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बुधवार, 1 मई 2019

न्यायालय ने आम्रपाली समूह से मांगा धोनी के साथ लेनदेन

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नयी दिल्ली , 30 अप्रैल, उच्चतम न्यायालय ने कानूनी और वित्तीय संकटों में फंसे आम्रपाली समूह को धोनी के साथ लेनदेन और समझौतों का ब्योरा बुधवार तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी 2009 से 2015 के बीच अचल सम्पत्ति का कारोबार करने वाली इस कंपनी के ब्रांड एबेंसडर रहे। शीर्ष न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह चाहता है कि उसके सामने पूरी तस्वीर रखी जाए। उसमें धोनी के साथ हुए हर लेनदेन और समझौते की व्याख्या भी हो।  न्यायालय ने कहा कि हो सकता है कि आम्रपाली ने धोनी को " धोखा दिया हो’’ और यही कारण है कि कुछ मीडिया हाउस ने इस बारे में खबरें भी दीं हैं।  न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने कंपनी को पूरी जानकारी बुधवार तक जमा करने को कहा है। पीठ ने कहा , " हम चाहते हैं कि बुधवार तक पूरी तस्वीर हमारे सामने पेश की जाए। आपके और धोनी के बीच कितने पैसों का लेनदेन हुआ और उनके साथ आपके क्या समझौते थे। विज्ञापनों के लिए आपने उन्हें (धोनी) कितने पैसों का भुगतान किया। हम पूरी जानकारी चाहते हैं। हो सकता है कि आप ने उन्हें धोखा दिया हो इसी वजह से मीडिया हाउसों ने उसके मामले को रिपोर्ट किया है। " 

शुरू में न्यायालय ने दो फॉरेंसिक ऑडिटर पवन अग्रवाल और रवि भाटिया को नियुक्त किये थे। दोनों ने पीठ को बताया कि उन्होंने आम्रपाली संमूह और एम / एस ऋति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बीच 24 लेनदेन की पहचान की है। इस स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के पास धोनी के विज्ञापन क्षेत्र के कारोबार का प्रबंध करती है।  अग्रवाल ने पीठ को बताया कि एक लेनदेन में धोनी ने आम्रपाली समूह को करीब 25 करोड़ रुपये दिए थे और आम्रपाली समूह की विभिन्न कंपनियों के साथ भी कई लेनदेन किए गए।  घर खरीदारों की तरफ से पेश वकील एम एल लाहोटी ने कहा कि धोनी की पत्नी साक्षी आम्रपाली समूह की पूर्व निदेशक रह चुकी हैं। पीठ ने आम्रपाली के वकीलों गीता लूथरा और गौरव भाटिया को मांगी गयी जानकारी बुधवार तक प्रस्तुत करने को कहा है।  

धोनी ने पहले हलफनामा दे रखा है कि उन्होंने आम्रपाली होम्स प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कर्ज दे रखा है और जून 2014 में एक संयुक्त उद्यम की स्थापना के लिए उसके साथ समझौता किया था। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत झारखंड के रांची और उसके आस - पास के इलाकों में आवासीय परियोजनाएं विकसित करना था। धोनी ने कहा था कि संयुक्त उद्यम की स्थापना के लिए आम्रपाली समूह के चेयरमैन अनिल कुमार शर्मा और उनके बीच एमओयू हुआ था और इस उद्यम के लिए उन्होंने शुरुआती पूंजी के तौर पर 25 करोड़ रुपये का योगदान किया था। 

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