बाढ़ पीड़ित परिवारों को 295 करोड़ रुपए की सहायता राशि भेजी जा चुकी है : सुशील मोदी - Live Aaryaavart

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सोमवार, 22 जुलाई 2019

बाढ़ पीड़ित परिवारों को 295 करोड़ रुपए की सहायता राशि भेजी जा चुकी है : सुशील मोदी

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पटना, 22 जुलाई, बिहार के उप-मुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को कहा कि चार लाख 91000 बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में 6-6 हजार रुपए की दर से 295 करोड़ रुपए की सहायता राशि भेजी जा चुकी है। बिहार विधानसभा में बिहार विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2019 पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए सुशील ने कहा कि सूबे का एक भी बाढ़ पीड़ित परिवार 6 हजार रुपए की सहायता राशि से वंचित नहीं रहेगा। इस साल अब तक 12 जिले के 104 प्रखंडों की 467 पंचायत में 72.78 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है।  उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण अब तक 102 लोगों की मौत हुई है तथा 4 लाख 91 हजार पीड़ित परिवारों को 6-6 हजार की दर से 295 करोड़ रुपए की सहायता राशि उनके खाते में भेजी जा चुकी है। सुशील ने कहा कि 2017 में बाढ़ से 1 करोड़ 72 लाख लोग प्रभावित थे और 38 लाख परिवारों को 6-6 हजार की दर से 2358 करोड़ रुपए की सहायता राशि उनके खाते में भेजी गई थी। उस समय 649 लोगों की मौत हुई थी।

उन्होंने कहा कि बाढ़ से मुकाबले के साथ ही 25 जिलों के 280 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित कर 14 लाख 19 हजार किसानों को 931 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी गई है। बिहार राज्य फसल सहायता योजना से 3,85,117 किसानों को 317.3 करोड़ की राशि प्रत्यक्ष नगद अंतरण (डीबीटी) के जरिए दी गयी है। सुशील ने कहा कि आपदा के लिए इस साल 4320 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जबकि आकस्मिक निधि को बढ़ा कर 8020 करोड़ रुपए कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री के जवाब के बीच में राजद के वरिष्ठ सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आग्रह किया कि प्रदेश में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा माना जाए और केंद्र सरकार बाढ़ के कारण हुई क्षति का भार वहन करे। सुशील ने कहा कि 2004-05 को बजट जहां मात्र 23,885 करोड़ रुपए का था वहीं 2019-20 का बजट दो लाख 501 करोड़ रुपए का है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर 32798 करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान है। अप्रैल 2020 तक राज्य की सभी 8386 पंचायतों में उच्च माध्यमिक उच्च विद्यालय की स्थापना कर दी जाएगी। अब तक 5510 पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की जा चुकी हैं। सुशील ने कहा कि स्मार्ट क्लास की पूरे देश में काफी प्रशंसा हुई है। राज्य के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू करने के निर्णय के तहत 5726 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को 90-90 हजार रुपए की राशि उपलब्ध करा दी गयी है। अगस्त, 19 से स्मार्ट क्लास के जरिए पढ़ाई प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी 38 जिलों में कुल 137 इंजीनियरिंग व पोलिटेक्निक (54 इंजीनियरिंग कॉलेज जिसमें 9215 छात्रों का नामांकन व 10 जिलों में 16 प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ ही 71 पॉलिटेक्निक जिनमें 11323 छात्रों का नामांकन होगा) की स्थापना हो चुकी है। साल 2007 में जहां मात्र 29 सरकारी आईटीआई थी वहीं अब 149 सरकारी व 1167 प्राइवेट आईटीआई हैं। सुशील ने कहा कि 13 साल में (2006 से 2019 जून तक) कुल 90,813 किमी सड़कों का निर्माण 43,508 करोड़ रुपए खर्च कर कराया गया है। इस साल 4946.38 करोड़ खर्च कर 18,311 किमी सड़क की मरम्मत व 40,857 किमी सड़की का अनुरक्षण किया जाएगा। सिद्दीकी के आग्रह पर उप-मुख्यमंत्री के कुछ नहीं बोलने पर विपक्षी सदस्य सरकार के जवाब के दौरान ही सदन से वाकआउट कर गए। सुशील के जवाब के बाद सदन ने बिहार विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2019 को ध्वनि मत से पारित कर दिया।

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