बिहार : प्रेरितों की महारानी गिरजाघर में जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा को पदस्थापित - Live Aaryaavart

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रविवार, 5 जनवरी 2020

बिहार : प्रेरितों की महारानी गिरजाघर में जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा को पदस्थापित

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पटना,05 जनवरी। अब कुर्जी पल्लीवासी प्रेरितों की महारानी गिरजाघर में ही जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा दर्शन कर सकेंगे। यहां पर लाने का श्रेय लोकधर्मी लौरेंस अगस्टीन को जाता है। आज रविवार को नवनियुक्त कुर्जी पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर प्रशांत पायस माइकल के करकमलों से प्रेरितों की महारानी गिरजाघर में जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा को पदस्थापित कर दी गयी ।अपने स्वागत मिस्सा खत्म करने के बाद आकर फादर प्रशांत पायस माइकल ने लोकधर्मी लौरेंस अगस्टीन के द्वारा जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा समक्ष सामूहिक प्रार्थना करने के बाद पवित्र वाटर का छिड़काव करके प्रतिमा को उठाकर पदस्थापित स्थल पर गए।कुर्जी पल्ली के चर्च प्रेरितों की महारानी गिरजाघर में जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा को पदस्थापित कर दी । बताते चले कि लौरेंस अगस्टीन के परिजन झारखंड के बेरमो में रहते हैं. जबकि अब दीघा थानान्तर्गत शिवाजी नगर में रहते हैं। वहां आवाजाही होते रहता हैं। पाटलिपुत्र कॉलोनी में स्थित नोट्रेडेम एकेडमी में कार्यरत श्री लौरेंस का पुत्र रंजीत लौरेंस  जून 2019 में बेरमा गए थे। तब उन्होंने श्री इनका पुत्र  रंजीत लौरेंस बेरमो गए थे। वहां पर जाने के बाद जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा दर्शन किए। विधि के विधान के तहत रंजीत लौरेंस को जोरदार दिल का दौरा पड़ा। परिजन चिकित्सक के पास ले जा नहीं सकें। वहीं पर 11 जून, 2019 को निधन हो गया। 38 साल के थे।अपने पीछे विधवा शालिनी,पुत्र स्टीफन लुइस और रैनी लुइस को छोड़ गए। लौरेंस अगस्टीन ने कहा कि पुत्री रंजीत लौरेंस की याद में कुर्जी पल्ली के चर्च प्रेरितों की महारानी गिरजाघर में जारंगडीह की ढोरी माता की प्रतिमा को पदस्थापित की गयी ।जारंगडीह में प्रत्येक साल ढोरी माता वार्षिक समारोह झंडोत्तोलन व नोविना प्रार्थना की जाती है। यहां संत अंथोनी चर्च से श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में विनती करते हुए जुलूस की शक्ल में ढोरी माता तीर्थालय पहुंचते।  9 दिनों तक नोविना प्रार्थना आयोजित की जाती है।प्रतिदिन संध्या 4 बजे नोविना प्रार्थना, इसके बाद मिस्सा पूजा का आयोजन होता है। पर्व के दिन जारंगडीह की ढेरी माता की प्रतिमा को लेकर भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। मिस्सा के बाद परमप्रसाद वितरण किया जाता है।

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