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मंगलवार, 31 मार्च 2020

भारतीय नागरिकों का ध्यान रखें और काेरोना से लड़ाई में भागीदार बनें राजदूत : मोदी

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नयी दिल्ली, 30 मार्च, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न देशों में भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों से उन देशों में रहने वाले भारतीयों तथा कोरोना महामारी के मद्देनजर वहां फंसे देशवासियों की हर संभव मदद करने तथा देश की इस लड़ाई में भागीदारी करने का आह्वान किया है। श्री मोदी ने कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर आज सुबह विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ विचार-विमर्श के बाद दुनिया भर में तैनात भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि वे सभी अपने, सहयोगियों और परिवारों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। साथ ही उन देशों में रहने वाले भारतीयों तथा कोरोना के कारण वहां फंसे देशवासियों की हर संभव मदद करें। उन्होंने कहा,“ भले ही आप लोग घरों और देश से दूर हैं लेकिन भारत की कोरोना वायरस से लड़ाई में पूरी तरह भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि सभी भारतीयों की एकता और सतर्कता से देश के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सकता है। ” उन्होंने कहा कि अभी देश और दुनिया एक असाधारण दौर से गुजर रही है इसलिए इसके समाधान के लिए असाधारण कदम उठाये जाने की जरूरत है। इसे देखते हुए दुनिया का ज्यादातर हिस्सा पूर्णबंदी को झेल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने समय रहते इस समस्या से निपटने के लिए अनेक कदम उठाये थे जिससे कि संक्रमण की आशंका को कम किया जा सके। कोरोना वायरस के संक्रमण वाले देशों से भारतीय नागरिकों को निकालने में तत्परता के लिए राजदूतों तथा उच्चायोंगों की सराहना करते हुए श्री मोदी ने कहा कि वे अभी उनके देशों में फंसे देशवासियों का मनोबल बढ़ायें और उनकी हरसंभव मदद करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजदूतों को अपनी तैनाती के देशों में कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए अपनाये जाने वाले तरीकों और नयी चीजों पर ध्यान देना चाहिए और इन्हें देश के साथ साझा करना चाहिए। साथ ही उन्हें उन देशों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की जरूरत पड़ने पर खरीद की भी व्यवस्था करनी चाहिए। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए गठित विशेष फंड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बारे में भी प्रचार किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस संकट से अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर हो रहा है इसलिए उन्हें भविष्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तुओं और अन्य चीजों की आपूर्ति से संबंधित व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी तालमेल बनाना होगा। श्री मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर उत्पन्न हो रही अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर भी बेहद अधिक ध्यान देने की जरूरत है। बीजिंग, वाशिंगटन, तेहरान, रोम, बर्लिन और अबू धाबी देशों में तैनात राजदूतों ने प्रधानमंत्री के सामने उन देशों के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार भी रखें।  

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