दुमका : खाद्य सुरक्षा अधिनियम के किर्यान्वयन हेतु प्रमंडलस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन - Live Aaryaavart

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बुधवार, 19 सितंबर 2018

दुमका : खाद्य सुरक्षा अधिनियम के किर्यान्वयन हेतु प्रमंडलस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन), आयुक्त संपप्र, दुमका भगवान दास की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के किर्यान्वयन हेतु इंडोर स्टेडियम, दुमका में प्रमंडल स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन आयुक्त ने दीप प्रज्जवलित कर किया। आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को जन-जन तक पहुचाने के लिए इस दिशा में कार्य करने की जरूरत है। इस अधिनियम का उद्धेश्य जरुरतमंदों को अनाज उपलब्ध कराना है। योग्य लाभुक इससे वंचित न रहे इस पर विशेष ध्यान रखने की जरुरत है। अयोग्य लाभुक इस योजना के माध्यम से अनाज प्राप्त कर रहें हों तो उन्हें चिन्हित किया जाय। जिला प्रशासन के अधिकारी टीम बनाकर अयोग्य लोगों को चिन्हित करने का कार्य करें ताकि योग्य लोगों को सरकार की योजना का लाभ मिल सके। समाज के हर व्यक्ति को मिलकर इस अधिनियम को आगे बढ़ाने की जरुरत है। प्रमण्डल के सभी जिलों के उपायुक्तों को निदेश देते हुए आयुक्त ने कहा कि  कार्यशाला को जिलास्तर पर चलाया जाय ताकि अधिक से अधिक व्यक्ति जागरुक हो सकें। इसका लाभ ले सकें। उपायुक्त, दुमका मुकेश कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्ेश्य योग्य व्यक्ति तक इसका लाभ पहुँचाना है। जिला प्रशासन पूरी तत्परता से इसके क्रियान्वयन के लिए प्रयासरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के माध्यम से 83 प्रतिशत लोगों को अनाज दिया जा रहा है। हर महीने पूरे पारदर्शिता के साथ ससमय योग्य लाभुकों को खाद्य आपूर्ति कराना प्रशासन के लिये एक बड़ी चुनौती है। फिर भी जिला प्रशासन पूरी तत्परता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिलास्तर, प्रखंडस्तर व ग्राम सभा के स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कमिटि बनाई गयी है। कमिटि को और भी ज्यादा असरदार बनाने की जरूरत है। कहा कि कई बार योग्य लाभुक अनाज से वंचित हो जाते हैं। संबंधित विभाग को समझने की जरूरत है कि पहले योग्य लाभुक को अनाज दिया जाय। अनाज से उन्हें वंचित न रखा जाए।  खाद्य सुरक्षा ही अधिनियम की प्राथमिकता है। कई बार नियम से ज्यादा नियत की जरूरत होती है। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि आधार संख्या के बुनियाद पर किसी भी योग्य व्यक्ति को खाद्य से वंचित नहीं रखा जा सकता है। अनाज वितरण के लिए आधार संख्या महत्वपूर्ण है लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण योग्य व्यक्ति को अनाज मिलना है। पीडीएस डीलर अनाज मुहैया कराने के बाद आॅपचारिकता पूरी करें। सरकार की सोच है कि कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। उन्होंने कहा कि कई ऐसे योग्य लाभुक जिन्हें इस योजना के तहत अनाज नहीं मिल पा रहा है हमें इस विषय पर ध्यान देने की जरूरत है कि 83 प्रतिषत लोगों को अनाज देने के बावजूद भी आखिर कैसे योग्य लोगों को अनाज नहीं मिल पा रहा है। इससे यह साफ पता चलता है कि अयोग्य लाभुक इस योजना का लाभ ले रहे हैं। ग्राम सभा के स्तर पर बैठक कर अयोग्य लाभुकों को खाद्य सुरक्षा की सूची से हटाने की जरूरत है। साथ ही पीडीएस डीलर भी यह सुनिष्चित करें कि किसी भी अयोग्य लाभुक को अनाज ना मिले। अयोग्य लाभुक का ना सिर्फ सुची से नाम हटाया जाय बल्कि अखबार के माध्यम से ऐसे लोगों की पब्लिसिटी करायी जाय। अगर एक भी व्यक्ति के साथ न्याय नहीं हो रहा है तो हमें और भी कार्य करने की जरूरत है। कोई भी योग्य व्यक्ति सरकार के उद्धेष्य से सरकार की सोच से वंचित ना रहे इस दिषा में एक साझे प्रयास की जरूरत है। कार्यषाला को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य खाद्य आयोग रांची से आयी डाॅ0 रंजना कुमारी ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभ को समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत है। सरकार के द्वारा चलायी जाने वाली सभी योजना जन कल्याण के लिए है तथा जबतक सभी योजनाओं का लाभ समाज के योग्य व्यक्ति को नहीं मिलेगा तबतक योजना सफल नहीं हो सकती है। जिलास्तर पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का प्रचार प्रसार तथा इस योजना के तहत लाभ लेने की प्रक्रिया को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। असक्षम व्यक्ति यदि इस योजना के तहत लाभ ले रहे हैं तो इसकी सूचना आप गुप्त रुप से आयोग को दें। आयोग ऐसे व्यक्ति पर विधिसम्मत कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि आप सभी के सामुहिक प्रयास से ही कुपोषण को दूर किया जा सकता है। कुपोषण को दूर करने के लिए जिले में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाय। अपने संबोधन में राज्य खाद्य आयोग रांची से आये हलधर महतो ने पाॅवर पाॅइंट प्रेजेंटेषन के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से संबंधित सभी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक यदि पहुंचाना है तो इस तरह के कार्यषाला का आयोजन ग्रामस्तर पर करना होगा। कार्यषाला को संबोधित करते हुए सदस्य राज्य खाद्य आयोग रांची से आये रामकरण रंजन ने कहा कि कार्यषाला में उपस्थित जनप्रतिनिधि इस अधिनियम के बारे में जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करें। योग्य लाभुक को सरकार की योजना का लाभ लेने से कोई रोक नहीं सकता है। झारखंड से कुपोषण दूर करने की दिषा में विषेष रूप से कार्य करने की जरुरत है। कुपोषण से संबंधित परिचर्चा पंचायत स्तर पर व्यापक रुप से किया जाय। कार्यषाला में विभिन्न जिलों से आये अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित लोगों ने अपनी बात रखी तथा अपनी समस्याओं से अवगत कराया। 
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