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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

जमशेदपुर : लॉकडाउन में ₹ 1 हजार करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य अटके

कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण विकास कार्य ठप है. पूर्वी सिंहभूम में एनएच-33 कंट्रक्शन का काम रूका हुआ है.
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जमशेदपुर (आर्यावर्त संवाददाता) : कोरोना को लेकर लगे लॉकडाउन के कारण क्षेत्र में हो रहे विकास काम भी प्रभावित हो रहे हैं. करीब एक महीने से कई काम रूके पड़े हैं. पूर्वी सिंहभूम जिले में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चल रही है, जिसमें छोटा गोविंदपुर के अन्ना चौक से एनएच-33 तक जोड़ने वाले फॉर लेन सड़क, गोविंदपुर से फ्लाईओवर, जुगसलाई ओवर ब्रिज सहित प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई योजनाए शामिल है. वैसे कई योजनाओं का डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है, जिसमें भूईयाडीह के लिट्टी चौक से लेकर एनएच-33 के भिलाई पहाड़ी तक है. इस सबंध में जमशेदपुर अधिसुचित क्षेत्र समिति के पदाधिकारी का भी मानना है कि लॉकडाउन में विकास योजनाएं प्रभावित हुई है. वहीं जमशेदपुर के सासंद विद्यूत वरण महतो ने भी कहा है कि लॉकडाउन से विकास योजनाएं प्रभावित हुई है, लेकिन लॉकडाउन भी लोगों के भलाई के लिए ही किया गया है, क्योंकि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए ही लॉकडाउन किया गया है. सरकार की योजनाओं पर काम करने वाले कंट्रेक्टरों के अनुसार, कोई भी काम करने के लिए यह समय काफी उपयुक्त होता है. खासकर सड़क बनाने के लिए यह समय काफी बेहतर है. उसके बाद मानसून शुरु हो जाता है और मानसून मे कोई काम नहीं हो सकता है. सरकार भी कोई काम करने के लिए समय देती है, लेकिन अब लॉकडाउन की वजह से शायद ही कोई कार्य तय समय पर पूरा होगा. कंट्रेक्टरों के अनुसार, लॉकडाउन के कारण वे लोग काफी पीछे हो गए हैं लॉकडाउन के कारण एक महीने से काम नहीं हो पा रहा है, लेकिन इन कामों का भूगतान सरकार पिछले 9 माह से नहीं कर पा रही है, जिससे इन्हें आर्थिक रुप से परेशानी उठाना पड़ रहा है. सरकार का काम करने वाले कंट्रेक्टरों का कहना है कि वे इस कारण अपने कर्मचारी का भूगतान नहीं कर पा रहे हैं. इनका कहना कि सरकार इस मसले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए कम से कम पुराने बिल का भूगतान करे ताकि वे लोग इस विकट परिस्थिती में अपने यहां काम करने वाले लोगों को पैमेंट कर सके. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार के द्वारा किया गया लॉकडाउन अब एक महीने से अधिक हो चुका है. वैसे तो इस लॉकडाउन के कारण छोटे-मोटे व्यापारियों के कार्यो में काफी असर पड़ा है ही, लेकिन इससे बड़े-बड़े उद्यमी और कंट्रेक्टर भी अछुते नहीं हैं. हालांकि, सरकार के द्वार इनके लिए अभी तक कोई राहत की पैकेज की घोषणा नहीं की गई है.

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