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बुधवार, 13 मार्च 2019

बिहार : दीघा के लोगों ने आचार संहिता लागू होने के पूर्व से ही रेलमंत्री को निवेदन किया था

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दीघा (आर्यावर्त संवाददाता) पूर्व मध्य रेल परियोजना द्वारा के तहत पाटलिपुत्र स्टेशन के सामने चचेरी पुल को हटाकर सीमेंट पुल बना दें अगर आप जोखिम लेना नहीं चाहते हैं तो दीघा से तीन बार टेम्पो बदलना पड़ेगा । समय और पैसा की बर्बादी नहीं होगी। मगर रेलमंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्रालय ने सीमेंट पुल बनाने की दिशा में कदम ही नहीं उठाएं। जिसके कारण समस्या बरकरार है पटना,13 मार्च। दीघा के लोगों ने आचार संहिता लागू होने के पूर्व से ही रेलमंत्री पीयूष गोयल से निवेदन किए थे कि पूर्व मध्य रेल परियोजना द्वारा के तहत पाटलिपुत्र स्टेशन के सामने चचेरी पुल को हटाकर सीमेंट पुल बना दें। ऐसा करने से सफर करने वालों की परेशानी कम होगी। समय और पैसा की बर्बादी नहीं होगी। मगर रेलमंत्री और रेल मंत्रालय ने सीमेंट पुल बनाने की दिशा में कदम ही नहीं उठाएं। जिसके कारण समस्या बरकरार है। बताते चले कि पूर्व मध्य रेल परियोजना के तहत पाटलिपुत्र स्टेशन निर्माण किया गया है। दीघावासियों की मांग पर पटना-दीघा-दानापुर मुख्यमार्ग के बगल में दीघा हाल्ट बनाया गया है। दुर्भाग्य से इस हाल्ट पर केवल सवारी गाड़ी ही रोकी जाती है। शेष गाड़ियों को पकड़े के लिए लोग पैसा और समय बर्बाद करने को मजबूर हैं। दीघा से पहली बार टेम्पो पकड़कर दानापुर बस पड़ाव और यहां से दूसरी बार टेम्पो पकड़कर रूपसपुर पुल पर से नीचे सीढ़ी से उतरते हैं। सीढ़ी से उतर कर तीसरी बार टेम्पो पकड़कर पाटलिपुत्र स्टेशन जाते हैं। तीन बार टेम्पो बदलना पड़ता है। कोई तीस से चालीस रूपए खर्च करना पड़ता है। बताते चले कि अगर आप जोखिम उठानी पंसद करते हैं तो दीघा नहर के किनारे रहने वालों ने अपनी सुविधा के लिए चचरी पुल का जुगाड़ कर लिए हैं। तब दीघा से टेम्पों पकड़कर स्टेशन के सामने उतरना पड़ता हैं। यहीं से जोखिम शुरू हो जाती है। जोखिम है रोड से नीचे उतरने में परेशानी। भारी भरकम सामान लेकर जाने वालों को दिक्कत होती है। अगर इस दिक्कत को झेल लेते हैं तो दीघा नाला को पार करने की समस्या है। हां यहां के लोगों ने अपनी सुविधा के लिए चचरी पुल बनाएं हैं। इसी निर्मित चचरी पुल को पार करके लोग गाड़ी पकड़ने स्टेशन पहुंचते हैं। यहां के लोग कहते हैं कि इस चचरी पुल से आवाजाही करने के दरम्यान कभी भी हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। खैर अब तो लोक सभा के चुनाव के बाद ही सिमेंट पुल बनेेगी, यह संभावना व्यक्त की जा रही है। हां जरूरी है कि इस चुनाव में प्रत्याशियों पर प्रेशर बनाकर रखा जाए।

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