वाराणसी, 06 फरवरी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में चल रहे ‘संस्कृति उत्सव 2020’ में मॉरिशस के छात्र-छात्राएं अपनी विभिन्न कलाओं की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह रही हैं। चार से छह फरवरी 2020 तक आयोजित इस उत्सव के दौरान 'राष्ट्र निर्माण में उच्च शिक्षा की भूमिका' विषय पर दूसरे दिन बुधवार को आयोजित भाषण प्रतियोगिता में मानव संसाधन विकास पर प्रतिभागियों ने काफी जोर दिया। उच्च शिक्षा की भूमिका को प्राथमिकता देते हुए प्रतिभागियों ने अपने विचारों में बीएचयू के संस्थापक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मलवीय के शिक्षा, समाज एव राष्ट्र के प्रति दृष्टिकोण की सराहा की तथा उसे स्वीकारा। मेहमान विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी की प्रासंगिकता मेंहदी एवं रंगोली की प्रतियोगिताओं में उभारने का प्रयास किया। आधुनिक दौर के दुनियां भर में युवाओं के जेहन में राष्ट्रपिता गांधी कितने गहरे रचे बसे हैं, यह संस्कृति उत्सव में साफ तौर पर दिखा। कार्टून एव स्केचिंग की प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने गांधी के सपनों वाले भारत के विविध आयामों को बखूबी उकेरा साथ ही महामना के सपनों के अनुरुप विश्वविद्यालय की भविष्य की तस्वीर भी बनाने का बेहतरीन और सराहनीय प्रयास किया। गौरतलब है कि भारत से गिरमिटिया मजदूर बनकर मारीशस गये लोगों ने पीढ़ियों से वहां भोजपुरी का झंडा बुलंद करते आ रहे हैं। भारतीय मूल के लोग वहां सरकार हैं। मारीशस में भोजपुरी को राजकीय भाषा का दर्जा मिला हुआ है। शायद दुनियां का इकलौता यही देश है, जिसने भोजपुरी भाषा के लिए इतना समर्पण दिखाया।
गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020
बीएचयू ‘संस्कृति उत्सव’ में मॉरिशस के छात्र-छात्राओं की धूम
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