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शुक्रवार, 12 जुलाई 2019

पूर्णिया : कृषि महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने विवेकानंद जी के जीवन दर्शन व सिद्धांतों की प्राप्त की जानकारी

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पूर्णिया (आर्यावर्त संवाददाता)  : अखिल भारतीय शैक्षणिक भ्रमण-2019 अंतर्गत विवेकानंद स्मारक शिला एवं परिव्राजक सन्यासी प्रदर्शिनी, कन्याकुमारी, तमिलनाडु का कृषि महाविद्यालय पूर्णियाँ के स्नातक कृषि छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया। भारत के समुद्र में स्थित एक स्मारक है जो भूमि तट से लगभग 500 मीटर अंदर समुद्र में दो चट्टानों के ऊपर निर्मित किया गया है। स्वामी विवेकानंद जी के जीवन दर्शन एवं सिद्धांतों को प्रसारित करने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की गई थी। इस केंद्र का मानना है कि ईश्वर प्रत्येक मनुष्य में है और उसे जगाकर देश निर्माण में उपयोग किया जा सकता है। इस संस्थान में सेवा से संबंधित कार्यों जिसमें मुख्य रूप से योग, स्वाध्याय एवं संस्कार के माध्यम से देश की सभ्यता एवं संस्कृति का परिचय कराया जाता है। जिससे व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास हो सके। भारतीय समाज के अनेक समस्याओं का मूल कारण समाज को समुचित शिक्षा न मिलना है। देश के विभिन्न भागों में शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण विकास पर ध्यान दिया जाता है। संस्थान से विभिन्न प्रकाशन भी प्रकाशित किए जाते हैं। कुछ पत्रिकाएं छात्र छात्राओं ने खरीदी जिसमें युवा भारती, केंद्र भारती, विवेकानंद पत्रिका एवं जागृति आदि शामिल है। छात्र छात्राओं ने कन्याकुमारी मंदिर के दर्शन किए। कन्याकुमारी एवं कोवलम समुद्र के किनारे छात्र छात्राओं ने समुद्री लहरों का भी आनंद लिया। इस अखिल भारतीय शैक्षणिक भ्रमण-2019 भ्रमण दल में तृतीय वर्ष के 26 छात्र एवं 17 छात्राएं शामिल हैं। सभी छात्र छात्राओं ने लगातार 15 दिनों तक देश के दक्षिणी राज्यों में स्थित कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों, कृषि अनुसंधान संस्थानों, उद्यानों के साथ साथ देश के पुरातन सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया। इस अखिल भारतीय शैक्षणिक भ्रमण दल-2019 का नेतृत्व एवं मार्गर्दशन कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया के मृदा वैज्ञानिक डाॅ पंकज कुमार यादव एवं मखाना वैज्ञानिक डाॅ अनिल कुमार द्वारा किया जा रहा है।

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