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सोमवार, 18 फ़रवरी 2019

बिहार : किसान- मजदूरों का विधान सभा मार्च, प्रदर्षनकारियों ने बेरीकेट तोड़ा

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पटना, 18 फरवरी।, सूखा से तबाह संपूर्ण बिहार को अकाल क्षेत्र घोषित करने, किसानों का कर्ज माफ करने, फसल का लाभकारी दाम देने, 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले किसानों-मजदूरों को दस हजार रूपया मासिक पेंषन देने एवं भूमिहीनों को दस डिसमील वास का पर्चा देने आदि मांगों को लेकर आज यहां अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति बिहार के बैनर तेल किसानों-मजदूरों ने विधान सभा मार्च किया। किसानों-मजदूरों का विषाल कारवाँ गांधी मैदान से निकल कर जे.पी. गोलम्बर, आकाषवाणी होते डाकबंगला चैराहा पहुँचा जब बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बल से नोंक-झोंक हुई, फिर स्थिति नियंत्रित कर किसान संगठनों ने वही सभा की । पूरा फ्रेंजर रोड आंदोलनकारियों से पट गया। सभा की अध्यक्षता बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन के महासचिव जानकी पासवान, बिहार राज्य किसान सभा (जमाल रोड) के अध्यक्ष ललन चैधरी एवं आॅल इंडिया किसान महासचिव के राज्य अध्यक्ष विषेष्वर यादव ने की।सर्वप्रथम विधान सभा मार्च में आये किसानों-मजदूरों ने पुलवामा के शहीद सी.आर.पी.एफ. के जवानों को श्रद्धांजलि दी। डाकबंगला चैराहा पर सभा को संबोधित कतरे हुये बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव अषोक प्रसाद सिंह ने कहा कि केन्द्र व राज्य की सरकार किसानों के साथ खिलवाड़ कर रही है। इनकी कृषि नीति के कारण देष में प्रति वर्ष बारह हजार किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य की सरकार किसानों के फसल लाभकारी दाम देने में पूरी तरह विफल है। स्वामीनाथन कमीषन की अनुषंसा को अब तक लागू नहीं किया गया। बाढ़ और सुखाड़ से किसान परेषान है, भूमिहीन और गरीब जानवार की जिन्दगी जीने को विवष है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों को अनदेखी वर्दाष्त नहीं करेंगे, सरकार किसानों को कृषि ऋण माफ करे, किसानों को कृषि लागत का दुणा कीमत दे अन्यथा किसान आंदोलन उग्र होगा और मोदी-नीतीष को सत्ता से जाना होगा। आॅल इंडिया किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह ने कहा कि पीएम मोदी शहीद जवानों की शहादत पर राजनीति न करें, देष को साम्प्रदायिक उन्माद में न झांेके। देष की मुख्य समस्या से जनता को भटकाने के लिए भावना से खिलवार न करे। कृषि को उद्योग का दर्जा दे सरकार, उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य की सरकार किसान विरोधी सरकार है। हम सब मिलकर लड़ेगे और जीतेंगे। आॅल इंडिया किसान सभा (जमाल रोड) के संयुक्त सचिव नन्द किषोर शुक्ला ने कहा कि राज्य के सिंचाई सुविधा बदहाल है, किसानों से फसल की खरीद नहीं होती, किसान अपने फसल को औने-पौने दाम में बेचने को विवष है। खेतिहर ग्रामीण मजदूरों को वास, आवास मजदूरी और पेंषन देने में सरकार विफल है। बल्कि सरकारी जमीन में वसे गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। लाल झंडा इसे कतई बर्दाष्त नहीं करेगी। सभा को बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन के अध्यक्ष पूर्व विधायक रामनरेष पाण्डेय, बिहार राज्य किसान सभा के अध्यक्ष रामचन्द्र सिंह यादव, प्रगतिषील किसान सभा के महासचिव नृपेन कृष्ण महतो, आॅल इंडिया अग्रगामी किसान सभा के नेता धमेन्द्र कुमार, भारतीय किसान बचाओ आंदोलन के नेता अनिल कुमार सिंह, भारतीय किसान बचाओं आंदोलन के नेता बैजनाथ सिंह, जय किसान आंदोलन के नेता मुकेष मिश्रा, प्रगतिषील किसान सभा के नेता महेन्द्र गिरी, किसान मजदूर संगठन के नेता डा. विनय सिंह, भारतीय क्रांतिकारी संघ के नेता राजेन्द्र प्रसाद, किसान-मजदूर नौजवान मोर्च के कल्लू सिंह, राष्ट्रीय किसान मंच के नेता बी.बी. सिंह, गांव बचाओ बिहार बचाओ के नेता चन्द्रषेखर प्रसाद, आदि ने सभा को संबोधित किया। सभी नेताओं ने केन्द्र और राज्य सरकार की कृषि नीति पर रोष व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि अगले चुनाव में नरेन्द्र मोदी और नीतीष कुमार की सत्ता जायेगी और किसान-मजदूर की हितेसी सरकार आएगी। घंटों डाकबंगला चैराहा पर सभा चलती रही है। तत्पष्चात प्रषासन के आला पदाधिकारी द्वारा एक लाख प्रदर्षनकारी की गिरफ्तारी की घोषणा के साथ सभा समाप्त हुई।

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