नयी दिल्ली, 25 जनवरी, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की वैधता को बनाये रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुये कहा कि बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने वाले लंबे समय तक नहीं बच सकते। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कर्ज नहीं चुकाने वाले डिफॉल्टर प्रवर्तकों को बोली लगाने से रोकने का प्रावधान नैतिक और उचित दोनों है। ऐसा नहीं होगा तो डिफॉल्टर प्रवर्तकों का कंपनी पर नियंत्रण बना रहेगा और सिर्फ बैंक को नुकसान उठाना पड़ेगा।’’ उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले दिन में आईबीसी संहिता की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुए कहा कि डिफॉल्टरों का आनंदलोक अब नहीं खत्म हो चुका है और अर्थव्यवस्था की यथोचित स्थिति पुन: हासिल कर ली गयी है। आईबीसी कानून की धारा 29ए को लेकर उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि किसी समाधान आवेदक का उसकी समाधान योजना को मंजूर किये जाने अथवा उस पर विचार किये जाने का कोई निहित अधिकार नहीं है।
शुक्रवार, 25 जनवरी 2019
बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने वाले लंबे समय तक नहीं बच सकते : जेटली
Tags
# देश
# व्यापार
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
व्यापार
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें