मुरैना : कलेक्टर ने पूरे प्रशासन को बैठाकर भूमि और जल अधिकार पर की जन सुनवाई - Live Aaryaavart

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रविवार, 28 जुलाई 2019

मुरैना : कलेक्टर ने पूरे प्रशासन को बैठाकर भूमि और जल अधिकार पर की जन सुनवाई

जिला कलेक्टर मुरैना ने कहा कि एकता परिषद द्वारा जो मुद्दे रखे गए है उन पर प्रशासन तुरंत कार्यवाही करेगा और  एक मोनिटरिंग समिति का गठन करा  देती हूँ जिसमे एकता परिषद के सदस्य भी होंगे और 3 माह में पुनः इन प्रकरण की समीक्षा करूँगी।
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मुरैना,24 जुलाई। इस जिले के पहाड़गढ़ ब्लॉक के मरा गांव में भूमि अधिकार और लोक कल्याणकारी योजनाओं पर एकता परिषद द्वारा जन सुनवाई का आयोजन किया।  इस अवसर पर एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रणसिंह परमार, मुरैना कलेक्टर सुश्री प्रियंका दास , जौरा एसडीएम श्री नीरज शर्मा, जोरा और सबलगढ़ के विधायक प्रतिनिधि सहित 18 विभागों का अमला सम्मिलित हुए। मौके पर कार्यक्रम प्रारंभ में ही एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रणसिंह परमार जी ने कहा कि इस आदिवासी अंचल कई प्रकार की  समस्याएं है, जिनमे सबसे प्रमुख है  पहला आदिवासियों की जमीनों पर गैर आदिवासियों का कब्जा है जिसे प्रशासन हल नही, करा पा रहा है। दूसरा मामला भूदान की जमीन का है जिसे जैसलमेर, अजमेर और अन्य प्रदेशों के लोग जोत रहे है।तीसरी समस्या वन भूमि के दावों पर कोई निर्णय न लेना। चौथी गम्भीर समस्या पानी की है यहाँ का पानी का लेवल 400 से 450 फुट है, यहाँ जंगल के वर्षा जल को रोकने के लिये प्रशासन ने कभी कोशिश नही की तो एकता परिषद ने श्रमदान के माध्यम से एक तालाब बनवाया था उससे यहाँ के 12 कुएं रिचार्ज हो जाते थे लेकिन अब वो भी सूख गए हैं और लोग 3 से 4 किलोमीटर की दूरी से पानी ला रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर महोदया से अनुरोध किया कि गांव से जो नदी निकल रही है उस पर यदि चेक डेम बनाकर पानी रोक दिया जाय तो गांव के कुएं साल भर पानी देते रहेंगे। उन्होंने एक अनुरोध और किया कि मरा, मानपुर, कन्हार बम्होरी के बीच मे लगभग 500 एकड़ जंगल की जमीन है जो कि चरनोई और निस्तार के लिए है उसका सामुदायिक वन भूमि अधिकार दे दिया जाए जिससे कि ये लोग जंगल से मिलने वाली चीजों से अपनी आजीविका चला सके। इसके अलावा उन्होंने पलायन सहित लोक कल्याणकारी योजनाओं तक आदिवासी की पहुँच पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम  के अंत मे जिला कलेक्टर मुरैना ने कहा कि एकता परिषद द्वारा जो मुद्दे रखे गए है उन पर प्रशासन तुरंत कार्यवाही करेगा और  एक मोनिटरिंग समिति का गठन करा  देती हूँ जिसमे एकता परिषद के सदस्य भी होंगे और 3 माह में पुनः इन प्रकरण की समीक्षा करूँगी। कार्यक्रम में अन्य लोंगो द्वारा भी अपनी बात रखी गई। कार्यक्रम का संचालन श्री उदय भान सिंह जी ने किया। आभार रबिन्द्र सक्सेना द्वारा किया गया। जनसुनवाई में 23 गांव से 400 से अधिक लोंगों ने भाग लिया।566 विभिन्र तरह का आवेदन उदय भानसिंह जी द्वारा जिला कलेक्टर को दिए गए।

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