बिहार : बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के आह्वान पर 15 सूत्री मांग को लेकर चौथे दिन भी कार्य बहिष्कार - Live Aaryaavart

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बुधवार, 8 अगस्त 2018

बिहार : बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के आह्वान पर 15 सूत्री मांग को लेकर चौथे दिन भी कार्य बहिष्कार

सी.डी.पी.ओ.शनबन दानापुरी द्वारा फुलवारी की सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा 
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पटना (आर्यावर्त डेस्क) । बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के आह्वान पर पोलियो उन्मूलन अभियान का कार्य का बहिष्कार जारी है. रविवार 5 अगस्त से ही आंगनबाड़ी कर्मचारी पोलियो उन्मूलन अभियान का कार्य का बहिष्कार कर रही हैं.आज बहिष्कार चौथा दिन है. बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिला अध्यक्ष कुमारी रंजना यादव ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों को समेकित विकास हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है वहीं दूसरी तरफ आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं को बहुत ही निम्न मानदेय देकर एक से अनेक कार्य निष्पादित किया जाता है.इस बढ़ती मंहगाई में सरकार के अंतर्गत कार्य की अनुशंसानुसार वेतनवृद्धि के साथ -साथ समय- समय पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर मंहगाई भत्ता की बढ़ी राशि भी दी जा रही है.विडम्बना यह है कि सेविकाओं/सहायिकाओं द्वारा की किया जाना सरकार की सोच पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है.अनेक प्रकार के दबावों ,चयन मुक्ति की धमकी,डरा-धमकाकर काम क के नाम प निर्धारित चार घंटे की कार्यावधि के विपरित 8 घंटे से अधिक काम लिया जाना,सेवा शर्तों के खिलाफ है. 15 सूत्री मांग है.आंगनबाड़ी सेविका/सहायिकाओ को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए सेविका को क्लास lll एवं सहायिका को IV के रूप में समायोजित किया जाय.जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता सेविका 18000 रू.एवं सहायिका को 12000 रू.मानदेय राशि दिया जाय.54 दिन हड़ताल उपरांत 16 मई ,2017 को हुए समझौता के आलोक में लम्बित मांगों का शीघ्र निष्पादन किया जाय. गोवा,तेलांगना व अन्य राज्यों की भांति बिहार सरकार द्वारा भी 7000 रू.सेविका एवं 4500 रू.सहायिका को अतिरिक्त राशि दिया जाय.सेविकाओ को पर्यवेक्षिका एवं को सेविका के पद पर शत प्रतिशत पदों पर पदोन्नति दी जाय तथा उम्र सीमा समाप्त किया जाय.सेवानिवृति के पश्चात 5000 मासिक पेंशन या एक मुश्त पांच लाख सहायता राशि एवं बीमा का लाभ सुनिश्चित किया जाय.आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन मार्ग दर्शिका एवं दण्डनिरूपण की प्रक्रिया कानून सम्मत बनाया जाय.चार घंटा से अधिक काम के लिए मजबूर न किया जाय,अन्यथा काम का समय 8 घंटा निर्धारित किया जाय.समान काम के लिए समान वेतन प्रणाली लागू किया जाय तथा मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को भी समान मानदेय दिया जाय.हड़ताल अवधि का मानदेय न काटकर छुट्टी एवं कार्य  में समायोजन किया जाय.निर्धारित कर्तव्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों में प्रतिनियुक्त नहीं करने से संबंधित विभागीय परिपत्र सं.768 दिनांक 27.02.2012 का अनुपालन सुनिश्चित किया जाय.यदि अपरिहार्य हो तो प्रतिनियुक्ति संबंधी लिखित आदेश एवं कार्य अनुरुप अनुमान्य पारिश्रमिक का भुगतान अनिवार्य से किया जाय.मंहगाई के आलोक में मकान किराया भत्ता की राशि में समुचित वृद्धि कर भुगतान की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए नियमित भुगतान तथा लम्बित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाय.बिना भौतिक सत्यापन के पोषाहार राशि की वसुली पर तुरंत रोक लगाई जाय एवं वसूल की गई राशि को शीघ्र वापस किया जाय.आंगनबाड़ी का किसी तरह का निजीकरण नहीं किया जाय और जीविका ,गैर सरकारी संगठनों स्वयं सहायता समूहों ,कारपोरेट आदि को सौंपने की साजिश पर रोक लगायी जाय. इस बीच पटना सदर, नौबतपुर, फुलवारी, दानापुर ,मनेर और बिहटा प्रखंड की सी.डी. पी.ओ. मिलकर एफ.आई.  आर.करने की धमकी दे रही हैं. बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की कुमारी रंजना यादव ने कहा कि धमकी देने वाली में रेणु कुमारी सदर 3 की, प्रियंका कुमारी सदर 4 की, सुगंधा शर्मा नौबतपुर की रशिम कुमारी, फुलवारी की शबनम दानापुर , बिहटा की मूुदु़ला कुमारी, मनेर की कुमारी चैतमीया, दानापुर की कुमारी प्रगति हैं.जो मानसिक तनाव देने में अग्रणी हैं. और तो और सभी सी. डी. पी. ओ. मिलकर एफ. आई.आर. करने की धमकी दे रही हैं.आगे कहा कि फुलवारी की सी. डी. पी.ओ. शबनम दानापुरी ने सभी सेविका बहनों को पोलियो बहिष्कार के लिए मानसिक शोषण की हैं.अब तो स्पष्टीकरण भी निकाकर मानसिक यातना दे रही हैं.
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