बिहार : लाॅकडाउन में प्रेम प्रसंग मामले को अपहरण का रूप देकर लाॅकअप में मार डाला - Live Aaryaavart

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सोमवार, 27 अप्रैल 2020

बिहार : लाॅकडाउन में प्रेम प्रसंग मामले को अपहरण का रूप देकर लाॅकअप में मार डाला

ठाकुर संतोष कुमार शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता जो अत्यंत पिछड़ी जाति से आते हैं, ने किया। लगातार सोशल मीडिया के द्वारा घटना को प्रचारित-प्रसारित करता रहा। इसके कारण अखबार और टेलीविजन में भी खबर छपी। इसके विरोध में प्रशासन को लिखित मेमोरेडम दिया। इससे गुस्से में आकर नावकोठी थाना के प्रभारी ने लाॅकडाउन को भंग करने के आरोप में दिनांक 6 अप्रैल,2020 को हिरासत में लिया और खूब अंदरूणी पिटाई की गई
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बेगूसराय, लाॅकडाउन काल में प्रेम प्रसंग की घटना को लाॅकअप में थर्ड डिग्री व्यवहार करने के कारण विक्रम पोद्दार की हत्या कर देने की सनसनीखेज मामला प्रकाश में आयी है। जो सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर संतोश शर्मा ने हत्या के मामले को उजागर किया है। उसे भी पुलिस का कोपभाजन बनना पड़ा। अंत में उसकी भी मौत हो गयी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रेषित पत्र में बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चैधरी ने विस्तार से सनसनीखेज मामले का उल्लेख करते हुए कहा है कि दिनांक 24 मार्च,2020 को बेगूसराय जिला के वीरपुर थाना के लाॅकअप में थर्ड डिग्री के व्यवहार के कारण विक्रम पोद्दार की हत्या कर दी गयी। सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर संतोष शर्मा ने संबंधित हत्या के मामले को उजागर किया है।  इस पत्र में लिखा गया है कि वीरपुर थाना के ‘पर्रा‘ गांव के निवासी विक्रम पोद्दार एवं संगम कुमारी के प्रेम प्रसंग की घटना के कारण संगम कुमारी के पिता घोलटन झा ने बीरपुर थाना में अपनी बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराया जिसका कांड संख्या-15/2020 है। केस के आधार पर वीरपुर पुलिस ने 23.03.2020 को दिल्ली पुलिस संगम विहार थाना के सहयोग से लड़का-लड़की दोनों को पकड़ कर बेगूसराय थाने पर लाया। लड़की का पिता घोलटन झा और थाना प्रभारी स्वजातीय थे। इसके कारण लड़की को उसके अभिभावकों के हवाले से दबाव डालकर कोर्ट में 164 का बयान दर्ज करवाया गया जिसमें नाबालिक लड़की के अपहरण की घटना की पुष्टि करायी गई। दूसरी आूर लड़का विक्रम पोद्दार की खूब पिटाई की गयी और रात्रि में हत्या कर थाना के उपर एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या का केस बनाया गया। फोटो देखने से पूर्ण स्पष्ट होता है कि हत्या करने के बाद बांध कर टांग दिया गया क्योंकि लड़के का पैर जमीन से सटा हुआ था। विक्रम के माता-पिता, भाई-भौजाई सब गरीब मजदूर हैं। दिल्ली में मजदूरी करते हैं। लाॅकडाउन के कारण कोई मृत शरीर को लाने बेगूसराय नहीं पहुंच सका। लड़का का अगर अपहरण होता तो दिल्ली कैसे जाती। दिल्ली में दो महीना से पति-पत्नी के रूप में रह रही थी। लड़की के पिता थाने के मेल से विक्रम की थाना में पीट-पीट कर हत्या करवाने में सफल हो गया।

वीरपुर थाना में हत्या की घटना को उजागर करने का काम ठाकुर संतोष कुमार शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता जो अत्यंत पिछड़ी जाति से आते हैं, ने किया। लगातार सोशल मीडिया के द्वारा घटना को प्रचारित-प्रसारित करता रहा। इसके कारण अखबार और टेलीविजन में भी खबर छपी। इसके विरोध में प्रशासन को लिखित मेमोरेडम दिया। इससे गुस्से में आकर नावकोठी थाना के प्रभारी ने लाॅकडाउन को भंग करने के आरोप में दिनांक 6 अप्रैल,2020 को हिरासत में लिया और खूब अंदरूणी पिटाई की गई। सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के दबाव में उसे पी0आर0 बाॅन्ड लेकर रात्रि में छोड़ दिया गया। लेकिन 7 अप्रैल,2020 में उसकी तबीयत खराब होने लगी। लाॅकडाउन के कारण किसी सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं हुआ। निजी चिकित्सा केन्द्रों में इलाज चलते रहा। अंतगो अंततोगत्वा  संतोष शर्मा को उनके परिवार वालों ने पटना इलाज हेतु लाया। आई.जी.आई.एम.एस.,पटना में पहुंचने के साथ ही संतोष शर्मा ने दम तोड़ दिया। परिणामस्वरूप न केस दर्ज हुआ और ना ही पोस्टमार्टम हुआ। एक होनहार सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस दमन के कारण स्थानीय राजनीतिज्ञों के दबाव में दम तोड़ दिया।  संतोश शर्मा के परिवार के सदस्यों पर पुनः थाना दबाव बना रही है और उसके घर पर चैकीदार का पहरा रखा गया है जिससे कि बाहर जाकर कोई केस नहीं कर सके। साथी कोरोना जांच के नाम पर पुलिस परिवार के सदस्यों को उठाकर ले जाना चाहती थी। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण पुलिस को भागना पड़ा। अंत में बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चैधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किये हैं कि दोनों हत्या ‘पहला विक्रम पोद्दार,वीरपुर थाना,बेगूसराय जिसकी हत्या 24 मार्च,2020 को हुई एवं दूसरा ठाकुर संतोष श्र्मा ‘ थाना नावकोठी,बेगूसराय की मृत्यु‘ के संबंध में उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषी को दंडित किया जाय एवं दोनों परिवार को दस-दस लाख रूपया का मुआवजा एवं संतोष शर्मा की पत्नी को सरकारी नौकरी और सुरक्षा दिया जाय।

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