बिहार : भोजपुर में दलित छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार, नीतीश कुमार शर्म करें - माले - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

बिहार : भोजपुर में दलित छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार, नीतीश कुमार शर्म करें - माले

  • भाकपा-माले की केंद्रीय कमिटी के सदस्य मनोज मंजिल ने किया पीड़िता के गांव का दौरा
  • दलित छात्रा के साथ सामंती - साम्प्रदायिक ताकतों ने किया है सामूहिक बलात्कार.
  • 29 अप्रैल को माले, ऐपवा, आइसा - इनौस, इंसाफ मंच का संयुक्त प्रतिवाद
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पटना  28 अप्रैल, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने भोजपुर के चरपोखरी थाना के कथराई गांव में विगत 25 अप्रैल को चार की संख्या में सामंती- साम्प्रदायिक ताकतों द्वारा गांव की ही गरीब - दलित नाबालिग छात्रा के साथ बलात्कार की घटना की कड़ी निंदा की है. कहा कि लाॅकडाउन में इन ताकतों का मनोबल सर चढ़कर बोल रहा है और नीतीश कुमार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन में दलित-गरीब भूख से मर रहे हैं और ऊपर से इस तरह की बर्बर घटनाएं दिल दहलाने वाली है. दरअसल, इन अपराधियों को भाजपा-जदयू का संरक्षण हासिल है. घटना की जानकारी मिलने के उपरांत आज भाकपा-माले की केंद्रीय कमिटी के सदस्य व इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मंजिल ने गांव का दौरा किया और पूरे मामले की जांच की. उन्होंने बताया कि विगत 25 अप्रैल को जब लड़की गांव में ही अपनी माँ का कपड़ा सीलने के लिए दे कर लौट रही थी तो अचानक गांव के ही गोलू पाण्डे, शिवशंकर, कृष्णा राय सहित चार लोगों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार की बर्बर घटना को अंजाम दिया. भाकपा - माले की उच्चस्तरीय जांच दल में मनोज मंजिल के अलावा प्रखंड सचिव महेश, जिला कमिटी सदस्य टेंगर, राम ईश्वर यादव, कैलाश पाठक, सतीश कुशवाहा, राम प्रवेश राम, मकबूल आलम और जब्बर कुमार शामिल थे. जांच दल ने पीड़ित लड़की के परिवार से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी ली. कहा कि भाकपा-माले न्याय की लड़ाई में हर कदम पर साथ है. यह घटना 25 अप्रैल की है, लेकिन सामंती-सांप्रदायिक ताकतों के दबाव के कारण अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था और न ही लड़की की मेडिकल जांच हुई थी. जांच दल ने मौके पर ही जिला पुलिस अधीक्षक से बात कर तत्काल मुकदमा दर्ज करने और मेडिकल जांच कराने की मांग की. तब मेडिकल जांच हुआ. जांच दल को भोजपुर एसपी ने स्पीडी ट्रायल का भी आश्वासन दिया. जांच दल ने मांग की है कि सभी बलात्कारियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाए, मामले का स्पीडी ट्रायल हो, पीड़ित छात्रा व उसके परिजनों की सुरक्षा की गारंटी की जाए. यह भी कहा कि यदि बलात्कारियों की अविलंब गिरफतारी नहीं होती है और छात्रा को न्याय नहीं मिलता तो जिला से लेकर राज्य तक आंदोलन चलाया जाएगा इस बर्बर घटना के खिलाफ 29 अप्रैल को भाकपा-माले, ऐपवा, आइसा - इनौस, इंसाफ मंच प्रतिवाद दिवस मनाएगा. इसके तहत लॉक डाउन का पालन करते हुए जो जहां है वहीं पर धरना अथवा एक दिन के उपवास पर बैठेंगे. मुख्य रूप से इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मंजिल, राज्य सचिव सुधीर कुमार, जिला संयोजक शिव प्रकाश रंजन, आइसा के राज्य सचिव सबीर कुमार, जिला सचिव रंजन कुमार, अध्यक्ष पप्पू कुमार, सहित ऐपवा, इंसाफ मंच भाकपा-माले के सैंकड़ों नेता शामिल होंगे.

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