जय जगत यात्रा में शामिल शांति दूतों का आगमन भोपाल जिले में 55 दिनों बाद - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 26 नवंबर 2019

जय जगत यात्रा में शामिल शांति दूतों का आगमन भोपाल जिले में 55 दिनों बाद

  • गांधीवादी विचारों के साथ वैश्विक शांति एवं न्याय के लिए ‘‘जय जगत 2020’’ यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू।

एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक अनीष कुमार ने बताया कि 2 अक्टूबर को दिल्ली के राजघाट से शुरू हुई ‘‘जय जगत 2020’’ यात्रा हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई स्थानों से होते हुए 1000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर आज से भोपाल जिले में है।
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भोपाल,25 नवंबर। विश्व शांति एवं न्याय के अभियान पर निकले ‘‘जय जगत 2020’’ यात्रा में शामिल शांति दूतों ने आज भोपाल जिले में प्रवेश किया। यात्रा की अगुवाई कर रहे एकता परिषद के संस्थापक प्रसिद्ध गांधीवादी राजगोपाल पी.व्ही. के नेतृत्व में 15 देशों के शांति दूतों के भोपाल जिले में आगमन पर यात्रा में जल पुरुष राजेन्द्र सिंह भी शामिल हुए। इस अवसर पर जिला प्रशासन और जिले के गणमान्य नागरिकों ने शांति दूतों का गर्मजोशी से स्वागत किया। एकता परिषद के राष्ट्रीय संयोजक अनीष कुमार ने बताया कि 2 अक्टूबर को दिल्ली के राजघाट से शुरू हुई ‘‘जय जगत 2020’’ यात्रा हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई स्थानों से होते हुए 1000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर आज से भोपाल जिले में है। भोपाल में कल 26 नवंबर को सुबह 11 बजे यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के सामने स्थित मूर्ति के पास गैस त्रासदी में मारे गए लोगों और गैस पीड़ितों के लिए कार्यरत अब्दुल जब्बार की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा होगी। इसके बाद हैनिमन होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में बा-बापू की स्मृति में आयोजित गांधी समारोह में शांति दूत शिरकत करेंगे। 27 नवंबर को प्रदेश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ शांति दूत गांधी भवन पहुंचेंगे। 28 नवंबर को शाम 4 बजे गांधी भवन में बा-बापू जन उत्सव का उद्घाटन किया जाएगा, जो 1 दिसंबर तक सुबह 9 बजे से शाम 9 बजे तक चलेगा। इसमें ग्रामीण उत्पाद, जैविक उत्पाद, खादी उत्पाद और गांधीवाद से जुड़े पुस्तकों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इस दौरान सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। अनीष ने बताया कि 30 नवंबर और 1 दिसंबर को गांधी भवन में दो दिवसीय युवा सम्मेलन किया जाएगा। इसमें युवा और युवाओं के नेतृत्वकर्ता शामिल होंगे, जो जय जगत के चार स्तंभों - गरीबी खत्म करने, सामाजिक बहिष्कार का उन्मूलन, जलवायु संकट पर सक्रियता और संघर्षों एवं हिंसा को खत्म करने पर चर्चा करेंगे। 2 अक्टूबर को यात्रा भोपाल से आगे बंगरसिया के लिए रवाना हो जाएगी। राजगोपाल पी.व्ही. का कहना है कि हमारे जीवन के हर पहलू में अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए। अहिंसा का मतलब हर तरह की हिंसा से मूक्ति के साथ-साथ हमारे व्यवहार में परिवर्तन लाना है। सामूहिक अहिंसा का मतलब समाज और राज्य के स्तर पर गरीबों एवं वंचितों को न्याय मिलना है। गांधीवादी नजरिए से विकास करने पर प्रकृति के प्रति भी हम अहिंसा का बर्ताव कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वैश्विक शांति एवं न्याय के लिए महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्तूबर से दिल्ली के राजघाट से ‘‘जय जगत 2020’’ शुरू की गई है। यात्रा में फ्रांस, न्यूजीलैंड, केन्या, बेल्जियम और स्वीट्जरलैंड सहित 15 देशों के शांति दूत भी शामिल हैं। भारत के बाद यह यात्रा 10 देशों से होते हुए अगले साल 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय जिनेवा पहुंचेंगी, जहां शांति एवं न्याय के लिए समर्पित हजारों लोगों का समागम होगा। भारत में यात्रा 30 जनवरी 2020 को सेवा ग्राम, वर्धा, महाराष्ट्र स्थित गांधी आश्रम पहुंचेगी, जहां बा-बापू की 150वीं एवं आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शांति महासभा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद यात्रा अन्य देशों के लिए रवाना हो जाएगी।

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