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बुधवार, 29 अप्रैल 2020

सावधान! खतरनाक हो सकता है फूटपाथ से खरीदा हुआ मास्क, सरकार के गाइडलाइन का करें पालन

कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार लगातार प्रयासों में जुटी हुई है. इसे लेकर कई वॉरियर्स भी मैदान में डंटे हुए हैं. सरकार ने भी लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है, जिसके कारण सरायकेला में धड़ल्ले से सड़क किनारे मास्क की बिक्री हो रही है.
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सरायकेला (आर्यावर्त संवाददाता)  कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार समेत आम लोग भी लगातार प्रयासरत हैं. संक्रमण की संभावना को देखते हुए लोग अपने आप को सुरक्षित करने में लगे हैं. इससे बचने के लिए मास्क बेहद जरूरी है. सरकार ने प्रदेश में मास्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया है, जिससे मास्क की बिक्री भी बढ़ गई है. इसे लेकर मास्क की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है. दुकानदार और व्यापारी इसका जमकर लाभ भी उठा रहे हैं. कोरोना संक्रमण के रोकथाम में मास्क कारगर है. मेडिकल और सर्जिकल स्टोर के अलावा अब सड़क किनारे भी सब्जी दुकानों की तरह मास्क की बिक्री होने लगी है. सरायकेला खरसावां जिले में संक्रमण के रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग के तहत खुले स्थानों पर सब्जी हाट और बाजार लगाए गए हैं. इधर इन बाजारों में खुले में ही धड़ल्ले से सस्ता और चलताऊ मास्क बिक रहा है और मजबूरन लोग इसे खरीद भी रहे हैं. सरायकेला जिले के विभिन्न हॉट और बाजार समेत सड़क किनारे अब हैंड ग्लव्स, फेस मास्क की दुकानें सजी हैं. इन दुकानों में निम्न क्वालिटी के मास्क और साधारण कपड़े वाले मास्क को भी ऊंचे कीमत पर बेचा जा रहा है. वहीं मेडिकल दुकानों में सर्जिकल हाइजीन मास्क और ग्लव्स मिल रहा है. बाजार और सड़क किनारे बेचे जा रहे मास्कों के कीमत कुछ इस प्रकार हैं. सर्जिकल यूज एंड थ्रो मास्क प्रति पीस 15 रु. साधारण कपड़े के मास्क 40 रु. जालीदार 2 लेयर वाले कपड़े के मास्क 60 रु. कपड़े के 3 लेयर वाले जालीदार मास्क 80 रु. तीन प्लाई वाला मास्क 100 रु. साधारण ग्लव्स10 रु जोड़ा. वॉशेबल ग्ल्वस 50 रु जोड़ा. 

दरअसल मेडिकल और सर्जिकल स्टोर पर बिकने वाला मास्क पैक होता है और उसे देखने के बाद वापस नहीं किया जाता, जबकि यह मास्क साफ-सुथरे और हाइजीन होते हैं, लेकिन सड़क किनारे बिना किसी पैक के बिकने वाले मास्क को लोग अपने हाथों में उठाकर दाम पूछ कर देख सुनने के बाद तसल्ली होकर ही खरीदते हैं. ऐसे में संक्रमण का खतरा और बना रहता है, जबकि कई तरह के हाथ इन मास्क पर लगते हैं. वहीं हाट- बाजार और सड़क किनारे खुले में मास्क बेचे जाने पर धूल और गंदगी भी जमा होती है, ऐसी परिस्थिति में कोई खरीदार इन मास्क को इस्तेमाल करता है तो वह और खतरनाक साबित हो सकता है. हालांकि जानकार बताते हैं कि सड़क किनारे बिकने वाले मास्क के इस्तेमाल में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उसे लेने के बाद एक घंटे तक डिटर्जेंट पाउडर के घोल में भिगोकर अच्छी तरह साफ करने के बाद धूप में सुखाना चाहिए और फिर उसे इस्तेमाल करने करने से पहले सेनेटाइज करना चाहिए. कपड़े के इन मास्कों को 6 से 7 घंटे के बीच में ही बदल देना चाहिए और लगभग रोजाना इन्हें डिटर्जेंट पाउडर से साफ करना चाहिए. यदि यह सावधानी नहीं बरती गई तो यह संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकता है. मास्ककोविड-19 संक्रमण रोकथाम को लेकर सरकार ने मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है. बाजार में इसकी मांग बढ़ गई है, ऐसे में बड़े पैमाने पर मास्क का निर्माण हो रहा है, लेकिन खुले में धड़ल्ले से बिकने वाले इन मास्क में सुरक्षा और क्वालिटी दोनों नदारद रहता है. इधर आम लोगों ने सरकार से मांग की है कि मास्क अनिवार्यता के बाद सरकार लोगों को सस्ते और बढ़िया क्वालिटी के उपलब्ध कराना चाहिए.

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