बिहार सरकार के अनुदान से संचालित है बिहार भूदान -यज्ञ कमिटीकटिहार समाहरणालय में स्थित जिला भूदान यज्ञ कार्यालय के 7 वेतनभोगियों को 47 माह से वेतनादि नहीं
कटिहार: जब सत्ता में लालू प्रसाद यादव थे.तब नारा गूंजता था.आधी रोटी खाएंगे,फिर भी स्कूल जाएंगे. अब सत्ता में तेजस्वी के चाचा नीतीश कुमार हैं.जिले के समाहरणालय में स्थित जिला भूदान यज्ञ कार्यालय के 7 वेतनभोगी कर्मचारियों को 47 माह से वेतनादि नहीं मिलने पर कहते हैं कि आधी रोटी खाएंगे और मुस्तैदी से काम करेंगे. लालू प्रसाद यादव परिवार से सत्ता हथियाने के बाद नीतीश कुमार प्रथम बार सी.एम.बने.तबतक वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतन नियमित और बारह माह का मिल जाता था.द्वितीय बार सी.एम.बने तो वेतन मिलना मुश्किल होने लगा.2011 में सिर्फ 5 माह का वेतन मिला.2011 में 7 माह का, 2012 में 6 माह का , 2013 में 6 माह का, 2014 में 6 माह , 2015 में 7 माह का, 2016 में 8 माह का और 2017 में 5 माह का कुल मिलाकर 47 माह का वेतन नहीं मिला है. बिहार के द्वारा बिहार भूदान -यज्ञ कमिटी,पटना को 1 करोड़ 65 लाख रू.बतौर अनुदान मिलता है. पटना में बैठे कमिटी के लोग 10 माह तक का वेतन निकासी करके शेष राशि को 38 जिलों के बीच में वितरित कर देता है.अंतिम बार अनुदान अगस्त, 2017 में आया था. सीधे एक साल से वेतन नहीं मिल रहा है. अनुदान पर चलने वाली कमिटी के कर्मी और उनके बच्चे दाने- दाने के लिए मोहताज हैं.फिर भी आपके कर्मी नीतीश जी कहते हैं कि आधी रोटी खाएंगे फिर भी मुस्तैदी से काम करेंगे.हुजूर !आपका भी कुछ फर्ज बनता हैं 38 जिले के भूदान कर्मियों के

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