बिहार : सेकेंड ईयर की रेजिडेंट डॉक्टर डॉक्टर पायल तड़वी की मौत से वामपंथी आक्रोशित - Live Aaryaavart

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बुधवार, 29 मई 2019

बिहार : सेकेंड ईयर की रेजिडेंट डॉक्टर डॉक्टर पायल तड़वी की मौत से वामपंथी आक्रोशित

इस तरह की सांस्थानिक हत्या के खिलाफ आइसा- ऐपवा और आरवाईए का देशव्यापी प्रतिवाद मार्च व प्रतिवाद सभा
  • आइसा-ऐपवा-आरवाईए ने महाराष्ट्र सरकार के साथ केन्द्रीय सरकार से मांग की है कि देश के सभी संस्थानों में जातीय उत्पीड़न की शिकायत के लिए ’रोहित एक्ट’ के गठन करे। इस सांस्थानिक हत्या की उच्च स्तरीय जांच कर अविलंब दोषियों को सजा दे। प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 यानी लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012 पाॅक्सो के तहत त्वरित कार्रवाई हो।


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पटना, 29 मई। आज आइसा-ऐपवा और आरवाईए के बैनर तले देशव्यापी प्रतिवाद मार्च और प्रतिवाद सभा आयोजित की गयी। इस सभा में मुंबई के जे वी एल नायर हॉस्पिटल की रेजिडेंट डॉक्टर पायल तड़वी की सांस्थानिक हत्या के खिलाफ जमकर आक्रोश निकाला गया। गत 22 मई की रात पायल तड़वी ने अपने ऊपर हो रहे लगातार जातीय भेदभाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थीं। जे वी एल नायर हॉस्पिटल की रेजिडेंट डॉक्टर पायल तड़वी की मां और उसके पति ने बताया के पायल के साथ शुरू से ही आदिवासी होने की वजह से  जातिसूचक गालियां और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा है जिसकी शिकायत पायल की माँ ने हॉस्पिटल प्रशासन से भी की थी, लेकिन उनके इस शिकायत को उक्त हाॅस्पिटल के प्रशासक ने नजरअंदाज कर दिया ।

आज पटना के कारगिल चैक (गांधी मैदान) में देशव्यापी प्रतिवाद के तहत ’प्रतिवाद मार्च’ और ’सभा’ प्रतिवाद सभा मे बोलते हुए ऐपवा की पटना जिला सचिव अनिता सिन्हा, आइसा के राज्याध्यक्ष मोख्तार, आरवाईए के राज्य सचिव सुधीर ने संयुक्त रूप से कहा कि हमलोगों को पायल तड़वी की सांस्थानिक हत्या से रोहित वेमुला की याद दिलाना शुरू कर दी है । पिछले पांच साल और अब दूसरा जनादेश वाली  मोदी सरकार के पूरे दौर में जिस तरह से नफरत और जातीय घृणा फैलाई गई है उसके फलस्वरूप बहुत ही सुनियोजित तरीके से दलितों- अल्पसंख्यकों- आदिवासियों और सभी कमजोर तबकों पर हमला की जा रही है। पायल तड़वी एक होनहार मेडिकल की छात्रा थी लेकिन इस देश के भीतर मौजूद मनुवादी सोच के लोगों के लिए एक आदिवासी समुदाय में पैदा हुई लड़की का डॉक्टर बनना पच नही पाया और उनका लगातार शोषण होता रहा, जिसके कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। आगे तीनों वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब पूरे देश नफरत और जातीय घृणा को फैलाने वाली फैक्ट्री भाजपा- आरएसएस सत्ता में काबिज हो गयी है ,ऐसे वक्त में हमे बहुत सचेत रहते हुए इनके मनुवादी-ब्राह्मणवादी विचारों का डट कर मुकाबला करना होगा। आज हुए प्रतिवाद सभा में कोरस की राज्य सचिव समता रॉय, आइसा से रामजी यादव, सुधाकर, प्रियंका प्रियदर्शिनी, सरोज, डॉक्टर प्रकाश ने भी संबोधित किया। प्रतिवाद सभा का संचालन आइसा के मृणाल ने किया। इस प्रतिरोध कार्यक्रम में आइसा के राज्य सहसचिव आकाश कश्यप, आलोक, निशांत, दानिश, आशु ,संतोष आर्य, कोमल, प्राची, ऐपवा से अनुराधा कुमारी, राखी मेहता समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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