बिहार : यह प्रयास किया गया है कि गांवंघर में वजन करके ही बकरी को बेचा जाए - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 22 मार्च 2019

बिहार : यह प्रयास किया गया है कि गांवंघर में वजन करके ही बकरी को बेचा जाए

आपके संगठन द्वारा वर्ष में अपनाई गई विशिष्ट रणनीतियाँ
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प्रगति ग्रामीण विकास समिति के द्वारा जिला और प्रखंड स्तर के कार्यकर्ताओं का चयन किया गया। कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। ग्रामीण दलित परिवारों के आय में वृद्धि करने की संभावना को धरातल पर लाना है। भूमि अथवा गैर भूमि साधनों से गरीबी दूर करना है। जिनके पास भूमि है उसको भूमि का समुचित उपयोग करना है। खेत में पानी मिले। जलवायु परिवर्तन, जैविक खेती को प्रोत्साहन करना। बकरी पालन, पशु पालन आदि को बेहतर स्थिति में पहुंचाना। कुल मिलाकर आय में वृद्धि करना है। इसमें कार्यपालक,न्यायपालिका,विधायिका और पत्रकारिता का सहयोग लिया गया। जिनके पास भूमि नहीं है। उसे भूमिहीन परिवार कहते हैं। भूमिहीन परिवारों का आवेदन तैयार करना। जिनके पास आवास है परन्तु पर्चा नहीं मिला है। सूचि तैयार करके अंचल कार्यालय में देना है। जिला और प्रखंड कार्यकर्ताओं ने बैठक की। इस बैठक में निर्णय लिया। एक पत्र तैयार किया। इसमें डोनर संस्था इंडो ग्लोबल सोशल सोसाइटी का नाम लिखा। इसी तरह सहयोगी संस्था प्रगति ग्रामीण विकास केंद्र का नाम लिखा गया। चयनित है कटिहार जिले के कुर्सेला और समेली प्रखंड। इन दोनों प्रखंडों का 10-10 गांवों का नाम लिखा गया। पंचायत का भी नाम लिखा। संगठन के बारे में जानकारी दी गयी। इस पत्र को प्रखंड सह अंचल कार्यालय ,कुर्सेला और समेली प्रखंड सह अंचल कार्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को दिया। इसके बाद मनरेगा कार्यालय में कार्यक्रम पदाधिकारियों को दिया गया। पंचायत के मुखिया,उप मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, उप संरपंच, पंच, पंचायत समिति आदि को जानकारी दी गयी। आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका और सहायिका, जीविका, आशा, ए.एन.एम. आदि को दी गयी।

सामुदायिक आधारित संगठन पर निर्माण किया गया। टोला स्तर पर सीबीओ गठित है। सीबीओ के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन किया गया। कुर्सेला प्रखंड स्तर पर प्रखंड स्तरीय सीबीओ बनाया गया है। इसी तरह समेली प्रखंड में भी निर्माण किया गया है। सीबीओ की बैठक में प्राप्त समस्याओं को लिखा जाता है। सूचना का अधिकार का उपयोग। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार कानून का उपयोग। लोक षिकायत निवारण अधिकार का प्रयोग किया गया। विभिन्न जन और सामूहिक समस्याओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी,कटिहार के डीएम पुनम आदि के पास मेल भेजा गया। इनलोगों के द्वारा लिए गए संज्ञान को फोटो और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। आंगनबाड़ी, आजीविका, आवासीय भूमिहीन,दाखिल खारिज, भूदान भूमि आदि के ऊपर प्रेषित दस्तावेजों को प्रिंट कर दस्तावेज तैयार है। कोई 40 सचित्र दस्तावेज बना है। इसके उपरांत लिपिबद्ध समस्याओं को मुख्यमंत्री,उप मुख्यमंत्री के साथ अन्य लोगों के पास ई-मेल किया जाता है। उनके द्वारा संबंधित कार्यालय को प्रेषित किया जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यालय से कटिहार के जिलाधिकारी के पास मेल भेजने के बाद डीएम ने मसला को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को प्रेषित कर दी। दिव्यांग अशोक ऋषि  बकिया पश्चिमी मुसहरी में रहते हैं। यह मुसहरी डूमर ग्राम पंचायत में है। बिहार भूदान यज्ञ कमिटी द्वारा अशोक ऋषि को 20 डिसमिल जमीन 31.7.1985 को मिला। यह जमीन महाराज दरभंगा ने भूदान कर दिया है। इस जमीन का मोजा नं.405,खेसरा नं.451ध्422 है। बिहार सरकार,दक्षिण गोपाल मंडल, पूरब नदी, पश्चिम खे.450 एकड़ 0 डिसमिल 20 डिसमिल, जमीन धनहर दो में पड़ता है। संपूर्ण पता बकिया डीह,थाना नं.259,परगना धरमपुर, रेवेन्यू थाना कोढ़ा,पुलिस स्टेशन फलका,रजिस्ट्री कटिहार और जिला कटिहार है। सी.एम.कार्यालय से मेल डी.एम. कटिहार को आया। तब डी.एम.कार्यालय ने मामले को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय में भेज दिया गया। 30 अगस्त को सुनवाई था। हाकिम नहीं पहुंचे तो 19.09.2018 को तारीख दी गयी। अनुमंडलीय लोक शिकायत  निवारण कार्यालय से जारी परिवाद संख्या 99998012507180 3883 के निवारण पदाधिकारी हैं राजेश कुमार सिंह।

समेली प्रखंड के डूमर पंचायत में स्थित जगह में कारू मंडल के  दिव्यांग पुत्र बुलु मंडल रहते हैं। इस बीच राजस्व प्रशाखा में पदस्थापित है अपर समाहर्ता कमलेश कुमार सिंह।पत्रांकरू(संचिका सं0 11-03/17)कटिहार समाहरणालय जारी सरकारी आदेश अंचल पदाधिकारी,समेली को प्रेषित है। इसका विषय है कि श्री बुलु मंडल को भूदान से प्राप्त भूमि पर दखल दिलवाने एवं नामांतरण कर लगान रसीद निर्गत करने के संबंध में है।उपर्युक्त विषयक ई-मेल से प्राप्त आवेदन मूल में स्वयं जांचोपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया जाता है। इस संबंध में अध्यक्ष,विघटित भूदान यज्ञ समिति,पटना के पत्रांक 749 दिनांक 11.12.2017 मूल में संलग्न करते हुए इस कार्यालय के पत्रांक 1463ध्रा0 दिनांक 26.12.2017 द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई हेतु निदेशित किया गया था, कृत कार्रवाई का प्रतिवेदन का अघतन अप्राप्त है। निदेशित किया जाता है कि कृत कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन अधोहस्ताक्षरी का उपलब्ध कराते हुए सूचना आवेदक को भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।ज्ञापांक1107ध्रा0 दिनांकः26.10.18। प्रतिलिपि श्री बुलु मंडल,डूमर,वार्ड नं06 अंचल समेली को सूचनार्थ प्रेषित। कुर्सेला प्रखंड में है दक्षिणी मुरादपुर ग्राम पंचायत। गंगा नदी से विस्थापित महादलित तीनघरिया में रहते हैं। यहां पर कुल 45 विस्थापित महादलितों को पुनर्वासित किया गया। इनको सीमांकन कर भूमि दी गयी। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को ई-मेल किया गया। उनके द्वारा तिनघरिया की समस्या को बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत विभागीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का कार्यालय, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनन्य पंजीयन संख्या 999937908011900328 है।

सूचना के अधिकार के बाद कार्रवाई
डूमर पंचायत के वार्ड नम्बर-12 के वार्ड सदस्य बहादुर ऋषि कहते हैं कि हम महादलितों को जमीन मालिक ने जमीन की मिट्टी काटकर मिट्टी बेचने के बाद जमीन बिक्र की थी। महादलितों का आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री करते समय जमीन नहीं दिखायी गयी। अंचल पदाधिकारी को ऊंची स्तर की जमीन दिखाकर नीचली सतह की जमीन दी गयी। अब माथा पकड़कर महादलित कहते हैं कि उक्त जमीन पर मिट्टी भरवाते-भरवाते मर जाएंगे। तब भी मिट्टी नहीं भरवा पाएंगे। सरकार महात्मा गांधी नरेगा से मिट्टी भरवाकर प्रधानमंत्री आवास योजना से मकान बनवा दें। सामाजिक सुरक्षा पेंषन,बचत समूह, दिव्यांगों की समस्या हल करवाने, पेयजल की समस्या दूर करना आदि पर रणनीति बनायी गयी। किसी तरह से ग्रामीणों के आय में वृद्धि और भूमिहीनता की समस्या दूर करना ही है। यह प्रयास किया गया है कि गांवंघर में वजन करके ही बकरी को बेचा जाए। कई बार सीबीओ बैठक में बकरी को तराजू से तौलकर बेचने पर बल दिया गया। इसका दुष्परिणाम पर भी ध्यान दिया गया। उसको नकारकर आय में वृद्धि करने के लिए इसे लागू करवाने को प्रयासरत हैं।

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