सिस्टर कंसिलिया बाखला को झारखंड हाइकोर्ट से जमानत मिली - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

सिस्टर कंसिलिया बाखला को झारखंड हाइकोर्ट से जमानत मिली

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रांची, 27 सितम्बर. रांची के ऑक्सिलरी बिशप  थियोडोर मेस्कैरेनहास ने सिस्टर कंसिलिया बाखला को झारखंड हाइकोर्ट से 27 सितंबर, 2019 को जमानत मिल जाने पर प्रसन्नता जाहिर की है. थियोडोर मेस्कैरेनहास ने एक विज्ञप्ति जारी कर खुशी का इजहार किया है. उन्होंने कहा है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी (मदर टेरेसा सिस्टर्स) की सदस्य सिस्टर   कंसिलिया बाखला को झारखंड हाइकोर्ट से 27 सितंबर, 2019 को जमानत मिल गयी. 15 महीने के संघर्ष के बाद ईश्वर ने यह कृपा की है.  बताते चले कि मिशनरीज ऑफ चैरिटीज से जुड़ी निर्मल हृदय संस्था से बच्चा खरीद-फरोख्त मामले में आरोपित सिस्टर कंसिलिया बाखला को राहत मिल गई है। झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सिस्‍टर कंसिलिया को औपबंधिक जमानत दे दी। उच्‍च न्‍यायालय के जस्टिस आनंद सेन की कोर्ट ने इस मामले में सिस्‍टर को 4 माह की जमानत दी है। सिस्‍टर कंसिलिया की ओर से हाई कोर्ट में अधिवक्‍ता चन्दना कुमारी ने पक्ष रखा।

हाई कोर्ट ने चार माह की दी प्रोविजनल जमानत
मिशनरी ऑफ चैरिटी ट्रस्ट की संस्था निर्मल हृदय से बच्चा खरीद-फरोख्त मामले में आरोपित सिस्टर कंसिलिया बाखला को हाई कोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने उन्हें चार माह के लिए प्रोविजनल बेल प्रदान की है। अदालत ने उनको अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। इस मामले में किसी स्थाई निवासी द्वारा दस-दस हजार रुपये का निजी मुचलका भरा जाना है।

अगली सुनवाई चार माह बाद 
अब इस मामले की अगली सुनवाई चार माह बाद होगी। बाखला की ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता चंदना कुमारी ने अदालत को बताया कि इस मामले में सिस्टर कंसिलिया पर कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। वहीं, पांच जुलाई 2018 से ही वो जेल में बंद हैं और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है। इसी मामले में एक अन्य आरोपित अनिमा इंदवार को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसलिए इन्हें भी जमानत दी जाए।

सरकार की ओर से इसका विरोध 
सरकार की ओर से इसका विरोध किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सिस्टर कंसिलिया को चार माह की औपबंधिक जमानत प्रदान की है। बता दें कि पूर्व में हाई कोर्ट ने सिस्टर कंसिलिया की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद दोबारा उनकी ओर से याचिका दाखिल कर जमानत की गुहार लगाई गई थी।


रांची के ऑक्सिलरी बिशप ने प्रसन्नता जाहिर की
रांची के ऑक्सिलरी बिशप ने प्रसन्नता जाहिर की है. थियोडोर मेस्कैरेनहास ने एक विज्ञप्ति जारी कर खुशी का इजहार किया है. उन्होंने कहा है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी (मदर टेरेसा सिस्टर्स) की सदस्य सिस्टर कंसिलिया को झारखंड हाइकोर्ट से 27 सितंबर, 2019 को जमानत मिल गयी. 15 महीने के संघर्ष के बाद ईश्वर ने यह कृपा की है. उन्होंने कहा मदर टेरेसा सिस्टर्स पर उन्हें गर्व है, जिन्होंने इस मामले में साहस और धैर्य का परिचय दिया.

‘निर्मल हृदय’ से बेचा गया एक नवजात
यहां बताना प्रासंगिक होगा कि रांची के जेल रोड स्थित ‘निर्मल हृदय’ से बेचा गया एक नवजात बरामद हुआ. इसके बाद एक से बढ़कर एक सनसनीखेज खुलासे हुए. जांच के दौरान खुलासा हुआ कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी से जुड़े होम्स में वर्ष 2015 से 2018 के बीच 450 गर्भवती महिलाओं को भर्ती कराया गया था. उनमें से सिर्फ 170 नवजात शिशुओं का ही डिलिवरी रिकॉर्ड मिला. बाकी 280 के बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं था. 

रांची जिला प्रशासन की जांच में पता चला 
रांची जिला प्रशासन की जांच में पता चला कि ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ से जुड़े संस्थान में वर्ष 2017 में 26 नवजातों का जन्म हुआ. इनमें दो की मौत हो गयी, जबकि 24 बच्चों का कोई अता-पता नहीं है. न ही उनके बारे में किसी तरह की जानकारी संस्था के रजिस्टर में दर्ज है. मामले का खुलासा तब हुआ, जब मई, 2018 में मिशनरी ऑफ चैरिटी से जुड़े होम से एक नवजात शिशु को एक दंपती ने 1.20 लाख रुपये में खरीदा. इस दंपती से नवजात के जन्म और चिकित्सा देखभाल के नाम पर ये रकम ली गयी थी. दंपती का आरोप है कि संस्था की ओर से यह आश्वासन देकर बच्चा वापस ले लिया गया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चा लौटा दिया जायेगा. लेकिन, बाद में बच्चा नहीं दिया गया.  इससे खिन्न दंपती ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में इसकी शिकायत कर दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ओर से संचालित होम की कर्मचारी अनिमा इंदवार और सिस्टर कोनसीलिया को गिरफ्तार कर लिया. इसी दौरान कोतवाली पुलिस ने बताया था कि उन्हें चार बच्चों को बेचे जाने की सूचना मिली है. तीन बच्चों को झारखंड में और एक बच्चे को उत्तर प्रदेश में बेचा गया.

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