सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 10 जुलाई - Live Aaryaavart

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बुधवार, 10 जुलाई 2019

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 10 जुलाई

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने जनाधिकार कार्यक्रम में दिये निर्देश

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मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा मंत्रालय में वीडियो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से जनाधिकार कार्यक्रम को संबोधित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समस्त कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जनहित के काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्यवाही को प्रचारित करें, ताकि आम लोगों को पता चले और अन्य लापरवाह अधिकारियों को भी सबक मिले। मौजूदा व्यवस्था में प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का समाधान शत-प्रतिशत होना चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि शिकायतें आने पर ही निराकरण करने की संस्कृति को समाप्त करें। जिलों के सेवा प्रदाय तंत्र को ऐसा चुस्त दुरूस्त रखें कि शिकायतों की संख्या निरंतर कम होती जाए। उन्होंने कहा कि समय पर समाधान न करने वालों की जिम्मेदारी तय हो और उन पर की जाने वाली कार्यवाई की बुकलेट बनाई जाए ताकि लोगों को अपने दायित्व का भान हो सके। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने ''आपकी सरकार-आपके द्वार'' कार्यक्रम के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि वे महीने में दो बार किसी एक ब्लाक और गाँव में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और तत्काल निराकरण योग्य समस्याओं का स्थल पर ही निराकरण करें। उन्होंने कलेक्टरों को प्रत्येक माह राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश के संबंध में कहा कि वे जिलों में सहयोगी की भूमिका में निवेशकों का साथ दें, उनकी मदद करें। कौशल विकास केन्द्रों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आकलन करें कि प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिलने और स्वरोजगार स्थापित करने में कितनी सफलता मिली। सिर्फ कौशल प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है। कानून-व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय एवं सावधान रहने से कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण हो सकेगा।  मुख्यमंत्री श्री नाथ ने सीएम हेल्पलाइन 181 की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रयोग के तौर पर तीन जिलों की अपनी हेल्पलाइन स्थापित करें और इसका परिणाम देखें। इसी प्रकार प्रत्येक सेक्टर के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन भी स्थापित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिस जिले में सेवा प्रदाय तंत्र कमजोर होता है, वहां से ज्यादा शिकायतें मिलती हैं। इसी प्रकार जिस जिले में शिकायत नहीं के बराबर हैं, इसका मतलब जनता ने शासन से उम्मीद करना बंद कर दिया है। दोनों स्थितियां ठीक नहीं हैं। शिकायत निवारण का तंत्र नीचे से ऊपर की ओर काम करना चाहिए।

विश्व जनसंख्या स्थिरता माह आज से प्रारंभ

विश्व जनसंख्या स्थिरता माह के दौरान 11 जुलाई से 11 अगस्त तक प्रदेश में जनसंख्या स्थिरता के उद्देश्य से सभी विकासखंड मुख्यालय पर परिवार विकास मेले लगाए जाएंगे। मेले में जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुश्री छवि भारद्वाज ने जिला कलेक्टरों से कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिये अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करें। जनसंख्या नियंत्रण के लिये कारगर प्रयास करें। उन्होंने बताया कि मिशन द्वारा जिला स्तर पर परिवार विकास मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवाप्रदाता और प्रेंरकों को स्वतंत्रता दिवस पर प्रशस्ति-पत्र दिये जायेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जनसंख्या दिवस की गतिविधियों को दो हिस्सों में क्रियान्वित किया जाएगा। पहले हिस्से में 10 जुलाई तक दम्पत्ति सम्पर्क पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसमें एएनएम, आशा कार्यकर्ता और अन्य मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर सम्पर्क स्थापित कर लक्ष्य दम्पत्ति सर्वे करेंगे। इसमें हितग्राहियों को चिन्हित कर उन्हें स्थाई एवं अस्थायी परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिये प्रेरित करेंगे। आरोग्य केन्द्र में लक्ष्य दम्पत्तियों की सूची प्रदर्शित की जाएं।

परिवार विकास मेले का आयोजन नवदंपत्तियों को वितरित की जाएगी नई पहल कीट

विश्व जनसंख्या स्थिरता दिवस पर आज 11  जुलाई को ट्रामा सेंटर स्थित मातृ-शिशु स्वास्थ्य केन्द्र प्रांगण में परिवार विकास मेले का आयोजन दोपहर 12 बजे से किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि इस अवसर पर नव दंपत्ति सम्मेलन का आयोजन कर नव विवाहित जोड़ों को नई पहल कीट का वितरण किया जाएगा। विभाग द्वारा राष्टीय विकास में जनसंख्या नियंत्रण जरूरी विषय पर स्कूल स्तरीय निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र तथा पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रदर्शनी तथा प्रेरणा कार्नर के माध्यम से लोगों को परिवार कल्याण की स्थायी एवं अस्थायी सेवाओं के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

नेशनल लोक अदालत 13 जुलाई को

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 13 जुलाई को जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राजवर्धन गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय सहित तहसील न्यायालों में लंबित तथा प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण, लोक अदालत में किया जाएगा। नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य सिविल और आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामलें, एम.ए.सी.टी. प्रकरण(मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा), वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जलकर/बिल संबंधी प्रकरण(चोरी के मामलों को छोड़कर), सेवा मामलें जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामलें तथा अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्य, प्रीलिटिगेशन(मुकदमा पूर्व) प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। आम जनता से इस नेशनल लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे से कराकर लाभ उठाने की अपील की गई है।

मतदाता सूची में नवीन बसाहटों के मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों के आम निर्वाचन 2019 के लिए मतदाता सूची तैयार करने का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्रीमती सुनीता त्रिपाठी ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया है कि मतदाता सूची में मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलायें। उन्होंने सामान्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ ही नवीन मतदाताओं, महिला, नवीन बसाहटों, दिव्यांग तथा दूरस्थ एवं बिखरे हुए समूहों के मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष कार्य-योजना बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे। 

प्रभारी सचिव हर माह अपने प्रभार के जिले का दौरा करेंगे

प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभारी सचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य शासन ने नियुक्त किए गए सभी  प्रभारी सचिवों को निर्देश दिए गए है कि वे हर माह कम से कम एक बार अपने प्रभार के जिले का दौरा करें तथा वहां संचालित विकास योजनाओं व शासकीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करें।

धान के अधिक उत्पादन हेतु श्री विधि अपनाने की सलाह

कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान के अधिक उत्पादन के लिए श्री विधि से खेती करने की सलाह दी गई है। खेती को लाभकारी बनाने के लिये आवश्यक है कि किसानों के पास उपलब्ध सीमित संसाधनों का उचित उपयोग किया जाए। जिले में प्रति वर्ष धान की खेती के रकबे में बढ़ोत्तरी हो रही है।   श्री विधि लघु एवं सीमांत किसानों के लिए विशेष लाभदायी है। श्री विधि के अनुसार खेती करने पर धान का उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 30 से 40 क्विंटल तक होता है। कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में जिले में 70 हेक्टेयर क्षेत्र में नर्सरी तैयार कर किसानों को लगभग 4200 हैक्टेयर में पौध का वितरण किया जा रहा है। श्री विधि में प्रति एकड़ बीज की मात्रा लगभग दो किलोग्राम की होती है। इसमें 8 से 12 दिन की पौध रोपते हैं तथा पौध से पौध की दूरी एवं लाईन से लाईन की दूरी 10 इंच रखते हैं। श्री विधि में कम पानी की आवश्यकता होती है। इसमें प्रति पौधे से 50 से 80 तक कल्ले निकलते हैं। श्री विधि में बीज की छटाई एवं उपचारित करने के लिए दो किलोग्राम धान बीज को नमक मिले 1/2 बाल्टी पानी में डालें। पानी में ऊपर तैरने वाले बीज को अलग निकाल दें तथा शेष बीज को कार्वन्डाजिम/वावस्टिन मिले बीज को एक जूट की गीली बोरी में बांधकर 24 घण्टे छायादार जगह में अंकुरण के लिए रखें। इसी प्रकार एक एकड़ धान की रोपाई के लिए 30 फीट x 5 फीट की 6 नर्सरी तैयार करें। नर्सरी में लगभग 8 से 12 दिन की पौध रोपा तैयार हो जाने के बाद खेत में रोपाई करें।

भूमिबंधक प्रकरणों का निराकरण लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से

भूमिबंधक दर्ज करने एवं विमुक्त करने के संबंध में आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त द्वारा कृषि भूमि पर बंधक दर्ज किए जाने हेतु भू-लेख पोर्टल पर भूमि बंधक मोडयूल उपलब्ध कराया गया है। इस मोडयूल से बैंक शाखाओं को कृषि भूमि के बंधक दर्ज करने हेतु आवेदन राजस्व न्यायालयों में भेजने की सुविधा ऑन लाइन उपलब्ध कराई गई है। बैक शाखा द्वारा बंधक दर्ज किए जाने हेतु आवेदन किए जाने पर यह आवेदन संबंधित पटवारी हल्का यूजर के पास पहुंचेगा। पटवारी द्वारा अग्रेषित किए जाने पर आवेदन संबंधित तहसीलदार यूजर के पास पहुंचेगा। मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 की धारा-3 के तहत राजस्व विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवा पदाभिहीत अधिकारी का पदनाम सेवा प्रदान करने के लिए निश्चित की गई है। भूमिबंधक दर्ज करना तथा भूमि बंधक विमुक्त दर्ज करना दोनों सेवाओं के लिए पदाभिहित अधिकारी तहसीलदार होंगे। दोनों सेवा प्रदाय करने की समय सीमा तीन दिवस है। प्रथम अपीलीय अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी होंगे। प्रथम अपीलीय अधिकारी के निराकरण की समय सीमा 15 दिवस है। द्वितीय अपीलीय अधिकारी संभागीय आयुक्त होंगे

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