एक कविता : विश्वास - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 8 सितंबर 2018

एक कविता : विश्वास

एक ख्वाहिश तो कर सही,
एक विश्वास के साथ,
फिर विश्वास खुद अपना काम करेगा,
तुझे तो बस अपना विश्वास बनाए रखना है,

तू अच्छा सोच, या बुरा सोच
जिसमें भी विश्वास बुनेगा, वही होगा

सोच सही रख, सच्ची रख,
विश्वास बुलंद कर उसमें,
विश्वास में वो ताकत है,
जो तू सोचेगा, वही मिलेगा,

तू अच्छा सोच, या बुरा सोच
जिसमें भी विश्वास बुनेगा, वही होगा

तेरा विश्वास ही था,
जो अब तक तू हारा है,
अब इस विश्वास को जीत पर लगा,
जिसने भी लगाया, उसने कर दिखाया,
अब बारी तेरी है,

तू अच्छा सोच, या बुरा सोच
जिसमें भी विश्वास बुनेगा, वही होगा

पार पाना मुश्किलों से, मुश्किल नहीं
दुनिया मे कुछ ऐसा नहीं, जो हासिल नहीं
विश्वास में वो ताकत है
जो तू सोचेगा, वही मिलेगा

तू अच्छा सोच, या बुरा सोच
जिसमें भी विश्वास बुनेगा, वही होगा



sunil-goel

सुनील गोयल
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