विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 30 नवंबर - Live Aaryaavart

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शनिवार, 30 नवंबर 2019

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 30 नवंबर

आज मां वैत्रवती के तट से निकलेगी भव्य कलश यात्रा वैशाली नगर में बटुकजी की 7 दिवसीय संगीतमय भागवत का होगा शुभारंभ

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विदिशा- शहर के रीठा फाटक स्थित वैशाली नगर में आज से श्रीमद् भागवत कथा का संगीतमय आयोजन होने जा रहा है जिसमें गौवत्स पं अंकितकृष्ण तेनगुरिया के श्रीमुख से भागवत कथा का वाचन किया जाएगा। इस अवसर पर विशाल भव्य कलश मां बैत्रवत्ती के तट से निकाली जाएगी । जिसमें बड़ी संख्या संख्या में माताएं बहनें और धर्म प्रेमी बंधु शामिल होंगे  । कलश यात्रा शहर की जीवनदायनी मां बेतवा के पवित्र तट से सुबह 10:00 बजे प्रारंभ होगी,आचार्य सतेंद्र शास्त्री ने बताया कि यात्रा के पूर्व बेतवा के तट पर गौवत्स पं अंकितकृष्ण तेनगुरिया वटुकजी  मां बेतवा की आरती और विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करेंगे तत्पश्चात यात्रा शुरू होगी, यात्रा के दौरान धर्मप्रेमी बंधु श्रीमद् भागवत पुराण का मार्ग में पूजन भी करेंगे। रामलीला ग्राउंड और शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यात्रा कथास्थल वैशाली नगर पहुंचेगी। जहां पहले मुख्य यजमान कुशवाह परिवार द्वारा व्यास गादी की पूजा और आरती की जाएगी इसके बाद महाराजश्री की कथा शुरू होगी। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में पहले दिन महाराज श्री भागवत महत्व के बारे में बताएंगे। कथा प्रतिदिन दोपहर 1:00  बजे से शाम 4:00 बजे तक आयोजित होगी । आयोजकों ने शहर के धर्म प्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वह अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म का लाभ लेवें। कथा में प्रसिद्ध भजन गायक राजा विश्वकर्मा और उनकी पूरी भजन मंडली भी मौजूद रहेगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से आए संगीत कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। कथा का समापन 7 दिसबंर को होगा। आचार्यश्री ने बताया कि विश्राम दिवस के दिन पूर्णाहूति के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

खुशियों की दास्तां : संकटा परिवार के चिराग को योजना से मिला नया जीवन

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ठेले से सब्जी बेचकर परिवार का जीवनयापन करने वाले वीर सिंह रैकवार का छह वर्षीय पुत्र मास्टर तरूण रायकवार बार-बार बीमार हो रहा था, चक्कर आ रहे थे और सांस फूल रही थी। बच्चे का शारीरिक विकास भी बाधित हो रहा था। सदैव बच्चे के स्वास्थ्य के प्रति चिन्तित रहने वाली तरूण की मां रामवती को जब पता चला कि उनके पुत्र हृदय रोग से पीड़ित है। ऐसे समय जब पुत्र के इलाज हेतु चारो ओर अंधेरा नजर आ रहा था। ऐेसे समय आरबीएसके टीम की सदस्य डॉ अंजलि गुप्ता द्वारा 27 अगस्त 2019 को स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान तरूण को हृदय रोग (फैलोट टेट्रोलॉजी) से ग्रस्त पाया। बच्चे के मां बाप को निःशुल्क इलाज की जानकारी दी गई और परीक्षण हेतु शासकीय बस के द्वारा इन्दौर के सत्य सांई चिकित्सा ट्रस्ट में आयोजित शिविर में शामिल कराने के प्रबंध स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुनिश्चित किए गए थे। इन्दौर में 21 सितम्बर 2019 को जांच के बाद आपरेशन हेतु गुजरात के सत्य सांई हार्ट हास्पिटल अहमदाबाद भेजा गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा तीस सितम्बर को तरूण के हार्ट की सर्जरी कर एक माह तक अपनी देखरेख में रखा। एक माह बाद बाद तरूण पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर वापिस विदिशा लौटा। पुत्र तरूण को नया जीवनदान मिलने पर रामवती बाई और वीर सिंह सरकार की योजना को दुहाई देते नही थक रहे है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से उनके घर के चिराग तरूण को नया जीवनदान मिलने पर सरकार के प्रति कृतज्ञता अभिव्यक्त कर रहे है। तरूण के पिता श्री वीर सिंह ने बताया कि जहां पहले मुझे स्वरोजगार संचालन के लिए आर्थिक सहायता मिली इसके पश्चात् अब बच्चे का इलाज में एक पैसा खर्च नही हुआ। 

जागरूकता का संदेश रैली से

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राष्ट्रीय सघन मिशन इन्द्रधनुष दो का प्रथम चरण दो दिसम्बर से शुरू होगा। आयोजन के उद्वेश्यों से जन-जन को अवगत कराने के लिए हर स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।  जिला चिकित्सालय परिसर से आज जागरूकता रैली के माध्यम से नगर के गणमान्य नागरिकों को मिशन इन्द्रधनुष के उद्वेश्यों से अवगत कराया गया है। जिला चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने रैली को हरी झंडी दिखाकर स्वंय ने भी सहभागिता निभाई है। रैली नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुई मिशन इन्द्रधनुष और पुरूष नसबंदी पखवाडा का संदेश दिया है। रैली में स्वास्थ्य विभाग का अमला व चिकित्सकगण शामिल हुए। 

जिला स्तरीय गोपाल पुरस्कार प्रतियोगिता संपन्न प्रतियोगिता में ज्यादा दूध देने वाले गौवंश-भैंसवंश पालक सम्मानित हुए 

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उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाए ंकार्यालय परिसर विदिशा जिला स्तरीय गोपाल पुरस्कार प्रतियोगिता का आयोजन आज सम्पन्न हुआ। समारोह को विदिशा विधायक श्री शशांक भार्गव ने सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि हम अपने पशुओं का ध्यान रखें केवल दूध लेने तक ही सीमित ना रहें। शासन की योजना के उद्वेश्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि देशी नस्ल के गोवंश पालन की ओर रूझान बढे़ इसके लिए सबसे ज्यादा दूध देने वाली गायो के पालकों को पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने वर्षाकाल के दौरान जानवरों को सड़को पर नही छोड़ने की अपील पशुपालकों से की है।
पुरस्कार
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में सर्वाधिक दूध देने वाली प्रथम तीन गाय पालकों को तथा सात को सांत्वना पुरस्कार प्रदाय किया गया है। प्रतियोगिता में ग्राम मिर्जापुर के सचिन अग्रवाल की गाय गिर नस्ल के द्वारा 15 लीटर औसतन दूध देने पर प्रथम पुरस्कार पचास हजार रूपए का, द्वितीय पुरस्कार नटेरन के श्री कल्याण सिंह यादव को तथा तृतीय पुरस्कार ग्राम ओखलीखेडा के श्री लक्ष्मण दयाल शर्मा की गाय गिर नस्ल को प्रदाय किया गया है। इसी प्रकार भैंसवंशीय दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता प्रथम स्थान ग्राम धौखेडा के लाखन सिंह यादव की मुर्रा भैंस नस्ल को सर्वाधिक 16 लीटर औसतन दूध उत्पादन पर प्रदाय किया गया है। द्वितीय पुरस्कार विदिशा के श्री लीलाकिशन कुशवाह को तथा तृतीय पुरस्कार सोमवारा के श्री शिवप्रसाद शर्मा को प्रदाय किया गया है। विदित हो कि जिला स्तर पर गौवंशीय एवं भैंसवंशीय के लिए क्रमशः प्रथम पुरस्कार 50 हजार, द्वितीय पुरस्कार 25 हजार , तृतीय पुरस्कार 15 हजार रूपये तथा सात-सात पशुपालाकें को सांत्वना पुरस्कार प्रदाय किया गया। इस अवसर पर श्री दीवान किरार एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। विभाग के उप संचालक श्री एससी वर्मा ने प्रतियोगिता आयोजन के उद्वेश्यों को रेखांकित किया। 

जन-सामान्य को निर्माण कार्य के लिए सस्ती दरों पर मिलेंगे गौण खनिज गौण खनिजों की रॉयल्टी और अनिवार्य भाटक दरें पुनरीक्षित 

राज्य शासन ने जन-सामान्य को निर्माण कार्यो के लिए सस्ती और सुलभ दरों पर गौण खनिज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। खनिज साधन द्वारा मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 29 के उप नियम 5 के अधीन गौण खनिजों की पुनरीक्षित रॉयल्टी और अनिवार्य भाटक दरें जारी की गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अनुवांशिक कुम्हार वर्गो को रॉयल्टी से छूट यथावत जारी रहेगी। मार्बल और ग्रेनाइट्स के ब्लॉक्स के निर्माण में निकलने वाले अनुपयोगी छोटे पत्थरों की निर्माण कार्यो में सुलभता से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं। अब ग्रेनाईट का अनुपयोगी वेस्ट 120 रूपये प्रति घन मीटर और मार्बल का अनुपयोगी वेस्ट 200 रूपये प्रति घन मीटर की दर पर उपलब्ध होगा। इस प्रयास से खदानों से निकलने वाले अनुपयोगी पत्थरो का उपयोग निर्माण कार्यो में किया जा सकेगा। मार्बल एवं ग्रेनाइट के आकारीय पत्थरों की रॉयल्टी दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। साथ ही, गिट्टी और पत्थरों की दरों में पांच वर्षो में बाजार मूल्यों को देखते हुए 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। खनिज साधन विभाग ने अनुपयोग पड़ी खदानों को चालू करने के लिए डेड रेन्ट दिये जाने के प्रावधान को सख्त कर दिया है। इसके अनुसार पूर्व में 40 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष के स्थान पर ग्रेनाईट, मार्बल आदि खनिजों के लिए दो लाख रूपये प्रति हेक्टर प्रति वर्ष दर निर्धारित की गई है। इसी प्रकार, गिट्टी, मुरम आदि खनिजों के लिए डेड रेन्ट एक लाख रूपये प्रति हेक्टर प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है। 

एमपीईआर एलर्ट सिस्टम से अपहृत बच्चों की तलाश में मिलेगी मदद  मंत्री शर्मा ने प्रस्तावित सिस्टम की जानकारी ली

प्रदेश में आने वाले समय में एमपीईआर (मध्यप्रदेश इमरजेंसी रिस्पांस एलर्ट सिस्टम) के जरिये प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों में गुम हुए बच्चों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके लिये एमपीईआर एलर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। जनसम्पर्क तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पी.सी. शर्मा ने  भोपाल में बीएसएनएल और मैप आईटी द्वारा सूचना के शीघ्र सम्प्रेषण के लिये तैयार किये जा रहे इस एलर्ट सिस्टम का प्रेजेन्टेशन देखा।  मैप आईटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर फ्रैंक नोबल ने बताया कि बीएसएनएल के सहयोग से उन्नत तकनीक अपनाते हुए अमेरिका के अम्बर एलर्ट सिस्टम के अनुरूप एमपीईआर एलर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों ने प्रस्तावित एलर्ट सिस्टम के विभिन्न फीचर्स की जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित एलर्ट सिस्टम में गृह विभाग (पुलिस), जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, राजस्व विभाग तथा कृषि विभाग की अहम् भूमिका रहेगी। किसी आपदा के दौरान एमपीईआर एलर्ट के सक्रिय होने पर मीडिया और आम लोगों के लिए ताजा सूचनाएं और फोटोग्राफ्स एजेंसी की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे। इस सिस्टम के जरिए आपदा की स्थिति में टेलीविजन और रेडियो प्रसारण में इमरजेंसी टोन सुनाई देगी। सोशल मीडिया के फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफार्म्स तक आम लोगों की बड़ी संख्या में पहुँच के चलते एमपीईआर एलर्ट की उपयोगिता बाबत जानकारी भी दी जाएगी।

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