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शनिवार, 11 अप्रैल 2020

हॉट स्पॉट घोषित क्षेत्रों में भुखमरी की समस्या हुई उतपन्न

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अरुण शाण्डिल्य (बेगूसराय) देश में फैले इस कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर हॉट स्पाट घोषित कर सील किए गए नगर के तीन वार्डों में दर्जनों परिवारों के समक्ष भूखमरी की नौबत पैदा हो गई है।सरकार और प्रशासन तत्काल भूखमरी के कगार पर पहुँचे परिवारों को प्राथमिकता देने के साथ एवं समस्त परिवारों के बीच सरकारी राहत सामग्री वितरित करे।यह माँग सामाजिक कार्यकर्ता और जन पहल के संयोजक विकास वर्मा ने प्रशासन और सरकार से माँग की है।उन्होंने कहा कि विगत 22 मार्च से बिहार में लॉक डाउन है।इस वजह से तकरीबन 21 दिनों से सभी दिहाड़ी पर काम करनेवाले लोगों की नौकरी,कामकाज और व्यापार पूरी तरह बन्द पड़ गया है। जिसका सबसे व्यापक असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है।उनके पास ना तो पैसे हैं और ना ही राशन हैं।ऐसे में दिहाड़ी मजदूरों के सामने भूखमरी की नौबत आ गई है।इसी क्रम में नौ अप्रैल की शाम से जिला प्रशासन ने बखरी नगर के वार्ड नम्बर 4, 5 और 6 को हॉट स्पाट घोषित कर सीलबंदी कर लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बन्द कर दी है।बावजूद इसके राज्य और केंद्र सरकार द्वारा घोषित किसी तरह की राहत सामग्री इन वार्डों के लोगों को अभी तक नहीं मिल पाई है।इन वार्डों में जो लोग दुकानदारों से उधारी खाद्य सामग्री लेकर अबतक किसी तरह काम चला रहे थे,सीलिंग के कारण वार्डों में ऐसी स्थित उत्पन्न हो गई है कि सभी राशन की दुकानें भी बंद हो गई हैं।अब इस कारण कई घरों में चूल्हा जलना भी बन्द हो गया है। सीलिंग के कारण मक्खाचक के तीन वार्डों के सैकड़ों घरों में दूध की आपूर्ति भी बन्द हो गई है।आस-पड़ोस के गाँवों से रोजाना दूध देने वाले भी अब दूध देने नहीं आ रहे हैं।जिसके कारण दो दिनों से बच्चों,बुजुर्गों और बीमार लोगों को दूध भी नहीं मिल रहा है।

ग्रामीण चिकित्सकों के आने-जाने पर भी लगी रोक 
सीलबंदी के कारण मक्खाचक के ग्रामीण चिकित्सकों और कम्पाउंडरों को भी किसी बीमार के घर इलाज करने के लिए आने-जाने नहीं दिया जा रहा है।इस कारण जिन लोगों का पहले से इलाज चल रहा था,उन्हें अच्छी खासी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।

भूख से मौत हुई तो जिला प्रशासन होगा जिम्मेदार 
जन पहल के संयोजक विकास वर्मा ने कहा कि सील किए गए वार्डों में सरकार और प्रशासन का रवैया पूरी तरह संवेदनहीन है।सहायता के नाम बनाई गई कमेटी महज़ दिखावा है और यह काम की नहीं है।उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अगर भूख से किसी एक भी व्यक्ति की मौत होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।इसलिए प्रशासन जरूरतमंद लोगों तक तुरंत सरकार द्वारा निर्देशित सारी सुविधायें जैसे खाद्य सामग्री,राशन आदि मुहैया कराए। 

एक भी पाज़िटिव केस नहीं,फिर भी हॉट स्पाट कैसे?
जन पहल की नगर इकाई ने सरकार और प्रशासन से सवाल पूछा है कि जब बखरी नगर पंचायत क्षेत्र ही नहीं, पूरे अनुमंडल क्षेत्र में भी एक भी कोरोना पाज़िटिव केस अब तक नहीं मिला है तो ऐसे में बखरी नगर के तीन वार्डों और खासतौर पर अल्पसंख्यक क्षेत्रों को ही हॉट स्पाट क्यों घोषित किया गया है? जबकि उत्तर प्रदेश समेत अन्य कई राज्यों में उन क्षेत्रों को ही सिर्फ हॉट स्पाट घोषित किया गया है,जिन इलाकों में छः या उससे अधिक कोरोना पाज़िटिव केस पाए गए हैं।जन पहल ने सरकार और प्रशासन से खास मांग की है कि बखरी के सीलिंग क्षेत्र में अगर कोई संदिग्ध केस है तो उसकी तत्काल जाँच कराई जाए ना कि एक समुदाय विशेष के लोगों को बदनाम किया जाए।जन पहल का मानना है कि हॉट स्पाट घोषित किए जाने के बाद से समाज में एक समुदाय विशेष को शक की निगाह से देखा जा रहा है और कुछ लोगों के द्वारा विभाजन रेखा खींच कर विद्वेष पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए जितना जल्दी हो सके प्रशासन अधिक से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जाँच कराए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए और अफवाहों से बचा जा सके।

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