बिहार : पाॅक्सो कोर्ट के जांच के आदेश के मद्देनजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा दें: ऐपवा - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

बिहार : पाॅक्सो कोर्ट के जांच के आदेश के मद्देनजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा दें: ऐपवा

  • भाजपा मंत्री सुरेश शर्मा को बर्खास्त करो, सीबीआई जांच को प्रभावित करना बंद करो.


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पटना 22 फरवरी 2019 मुजफ्फरपुर पाॅक्सो कोर्ट द्वारा बालिका गृह कांड मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जांच के आदेश के मद्देनजर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एशोसिएशन (ऐपवा) के दो दिवसीय प्रतिवाद दिवस के तहत आज पटना में बुद्ध स्मृति पार्क से निकल कर डाकबंगला चैरहा होते हुए रेडियो स्टेशन पहंुचा और वहां पर एक सभा आयोजित की गई. जुलूस का नेतृत्व ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सरोज चैबे, राज्य सचिव शशि यादव, नगर सचिव अनिता सिन्हा, पटना ग्रामीण सचिव माधुरी गुप्ता, नगर सह सचिव अनुराधा सिंह, पटना सिटी सचिव राखी मेहता, बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ की नेत्री मीना देवी, गुड़िया देवी आदि ने किया।  सभा शुरू होने से पहले पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और इस घटना की आड़ में देश भर में कश्मीरी लोंगों को उत्पीड़ित करने की निंदा व उसपर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही सैनिकों की शहादत पर वोट की राजनीति करने वालों की भी भर्तस्ना की गई व इसे रोकने की मांग की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिकागृह काण्ड में ऐपवा शुरू से ही मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच कराने की मांग करती रही है लेकिन इसे न सिर्फ अनसुना कर दिया गया अपितु सीबीआई के एसपी को जांच के बीच में ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उलंघन करते हुए तबादला कर दिया गया। जिसकी सजा अभी नागेश्वर राव को मिली है। आगे वक्ताओं ने कहा कि अब जब डाक्टर अश्विनी कुमार की याचिका पर मुजफ्फरपुर के पाक्सो कोर्ट ने मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच की सिफारिश सीबीआई से की है तो उन्हें पद बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें बिहार की छोटी बच्चियों के यौन उत्पीड़न व हत्या की जबाबदेही लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। मुजफ्फरपुर बालिकागृह काण्ड और उसके राजनीतिक संरक्षण की मिशाल अन्यत्र नहीं मिलती. इसके गुनहगारों को सजा मिलनी ही चाहिए, वरना महिला सशक्तिकरण व सामाजिक न्याय का नारा ढोंग व धोखा के सिवा कुछ नहीं होगा. यदि मांगे नहीं मानी गई तो ऐपवा आगे आन्दोलन तेज करेगी।

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