झारखंड में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आएँ। : : रघुवर दास - Live Aaryaavart

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बुधवार, 5 सितंबर 2018

झारखंड में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आएँ। : : रघुवर दास

जहां से बुद्ध की आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई  (इटखोरी)  के दर्शन के लिए आएँ
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अमरेन्द्र सुमन, दुमका-रांची, भारत की धरती पर चीन के हेनान प्रांत से आने वाले ह्वेनसांग व फाहियान भारत के इतिहास के अमिट हस्ताक्षर हैं। झारखण्ड के इटखोरी से ही भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक यात्रा की शुरूआत हुई थी। हेनान प्रान्त से हमारे अतीत के बेहतर रिश्तों की तरह भविष्य में भी बेहतर संबंध की अपेक्षा है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 5 सितंबर 2018 की देर शाम चीन के हेनान प्रान्त के कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन के पार्टी सेक्रेटरी वांग गोउसांग  (Wang Guoshang) के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के क्रम में यह बात कही। मुख्यमंत्री ने झारखंड  में 29-30 नवंबर 2018 को आयोजित होने वाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट- 2018 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें विश्व के कई देशों के एग्रिकल्चर व  फूड प्रोसेसिंग से संबंधित कंपनियां भाग लेंगी। हेनान प्रांत में फूड प्रोसेसिंग की लगभग 30 हजार से अधिक कंपनियां काम कर रही  हैं, झारखंड में इनके निवेश की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने श्री वॉन (Wang Guoshang) सहित हेनान प्रांत के प्रतिनिधिमंडल को ग्लोबल एग्रीकल्चर फूड समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। बैठक में श्री वॉन (Wang Guoshang) ने मुख्यमंत्री रघुवर दास का स्वागत किया। भारत व चीन के बढ़ते संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा  कि इस साल भारत के प्रधानमंत्री   व   चीन के राष्ट्रपति के बीच तीन बार मुलाकात हो चुकी है और ये भारत-चीन के कूटनीतिक संबंधों को एक नया आयाम दे रहा है। इसी के संदर्भ में झारखण्ड के मुख्यमंत्री की अगुवाई में एक शिष्टमंडल हेनान प्रांत आया है, इससे दोनों राज्यों के संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि हेनान चीन की सबसे घनी आबादी वाला राज्य है जिसकी आबादी 10 करोड़ है। हेनान एक अच्छा ट्रांस्पोर्टेशन हब है, जहां पर हाई स्पीड रेल नेटवर्क है, साथ ही वाटर-वेज के यहां कई अच्छे पोर्ट्स बने हुए हैं। हेनान नदी, पहाड़, मैदानी क्षेत्र है,इसके अलावा मिनरल के मामले में भी हेनान काफी सम्पन्न प्रांत है। हेनान का एक समृद्ध विरासत (हेरिटेज) रहा है,  ये पूर्व में चीन की राजधानी भी रह चुकी है। चीन के इतिहास में हेनान का अलग महत्व है। वाणिज्यिक दृष्टि से हेनान चीन का 5वां सबसे बड़ा प्रांत है। हेनान ने कृषि में काफी सराहनीय कार्य किया है। चीन की एक तिहाई कृषि हेनान में होती है। हेनान में करीब 30 हजार फूड प्रोसेसिंग की कंपनियां हैं।  फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री का टर्नओवर करीब 10 ट्रिलियन है। करीब 3 मिलियन सेलफोन का प्रोडक्शन हेनान में होता है, जो कि चीन के सेलफोन प्रोडक्शन का 1/7 है। हेनान के साथ झारखण्ड के अच्छे संबंध स्थापित हो सकते हैं। भारत में इंडस्ट्री के दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, इसके साथ ये कृषि प्रधान राज्य भी है। श्री वॉन(Wang Guoshang) ने झारखंड के विकास दर इज ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रशंसा करते हुए कहा यह संभावनाओं से भरा हुआ राज्य है।  वार्ता में दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने श्री वॉन (Wang Guoshang) से झारखण्ड के बारे में बताया और ये भी बताया कि झारखण्ड भगवान बुद्ध का बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है। ईटखोरी में भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई थी। बुद्धिज्म के दृष्टिकोण से हेनान प्रांत का झारखण्ड से काफी गहरा नाता स्थापित हो सकता है। मुख्यमंत्री  रघुवर दास के नेतृत्व में गए शिष्टमंडल में ग्रामीण विकास मंत्री  नीलकंठ सिंह मुंडा, नगर विकास मंत्री  सीपी सिंह, भू- राजस्व मंत्री  अमर कुमार बाउरी, विकास आयुक्त  डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल एवं मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव अंजन सरकार सम्मिलित हैं।
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