झारखंड : पुलवामा हमले में शहादत की कैसी तस्वीर, शहीद की पत्नी सड़क पर बेच रही हैं सब्जियां - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020

झारखंड : पुलवामा हमले में शहादत की कैसी तस्वीर, शहीद की पत्नी सड़क पर बेच रही हैं सब्जियां

pulwama-martyr-widow
सिमडेगा (आर्यावर्त संवाददाता) :  क्या लेंगे मोदी जी, मटर छीलेंगे या आलू, बोलिए ना, आलू 20 रुपए किलो, मटर 30 रुपए किलो, अरे आप आलू-मटर क्यों लेंगे आप तो प्रधानमंत्री हैं, देश के सबसे बड़े नेता हैं, दुनिया की सबसे बड़ी बड़ी पार्टी के सबसे बड़े नेता। आपको कहां फूर्सत आलू-मटर लेने की, ये तो हमारा काम है। हम ही अपना सुहाग भी बलिदान करते हैं और हम ही अपना घर-बार चलाते हैं, आप देश चलाइए, आपको फूर्सत कहां। आप यकीन करेंगे, घोर राष्ट्रवाद के इस दौर में शहीद की पत्नी विमला देवी सड़क पर सब्जियां बेच रही हैं। जिस दौर में देश के हर स्टेशन पर तिरंगे की ऊंचाई सैकड़ों मीटर तक पहुंच रही है उस दौर में शहीद की पत्नी सौ-दो सौ रुपए की जुगाड़ के लिए तराजू ले आलू-मटर तौलने के लिए मजबूर हैं । ये तस्वीर है सिमडेगा की और ये महिला है शहीद विजय सोरेंगे की पत्नी,  दरअसल तराजू में सब्जियां नहीं नीयत तौली जा रही है । सरकारों की नीयत, पीएम-सीएम-डीएम की नीयत । पलड़े पर एक तरफ है शहादत तो दूसरी ओर है नीयत । अगर नीयत अच्छी होती तो शहीद विजय सोरेंग की पत्नी सड़क पर सब्जियां नहीं बेचतीं दिखतीं और ना ही शहीद की बेटियां फर्श पर बैठ खाना खातीं। 14 फरवरी 2019, साल चुनावी था, और माहौल में कहीं से भी इतनी बुरी खबर की आहट नहीं थी, मगर वेलेंटाइन डे की शाम जो खबर आई उसने पूरे मुल्क को हिला कर रख दिया, विमला देवी के लिए तो मानों आसमान टूट पड़ा । बेटियां बिलख पड़ीं , जो पिता चंद दिनों पहले ही छुट्टियां बिता कर लौटा था, रिटायरमेंट की तारीख नजदीक आ रही थी उनकी शहादत की खबर ऐसे आएगी सोचा तक ना था और जब ताबूत में शहीदे के जिस्म के टुकड़े पहुंचे तो देख कर रोंगेट खड़े हो गए, तब सलामी दी गई थी, परिवार की देखभाल का वादा किया गया था... और आज शहीद विजय सोरेंग की पत्नी सड़क पर सब्जियां बेच रही हैं

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...