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बुधवार, 10 जुलाई 2019

पूर्णिया : बांध के बचाव को ले शुरू हुए बचाव कार्य, बोरियों में मिट्‌टी भरकर किया जा रहा कार्य

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डगरुआ (आर्यावर्त संवाददाता)  : बाढ़ से पूर्व बांध को दुरूस्त करने की विभागीय कवायद तेज कर दी गई है। सैकड़ों बोरियों में मिट्‌टी भरकर बांध के समीप बिछाया जा रहा है। वहीं बांध की सुरक्षा में तैनात 6 सुरक्षा बलों को लगाया गया है। बताया जाता है कि प्रखंड क्षेत्र के दसपत्तर छपरेली निखरेल गैरिया घाट रुपैली तकरीबन 5 किलोमीटर तक बांध पर हर वर्ष तटबंध को बाढ़ के समय सुरक्षित रखने के लिए आवश्यकतानुसार बांध विभाग द्वारा कटाव से बचाव के बंदोबस्त किए जाते हैं। साथ ही इस 4 से 5 किमी के दरम्यान सुरक्षा की दृष्टि से खासकर बाढ़ के समय गार्ड तैनात किए जाते हैं। जो दिन रात बांध की स्थिति पर नजर रखते हैं। उक्त जानकारी देते हुए अधकैली पंचायत समिति मनोज दरवे ने बताया बाढ़ के समय पनार नदी निखरेल छठ घाट बांध के समीप हर साल खतरा बना रहता है। उक्त जगह पर 24 घंटे पहरेदारी की जाती है। जब गार्ड किसी कारण नहीं रहते तो निखरेल, भखड़ी, अमना, गैरिया, रुपैली, मीनापुर आदि गांव के सैकड़ों ग्रामीण बांध का खुद से रतजगा कर पहरेदारी करते हैं। क्योंकि बांध से पश्चिम दिशा में कई गांव हैं। ऐसे में यदि बांध टूट जाए तो सभी गांव नदी के पानी में डूब जाएंगे। तत्काल मिट्टी से भरी बोरियाें की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने कहा कि उक्त स्थलों पर विभाग कोई ठोस कदम उठाए और बेहतर तरीके से उक्त स्थलों को मजबूत किए जाए अन्यथा इस इलाके की लगभग 50 हजार आबादी को भारी नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाढ़ से पूर्व बेहतर ढंग से बांध पुल को मजबूत बनाने की अपील की है। अधिक से अधिक बांध पर गार्ड की मांग की है। बाढ़ आने पर पूर्वी भाग के लोगों द्वारा बांध तटबंध को काटने का भी खतरा रहता है। पश्चिमी भाग के ग्रामीण अपने खेत खलिहान व घर को बचाने के लिए खुद बांध की निगरानी करते हैं।

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