राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ हुआ बच्चों का संवाद! - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 16 नवंबर 2018

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के साथ हुआ बच्चों का संवाद!

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लखनऊ 16 नवम्बर 2018, आज विज्ञान फाउण्डेशन, आॅक्सफैम इन्डिया व प्रादेशिक नवयुवक कल्याण समिति के संयुक्त तत्वाधान में बाल अधिकार सप्ताह के अन्तर्गत बाल संवाद का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर माननीय डाॅ विशेष गुप्ता, अध्यक्ष, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, उत्तर प्रदेश उपस्थित रहे। साथ में आयोग सदस्य डाॅ नीता साहू व शुचिता जी भी अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। संवाद में लखनऊ, बलरामपुर व रायबरेली के विभिन्न परिषदीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों तथा मदरसों के छात्र-छात्राओं ने अपने विचार व शिक्षा के अधिकार से जुड़ी समस्याएं माननीय अध्यक्ष महोदय के सामने रखीं। कार्यक्रम की शुरूआत संचालक ने बाल संवाद का उद्देश्य बताते हुए की। उसके बाद स्कोर नेटवर्क संचालक संजीव सिंहा ने उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति पर परिदृष्टि और नेटवर्क के प्रयास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नागर समाज के संगठन मिलकर राज्य स्तर पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के बेहतर ढंग से लागू करने के लिए लगातार पैरवी कर रहे हैं। इसके बाद डाॅ ललिता प्रदीप, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा जी ने उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा सुधार के सन्दर्भ में हुए प्रयासों पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर रहा है ताकि हर बच्चे तक गुणवत्तापरक शिक्षा पहुँच सके। इस क्रम मंे उन्होंने इस बार हुए आउट आॅफ स्कूल बच्चों के सर्वेक्षण व स्कूल चलो अभियान का ज़िक्र किया।

इस अवसर पर यू.पी.एस. चिनहट से आई कक्षा 8 की छात्रा विद्या ने स्कूल के परिसर में जल भराव की समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए वहां इंटर लाॅकिंग कराने की माँग रखी वहीं उसी स्कूल की लायबा ने स्कूल में बिजली की व्यवस्था न होने के कारण असुविधा का ज़िक्र किया। सुग्गामऊ स्कूल से आए संदीप चैहान ने बाउण्ड्री वाॅल न होने के कारण बच्चों के खेलने में व्यवधान पड़ने व गन्दगी होने का मामला सामने रखा। नौबस्ता स्कूल से आई गुलफ्शा ने खेल कूद का सामान न होने की बात रखी जबकि वहीं से आए करन ने कम्प्यूटर लैब की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। हरदासी खेड़ा स्कूल से आई कोमल ने खेल का मैदान न होने की बात रखी वहीं अभिषेक ने जर्जर होती स्कूल बिल्डिंग का सवाल उठाया। भूहर प्राथमिक विद्यालय से आए बच्चों ने बाउण्ड्री वाॅल व बिल्डिंग के कमज़ोर होने की बात कही। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय लौलाई से आई राबिया ने टीचर की कमी की ओर ध्यान दिलाया। उसने बताया कि हाल ही में स्कूल में बाउण्ड्री बनी है जिससे बच्चों को खेलने व जानवरों से बचाव हुआ है। प्राथमिक विद्यालय राम आसरे पुरवा से स्नेहा ने टीचर की कमी  व सफाई कर्मचारी न होने का मुद्दा उठाया। प्राथमिक विद्यालय उजरियांव, प्राथमिक विद्यालय मटियारी से सीमा ने बताया कि उनके स्कूल में बारिश में बहुत पानी भर जाता है जिससे बहुत समस्या होती है। प्राथमिक विद्यालय कमता से अंजलि, प्राथमिक विद्यालय रजौली से अमन कुमार और लोकमित्र संस्था के कार्यक्षेत्र के पूरे कल्लू नगर क्षेत्र के विद्यालय से रानी, शाहीन ने अपने अनुभव रखे। मदरसों से आए बच्चों ने भी मदरसों से जुड़े मुद्दे सामने रखे। श्री नितेश मिश्रा, प्रतिनिधि प्लान इंडिया प्रदेश में बच्चों के मुद्दे और समस्याएं पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक संख्या में 2,43,014 स्कूल हैं। सरकार का इतना धन भी खर्च होता है इसलिए यह समझने की बात है कि आखिर प्रदेश में शिक्षा की ऐसी स्थिति क्यों है। प्रादेशिक नवयुवक कल्याण समिति से डाॅ. सदफ फरीद ने मुख्य अतिथि का ध्यान मदरसों की बदहल होती स्थिति की ओर दिलाया। उन्होंने बताया कि गैर वित प्राप्त मदरसों की स्थिति बेहद खराब है और जिन मदरसों के पास फंड है वे भी आवश्यक मूल भूत सुविधाओं पर खर्च नहीं करते। श्री ऋत्विक पात्रा, प्रतिनिधि यूनिसेफ ने बताया कि प्रदेश में यूनिसेफ ने सरकार के साथ मिलकर काफी काम किया है और बेसिक शिक्षा की स्थिति में काफी सुधार आया है। इस साल स्कूल चलो अभियान में बच्चों का नामांकन भी बेहतर हुआ है पर अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है। डा.अंशू केडिया, जनरल सेक्रेटरी, लुआक्टा ने शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक चाहें तो वे स्कूलों के रूपांतरण में महती भूमिका निभा सकते हैं। माननीय डाॅ. विशेष गुप्ता, अध्यक्ष बाल अधिकार संरक्षण आयोग, उत्तर प्रदेश ने सारी बाते सुनकर आश्वासन दिया कि वे आयोग के अध्यक्ष के तौर पर इन सब मामलों का संज्ञान लेंगे और हर सम्भव प्रयास करेंगे कि समस्याओं का समाधान हो सके। श्री रामायण यादव, विज्ञान फाउण्डेशन ने विज्ञान की ओर से सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट दिया एवं धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया।
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