नयी दिल्ली 23 नबम्बर, वाम दलों ने महाराष्ट्र में एक नाटकीय घटनाक्रम में फड़नवीस सरकार के गठन की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने संविधान की धज्जियां उड़ाकर यह सरकार बनायी है इसलिए राष्ट्रपति को इस मामले में हस्तक्षेप करके संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने अलग-अलग बयान जारी कर महाराष्ट्र की घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के राज्यापाल ने जो भूमिका निभाई है,उससे यह सिद्ध हो गया कि भारतीय जनता पार्टी संसदीय परम्पराओं की अनदेखी की है और लोकतंत्र की हत्या की है।भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने अपने बयान में कहा कि पिछले पांच सालों में भाजपा ने राज्यपाल पद का दुरुपयोग करके उत्तराखंड ,गोवा,मणिपुर,नागालैंड तथा अन्य राज्यों में इस तरह सरकार का गठन करके लोकतंत्र का मखौल उड़ाया है और भारतीय गणतंत्र को धक्का पहुंचाया है। उन्होंने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से अपील की कि वह इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करके संविधान की रक्षा करें।माकपा पोलित ब्यूरो ने अपने बयान में कहा कि जिस चोरी-छिपे तरीके से मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजीत पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली उससे सिद्ध हो गया कि भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है और किसी हद तक गिर सकती है। उसने वही किया जो उसने गोवा, कर्नाटक तथा पूर्वोत्तर राज्यों में किया था।पार्टी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक इस्तेमाल के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल कार्यालय का दुरुपयोग किया गया। पार्टी ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की गतिविधियों पर नज़र रखेगी।
शनिवार, 23 नवंबर 2019
राष्ट्रपति से महाराष्ट्र मामले में हस्तक्षेप करने की मांग : लेफ्ट
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