बिहार : 200 प्वायंट रोस्टर पर अध्यादेश जनांदोलनों की जीत : माले - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 8 मार्च 2019

बिहार : 200 प्वायंट रोस्टर पर अध्यादेश जनांदोलनों की जीत : माले

सीतामढ़ी के डुमरा हाजत में दो मुस्लिम युवक की पीट-पीट कर हत्या बेहद शर्मनाक.माले की राज्यस्तरीय टीम 9 मार्च को करेगी घटनास्थल का दौरा.
ordinance-on-roaster-200-peoples-win-cpi-ml
पटना 8 मार्च 2019, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने 200 प्वायंट रोस्टर पर केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश लाए जाने की घोषणा को दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में की जा रही कटौती के खिलाफ लगातार चल रहे आंदोलनों की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि 5 मार्च को इस सवाल पर भारत बंद का आह्वान किया गया था, जिसे हमारी पार्टी ने भी समर्थन दिया था. सामाजिक न्याय व बराबरी के लिए चल रहे संघर्ष को हम सलाम करते हैं. कंेद्र सरकार लगातार चले आंदोलनों के ही दबाव में अध्यादेश लाने के लिए मजबूर हुई है, वरना उसकी मानसिकता आरक्षण में कटौती करने वाली ही है. हम इस मसले पर उस वक्त तक संघर्ष जारी रखेंगे, जबतक कि इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता. हमें इसके प्रति भी सतर्क रहना होगा कि यह केवल चुनाव पूर्व घोषणा बन कर रह न जाए बल्कि यह सचमुच हमारे अधिकार का हिस्सा बने. इस सवाल पर आंदोलन कर रही तमाम ताकतों का भाकपा-माले इस्तकबाल करती है. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना के हाजत में पूछताछ के दौरान दो मस्लिम युवकों गुफरान व तस्लीम की पुलिस द्वारा लाठियों से बुरी तरह पीट-पीट कर की गई हत्या को बेहद शर्मनाक बताया है. उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा-जदयू शासन में मुस्लिम युवकों की कहीं माॅब लिंचिंग हो जा रही है और अब तो पुलिस हाजत में ही उनकी हत्या कर दी जा रहीु है. अल्पसंख्यकों के खिलाफ विष वमन आज पुलिस-प्रशासन में भी तेजी से फैल गया है. भाजपा ने पूरे माहौल को दूषित कर दिया है. विदित हो कि इन दोनों युवकों पर एक लूटकांड का आरोप था और उसी सिलसिले में पुलिस पकड़कर थाने लाई थी और वहां पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी गई. कहा कि हाजत में हत्या का यह पहला उदाहरण नहीं है. नीतीश कुमार के सुशासन राज में हाजत में हत्या-मौत आम बात हो गई है. खुद पुलिस-प्रशासन कानून का गला घोंट रहे हैं. भाकपा-माले की एक उच्चस्तरीय टीम इस घटना की जांच करने कल 9 मार्च को सीतामढ.ी जाएगी. इस टीम में भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता काॅ. रामेश्वर प्रसाद, काॅ. उमेश सिंह, पश्चिम चंपारण के जिला सचिव काॅ. प्रभुदेव यादव तथा इंसाफ मंच के आफताब आलम शामिल रहेंगे.

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...