दुमका : बाबा के भक्तों की सेवा से आत्मा तृप्त हो जाती है : बासुकीनाथ सेवा समिति - Live Aaryaavart

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रविवार, 5 अगस्त 2018

दुमका : बाबा के भक्तों की सेवा से आत्मा तृप्त हो जाती है : बासुकीनाथ सेवा समिति

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) पिछले 27 वर्षों से जलार्पण के लिये बासुकिनाथ पहुँच रहे श्रद्धालुओं की तन-मन-धन से सेवा कर रही बासुकीधाम सेवा समिति प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी काफी उत्साहित हे। झारखंड के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक बासुकीनाथ धाम में पूरे एक माह तक श्रद्धालुओं की लम्बी कतार बनी रहती है। पूरी आस्था के साथ भक्त बाबा पर जलापर्ण करें इसके लिए जहाँ एक ओर जिला प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्थाएं कर रखी हैं वहीं दूसरी ओर कई सामाजिक संगठनों द्वारा भक्तों की सेवा की जा रही है। बासुकीनाथ सेवा समिति उनमें से एक है। श्रद्धालुओं को सेवा में तत्पर आमजनों की तत्परता से मुश्किलें और भी आसान हो जाती हैं। बासुकीनाथ सेवा समिति के कमल किशोर का कहना है- बाबा के भक्तों की सेवा में जो आंनद है वह कही और नहीं। भक्तों की सेवा से आत्मा तृप्त हो जाती है। अध्यक्ष राजेश खेतान, उपध्याक्ष होसिवारी मल अग्रवाल, विजय कुमार अग्रवाल व सचिव कमल किशोर केजरीवाल का कहना है समिति द्वारा आयोजित निःशुल्क भोजन शिविर में बाबा के भोजन करते है, समिति की सबसे बड़ी पूजा यही है। 27 वर्षों से समिति निरंतर प्रत्येक वर्ष पूरे माह तक श्रद्धालुओं को निःशुल्क भर पेट भोजन कराती आ रही है। सेवा करने के और भी तरीके हैं, श्रद्धालुओं को भोजन कराना ही क्यों चुना ? जबाव में समिति के कमल किशोर कहते हैं वर्ष 1990 की बात है। श्रावणी माह में वे बाबा के दरबार पहुँचे थे। जलार्पण के बाद भोजन की इच्छा हुई। एक स्थान पर भोजन किया और शुल्क के रुप में दूकानदार को 70 रुपये दिए। उनकी भूख किन्तु इससे नहीं मिटी। उन्होंने महसूस किया कि उनके पास पैसे थे तो उन्होंने भोजन के पैसे दे दिये किन्तु बाबा के कई भक्त ऐसे भी होंगे जिनके पास इतने पैसे नहीं रहते होंगे, ऐसी स्थिति में वे तो भूखे ही लौट जाते होंगे इस पवित्र धरा से। उसी दिन निर्णय लिया कि भूखांे को वे भरपेट भोजन कराऐंगे। उसी निर्णय का परिणाम है कि प्रति वर्ष बिना किसी भेदभाव के भक्तों की सेवा में यह समिति लगी। उनका कहना है जिला प्रशासन का सहयोग लगातार समिति को मिल रहा है। उनका कहना है पूरे माह तक तकरीबन एक लाख श्रद्धालुओं को निः शुल्क भोजन कराती है हमारी समिति। भविष्य में श्रद्धालुओं को और भी सुविधा उपलब्ध कराने की बात समिति के सदस्य कहते हैं।  मेला के आठवें दिन दर्शनार्थियों की कुल संख्या 64, 224 रहीः मेला के आठवें दिन संध्या 4 बजे तक दर्शनार्थियों की कुल संख्या 64, 224 रही। दर्शनार्थी 53746 व जलार्पण कांउटर से 10, 478 श्रद्धालुओं ने बाबा पर जलार्पण किया। 1, 401 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम के माध्यम से जलार्पण किया। दिन शनिवार को गोलक से 53, 290 रुपये की प्राप्ति हुई।  अन्य स्त्रोत से 7, 258 की राशि प्राप्त हुई। 5-5 ग्राम के कुल 14 व 10-10 ग्राम के कुल 33 चाँदी के सिक्कों की बिक्री हुई। गोलक से 75 ग्राम चाँदी प्राप्त हुआ। राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2018 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गये विभिन्न चिकित्सा शिविरों में दिन शनिवार को  कुल 2, 323 श्रद्धालुओं का निःशुल्क चिकित्सा कराया गया। 20 शय्या वाले वातानुकूलित टेन्ट अस्पताल बासुकिनाथ में 333, मुख्य प्रशासनिक शिविर में 737, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जरमुण्डी में 62, प्राथामिक स्वास्थ्य केन्द्र तालझारी में 149, स्वास्थ्य शिविर सहारा में 36, राजस्व तहसील कचहरी बासुकिनाथ मंे 182, रेलवे स्टेशन बासुकिनाथ में 68, कांवरियां केम्प बोगली में 103, कांवरियां केम्प मोतीहारा में 76, कांवरियां केम्प सुखजोरा में 97, स्वास्थ्य उपकेन्द्र बासुकिनाथ में 86, स्वास्थ्य शिविर सिंह द्वार में 250 व मेडिकल मोबाईल यूनिट में 52 श्रद्धालुओं की चिकित्सा व्यवस्था करायी गई। 776 लोगों को वैक्सिन इस दौरान दिये गय हुआ। े। 
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