बिहार : डॉ. मिश्र कुशल प्रशासक, संवेदनशील नेता और अर्थशास्त्र के विद्वान : राज्यपाल - Live Aaryaavart

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सोमवार, 19 अगस्त 2019

बिहार : डॉ. मिश्र कुशल प्रशासक, संवेदनशील नेता और अर्थशास्त्र के विद्वान : राज्यपाल

बिहार में तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। नीतीश ने कहा कि पूर्व सीएम का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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पटना,19 अगस्त। लम्बे समय से बीमार चल रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्रा का 83 वर्ष की आयु में दिल्ली के एक अस्पताल में सोमवार को निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि 83 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र कैंसर रोग से पीड़ित थे।

कौन हैं जगन्नाथ मिश्रा? 
जगन्नाथ मिश्रा का जन्म सुपौल जिले के बलुआ बाजार में 24 जून, 1937 में हुआ था।बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री मिश्रा ने प्रोफेसर के रूप में अपना करियर शुरू करते हुए बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। डॉ मिश्रा तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। डॉ मिश्रा 1975 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। दूसरी बार उन्हें 1980 में कमान सौंपी गई और आखिरी बार 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी।राजनीति में बचपन से ही उनकी रुचि थी। उनके बड़े भाई, ललित नारायण मिश्र राजनीति में थे। डॉ मिश्रा विश्वविद्यालय में पढ़ाने के दौरान ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गये। 

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी श्रद्धांजलि
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल फागू चौहान अपने शोक संदेश में कहा कि मिश्र एक कुशल प्रशासक, संवेदनशील राजनेता और अर्थशास्त्र के विद्वान प्राध्यापक थे। उन्होंने तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री के रूप में इस प्रदेश एवं देश की सेवा की। उनके निधन से देश को, विशेषकर बिहार प्रांत के राजनीतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। जगन्नाथ मिश्रा अपने पीछे तीन बेटे और तीन बेटियों के साथ भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं। मालूम हो कि उनकी पत्नी वीणा मिश्रा का पिछले साल जनवरी माह में गुड़गांव के मेदांता हॉस्पीटल में 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ जगन्नाथ मिश्रा के निधन पर राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।साथ ही कहा है कि डॉ मिश्रा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा।

श्रद्धांजलि 
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री राजन क्लेमेंट साह ने कहा कि अपना बिहार के 14 वें मुख्यमंत्री हैं जगन्नाथ मिश्रा। तीन बार मुख्यमंत्री बने।राजनीति में आने से पहले अपने करियर की शुरुआत लेक्चरर के तौर पर की थी। बाद में उन्होंने बिहार यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवाएं दी। उनको भावभीनी श्रद्धांजलि!

बिहार में डॉ मिश्र का नाम रहेगा
बड़े नेताओं में शुमार था। कांग्रेस छोड़ने के बाद, वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। फिलहाल डॉ मिश्रा जनता दल (यूनाइटेड) के सदस्य थे। 30 सितंबर 2013 को रांची में एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो कोर्ट ने चारा घोटाले में 44 अन्य लोगों के साथ डॉ मिश्रा को दोषी ठहराया और चार साल की कारावास सजा और 20,0000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। डॉ मिश्रा के साथ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भी सजा सुनाई गई और वो भी जेल में सजा काट रहे हैं। बताया जाता है कि चारा घोटाले की पटकथा जगन्नाथ मिश्रा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही तैयार की गई थी, लेकिन ये मामला सामने तब आया जब 1990 के दशक में लालू यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने। जगन्नाथ मिश्रा पर आरोप था कि इन्होंने दुमका और डोरंडा कोषागार से धोखाधड़ी करके रुपये निकलवाए।

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