मधुबनी : पंचयत सचिव के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई - Live Aaryaavart

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बुधवार, 1 अगस्त 2018

मधुबनी : पंचयत सचिव के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई

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मधुबनी (आर्यावर्त डेस्क) 01, अगस्त, श्री गंगा प्रसाद, तत्कालीन पंचायत सचिव-सह-सदस्य सचिव,पंचायत केवटना,प्रखंड-घोघरडीहा वत्र्तमान-लखनौर द्वारा श्री जय प्रकाष यादव के नियोजन में स्नातक परीक्षा में प्राप्त अंक 376 को बदलकर 576 अंक अंकित करते हुए नियोजन किया गया। मामले की सुनवाई माननीय लोकायुक्त,बिहार,पटना के कार्यालय में की गयी एवं माननीय लोकायुक्त महोदय द्वारा सुनवाई के क्रम में नियोजन ईकाई पर अनुषासनिक/आपराधिक कार्रवाई किये जाने हेतु दिये गये निदेष के आलोक में मामले की सम्यक समीक्षोपरांत उक्त अनियमितता/फर्जीवाड़ा के लिए नियोजन ईकाई,ग्राम पंचायत-केवटना,प्रखंड-घोघरडीहा  के तत्कालीन पंचायत सदस्य सचिव-सह-पंचायत सचिव श्री गंगा प्रसाद को पूर्ण रूप से जिम्मेवार मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण,नियंत्रण एवं अपील) नियमावली,2005 के नियम(1)(क) एवं (ग) के आलोक में श्री गंगा प्रसाद,तत्कालीन पंचायत सचिव,ग्राम पंचायत-केवटना,प्रखंड-घोघरडीहा,वर्तमान-लखनौर प्रखंड को इस कार्यालय के आदेष ज्ञापांक 2427/जि0पं0,दिनांक 20.12.2016 के तत्कालीन प्रभाव से निलंबित करते हुए प्रपत्र ‘क‘ में आरोप का गठन कर ज्ञापांक-139 जि0पं0 दिनांक 02.02.17 द्वारा दिये गये निदेष के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी सह अपर समाहत्र्ता,मधुबनी के पत्र संख्या 223/रा0गो0दिनांक 04.070.17 से प्राप्त जांच प्रतिवेदन आरोपी कर्मी यथा-श्री गंगा प्रसाद,तत्कालीन पंचायत सचिव-सह-सदस्य सचिव,पंचायत केवटना,प्रखंड-घोघरडीहा वत्र्तमान लखनौर के विरूद्ध वर्ष 2005 के षिक्षक नियोजन के मेधा सूची में अपलेखन(छेड़-छाड़) कर गलत मेधा सूची तैयार कर षिक्षक के रूप में नियोजित किये जाने का आरोप प्रमाणित पाया गया।  संचालन पदाधिकारी -सह-अपर समाहत्र्ता,मधुबनी के पत्र संख्या-223/रा0गो0 दिनांक 04.07.2017 से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत आदेष निर्गत की तिथि से श्री गंगा प्रसाद,तत्कालीन पंचायत सचिव-सह-सदस्य सचिव पंचायत-केवटना,प्रखंड-घोघरडीहा वत्र्तमान लखनौर को निलंबन मुक्त करते हुए श्री गंगा प्रसाद का पदस्थापन मधेपुर प्रखंड में किया गया है। साथ ही श्री प्रसाद को आदेष दिया गया कि आदेष प्राप्ति के 7 दिनों के अंदर अपना प्रभार सौंपकर नवपदस्थापन प्रखंड में योगदान करना सुनिष्चित करेें। साथ ही उपरोक्त बरती गयी प्रमाणित अनियमितता के लिए दो वर्षो के लिए प्रोन्नति पर रोक एवं संचायात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक की कार्रवाई की गयी है।
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