राफेल मामले में प्रधानमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए : कांग्रेस - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

गुरुवार, 7 मार्च 2019

राफेल मामले में प्रधानमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए : कांग्रेस

rahul-attacks-modi-on-rafale
नयी दिल्ली, छह मार्च, कांग्रेस ने राफेल विमान सौदे को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर से हमला बोला और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दसाल्ट कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए पद का दुरुपयोग किया तथा विमानों की ज्यादा कीमत तय की जिसके लिए उनके खिलाफ सीधे तौर पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे से जुड़ीं फाइलें ‘चोरी’ होने का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत हैं।  पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भारतीय वार्ता दल को दरकिनार करके राफेल सौदे को अंतिम रूप दिया। कांग्रेस के इन आरोपों पर फिलहाल सरकार एवं भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि सरकार राफेल मामले में कांग्रेस के पहले के आरोपों को खारिज कर चुकी है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘राफेल घोटाले में प्रधानमंत्री पर मुकदमा चलाने के लिए अब पर्याप्त सबूत है। भ्रष्टाचार की शुरुआत उन्हीं से होती है और उन पर ही खत्म होती है।’’  कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ‘‘राफेल मामले की महत्वपूर्ण फाइलों से वह फंस रहे थे। अब सरकार ने कहा कि ये फाइलें चोरी हो गई हैं। यह सबूत को नष्ट करना और मामले पर पर्दा डालना है।’’  सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ राफेल घोटाले में देश के खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। इसके लिए प्रधानमंत्री जी सीधे जिम्मेदार हैं। अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोध कानून के तहत मामला बनता है।’’  अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘राफेल सौदे से जुड़े भारतीय वार्ता दल की बात जगजाहिर है। अब साफ है कि मोदी ने देश और संसद को गुमराह किया ताकि पूरे षणयंत्र पर पर्दा डाला जा सके। अब साजिश का भंडाफोड़ हो गया है।मोदी सरकार ने संप्रग सरकार के मुकाबले राफेल की कहीं अधिक कीमत अदा की है।’’  उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दसाल्ट को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया है और उनके खिलाफ भ्रष्टााचार निरोध कानून के तहत मामला बनता है और उनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए।  सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘चौकीदार ने भारतीय वार्ता दल को दरकिनार कर खुद सौदे का निर्णय किया। यह सनसनीखेज बात सामने आई है कि भारतीय वार्ता दल ने फैसला नहीं किया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया।’’  ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक राजग सरकार द्वारा फ्रांस सरकार से राफेल सौदे पर बैंक गारंटी न करने से सौदा काफी महंगा हो गया। इसमें कहा गया है कि हर विमान की कीमत पिछली सरकार के सौदे के मुकाबले 41 फीसदी अधिक हो गई।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...