वेंकैया ने सांस्कृतिक नवजागरण का किया आह्वान - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

रविवार, 13 जनवरी 2019

वेंकैया ने सांस्कृतिक नवजागरण का किया आह्वान

venkaiah-calls-for-creating-cultral-renaissance-in-country
हैदराबाद, 13 जनवरी, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि देशवासियों के लिए अपने जीवन में परिवर्तन लाने और स्वस्थ रहने के पुराने पारंपरिक तरीके की तरफ लौटने का समय आ गया है।  श्री नायडू ने रविवार को यहां स्वर्ण भारती ट्रस्ट की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर आयोजित संक्रांति महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को जीवन जीने के सरल लेकिन प्रभावकारी तरीकों से स्वस्थ आहार की आदतों और जीवन शैली को अपनाने के लिए शिक्षित और जागरूक करने की जरूरत है।उन्हाेंने देश की पुरातन परंपराओं और रीति-रिवाजों के नवजागरण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक भोजन की आदतें, स्वाद और रीति-रिवाजें ना सिर्फ समय के साथ परखी हुई है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी हैं क्योंकि ये प्रत्येक मौसम और क्षेत्र की आवश्यकताओं अनुरूप बनाई गईं हैं। उन्होंने कहा, “ हमें अपने पूर्वजों के रीति-रिवाजों और प्रथाओं का पालन करने और पश्चिमी जीवन शैली को त्यागने की जरूरत है।”
एक टिप्पणी भेजें
Loading...