रूपए की सहायता प्रोत्साहन राशि प्रदाय की। सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि निःशक्त पूजा शर्मा ग्राम पैरवारा तहसील विदिशा का विवाह बरईपुरा विदिशा के श्री गौरव चतुर्वेदी से 24 अपै्रल को हुआ है। दोनो में से पत्नी निःशक्त होने पर श्रीमती पूजा शर्मा को दो लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि का चेक आज प्रदाय किया गया है।

कहानी सच्ची है : पहले रोजगार को भटक रहे थे, अब दूसरों को रोजगार दे रहें है, एक योजना ने कईयों को रोजगार दिया

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सम्राट अशोक अभियांत्रिकी संस्थान (एसएटीआई) से बीई होल्डरधारी श्री ललित पंथी के जीवन में एक योजना ने परिवर्तन लाया है। जहां पहले ललित स्वंय रोजगार के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। पर एक योजना ने उन्हें दूसरों को रोजगार देेने में पंथी को सक्षम बनाया है। विदिशा के ग्राम पठारी हवेली में हितग्राही ललित पंथी ने फ्लायएस विस्क का यूनिट रानी दुर्गावती योजना के तहत फायनेंस कराया है। उक्त योजना ने हितग्राही के प्रगति के द्वार सोपानों को आगे बढाया है। चर्चा के दौरान हितग्राही पंथी ने बताया कि एसएटीआई से सिविल  से बीई करने के बाद कुछ समय के लिए निजी कंपनियोें में काम मिला किन्तु मन माफिक सम्मान नही मिलने की ठेस ने शासकीय योजना की ओर अग्रसर किया। उद्योग विभाग के माध्यम से क्रियान्वित योजना के तहत 25 लाख रूपए का लोन आईडीबीआई बैंक की खरी फाटक शाखा के द्वारा वर्ष 2017-18 में स्वीकृत किया था। पर्यावरण के कारण मिट्टी की ईंटो के भटटो से होने वाले दुष्प्रभाव को ध्यानगत रखते हुए मेरे द्वारा फ्लायएस विस्क का यूनिट फायनेंस कराई गई है जिससे किसी भी प्रकार का पर्यावरण प्रदूषित नही हो रहा है। हर रोज 10-12 हजार ईंटे फैक्टरी के माध्यम से बनाई जा रही है। फेैक्टरी जिसमें 15 मजदूरों को भी रोजगार मिला है। शासकीय निर्माण कार्यो के साथ-साथ निजी निर्माण कार्यो में फ्लायएस विस्क की मांग लगातार बढ़ रही है इस कारण से मेरा रोजगार दिन-प्रतिदिन बढता जा रहा है कई बिल्डर्सो द्वारा मुझे अग्रिम आर्डर दिए जा रहे है। प्रत्येक माह 42 हजार रूपए की किश्त बैंक में जमा कर रहा हूं। वही प्रत्येक मजदूर को माह में आठ से दस हजार रूपए की मजदूरी का भुगतान कर रहा हूं। हितग्राही ललित पंथी फ्लायएस विस्क के साथ-साथ अब पेबरब्लाक बनाए जाने का यूनिट स्थापित करने की इच्छा रखते है। इस हेतु उनके द्वारा बैंको से सम्पर्क किया जा रहा है। निश्चित ही एक योजना ने हितग्राही ललित पंथी समेत अन्य के जीवन में आशातीत बदलाव लाया है। ग्राम के लोगों को गांव में ही हर रोज मजदूरी मिल रही है। हितग्राही पंथी अपने दोनो बच्चों को जिले के प्रतिष्ठित निजी संस्थाओं में पढा रहे है।

किसानों ने जानी उन्नत तकनीकी

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जिले में कृषि कल्याण अभियान के अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन सतत जारी है। आकांक्षी जिले के चिन्हित 25 ग्रामों में रायसेन के कृषि विज्ञान केन्द्र तथा विदिशा आत्मा परियोजना के संयुक्त प्रयासों से आयोजित होेने वाले कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को उन्नत तकनीक की जानकारी विस्तारपूर्वक सहज तरीकों से बताई जा रही है। साथ ही साथ आधुनिक तकनीकी का प्रयोग करने से पैदावार में होने वाले परिवर्तन को भी उदाहरणों सहित प्रस्तुत किया जा रहा है।  विदिशा तहसील के ग्राम बर्रो में ततसंबंधी शिविर गत दिवस आयोजित किया गया था जिसमें केवीके रायसेन के डाॅ स्वप्निल दुबे ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड हर किसान बनवाए का आग्रह किया। उन्होंने नाडेप टांका तथा कृषि में विभिन्न उन्नत तकनीकियों के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी दी। डाॅ सर्वेश त्रिपाठी ने खरीफ फसलों में किसान बोनी करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक है उनमें बीजोपचार, बीज की सही मात्रा, पौधे से पौधों की उचित दूरी एवं उर्वरक का सही प्रबंधन कैसे करें की जानकारी दी। उन्होंने अतिरिक्त आमदनी के लिए मधुमक्खी पालन, फूलो एवं सब्जियों-फलो की खेती  करने हेतु प्रेरित किया। वही डाॅ अंशुमन गुप्ता ने खेती के साथ-साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्यपालन, मशरूम उत्पादन की ओर भी कदम रखने का आग्रह किसानों से किया। उन्होंने वर्षा से पूर्व पशुओं का टीकाकरण क्यों जरूरी है कि भी जानकारी दी। इस दौरान उनके द्वारा अनेक पशुओं का टीकाकरण भी किया गया है। उपस्थित किसानों को उद्यानिकी फसलों की भी जानकारी दी गई। 

गुलाबगंज तहसीलदार को निलंबित करने की मांग को लेकर फूॅका जिला प्रषासन का पुतला

विदिषाः गुलाबगंज तहसीलदार द्वारा गुलाबगंज निवासी चंद्रमोहन रतोसिया की दुकान बलपूर्वक तोड दी गई थी। तहसीलदार के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर चंद्रमोहन के बुजुर्ग माता-पिता पिछले तीन दिनों से कलेक्ट्रेट के समीप भूख हडताल पर बैठे है। कामगार कांग्रेस के तत्वाधान में अनषन स्थल पर चेतावनी सभा का आयोजन किया गया लगभग 2 घंटे चली सभा को संबोधित करते हुए सभी वक्ताओं ने जिला प्रषासन की असंवेदनशीलता को लेकर अफसोस जताया। वक्ताओं ने कहा कि पिछले तीन दिनों से बुजुर्ग दम्पत्ति न्याय पाने के लिए भूखे बैठे है लेकिन प्रषासन का कोई नुमांईदा उनसे मिलने तक नहीं पहुॅचा ये शर्मनाक है। सभी वक्ताओं ने जिला प्रषासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब ये दंपत्ति अकेले नहीं है कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता इनके साथ है। वक्ताओं ने मांग की जिला प्रषासन द्वारा तत्काल गुलाबगंज तहसीलदार धीरेन्द्र गुप्ता को निलंबित किया जाए साथ ही पीडित परिवार को 4 लाख रूपये का मुआवजा देकर नुकसान की भरपाई की जाए अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा। चेतावनी सभा के उपरांत जिला प्रषासन का पुतला फॅूका गया जिसे बुझाने को लेकर हुई अफरा-तफरी के दौरान कांग्रेस नेत्री आषासिंह राजपूत घायल होकर बेहोष हो गई इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं ने मुख्य सडक पर चक्कजाम कर दिया। इस दौरान लगभग आधा घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा प्रषासन द्वारा कांग्रेस नेत्री आषा राजपूत को एंबूलेंस द्वारा जिला चिकित्सालय भेजा गया जहाॅ उनका उपचार जारी है। उग्र आंदोलन के दौरान असंगठित कामगार कंाग्रेस, युवा कंाग्रेस, ओ.बी.सी. एस.सी. एस.टी. एकता मंच के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहें। मुख्य रूप से दीपक बाजपेई, देवेन्द्र राठौर, आषा राजपूत, अजय कटारे, राजा यादव, अंषुज शर्मा, रामलाल अहिरवार, रमेष तिवारी, रवि साहू, बंटी सक्सैना, मुकेष चैधरी, निषीथ मिश्रा, अभिराज शर्मा, लालू लोधी, सरूण गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, शैलेन्द्र रघुवंषी, राजेष रघुवंषी, भोला अहिरवार, उमा अहिरवार, दीना चैधरी, प्रभूलाल, अमरसिंह, दीपक दुबे, पानबाई, सियाबाई, देवकुमार अहिरवार, रामकिषन अहिरवार सहित कई कार्यकर्ता पीडित परिवार के समर्थन उपस्थित रहें। 
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