बिहार में 24 घंटे में पाॅजिटिव मरीज नहीं मिला - Live Aaryaavart

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सोमवार, 13 अप्रैल 2020

बिहार में 24 घंटे में पाॅजिटिव मरीज नहीं मिला

अभी तक 64 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से 23 लोग कोरोना पर विजय प्राप्त कर पूरी तरह स्वस्थ हुए हैं। ऐसे भी मरीज हैं, जिनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। आज गया में भी एक मरीज ने कोरोना को मात दी है
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पटना,12 अप्रैल। बिहार में 24 घंटे में पाॅजिटिव मरीज नहीं मिला है। कुल 64 पाॅजिटिव मरीज हैं। इनमें 23 ठीक होकर चले गए। 1 की मौत हो गयी है। जिलावार आकड़ा में सीवान 29, मुंगेर 7, पटना 5, गया 5, गोपालगंज 3, बेगूसराय 7, सारण 1, लखीसराय 1, भागलपुर 1, नवादा 3 और नालंदा 2 में हैं। आईसीएमआर द्वारा एसकेएमसीएच को जांच करने की अनुमति। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर को भी आईसीएमआर से कोरोना की जांच की अनुमति मिल गई है। शीघ्र ही ही वहां सैंपल जांच की प्रकिया शुरू हो जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सूबे में सोशल डिस्टेंसिंग का फार्मूला तेजी से काम कर रहा है। अभी तक 64 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों में से 23 लोग कोरोना पर विजय प्राप्त कर पूरी तरह स्वस्थ हुए हैं। ऐसे भी मरीज हैं, जिनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। आज गया में भी एक मरीज ने कोरोना को मात दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का ही परिणाम है कि सबसे अधिक घनत्व वाले राज्य में जहां पाॅजिटिव मरीजों की संख्या कम हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी जहां कोरोना के केस 4 दिनों में दोगुना होते थे, वहीं अब 6 दिनों में इतने मामले आ रहे हैं। श्री पांडेय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार साथ-साथ मिलकर कोरोना महामारी को जड़ से उखाड़ फेंकने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। इसलिए आमलोगों से भी यह अपील है कि वे केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करें, ताकि अदृश्य और लाइलाज खतरनाक कोरोना वायरस बिहार में अपने पांव नहीं पसार सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शनिवार को जहां एनएमसीएच, पटना में चार मरीजों ने कोरोना को मात दी है, वहीं रविवार को एएनएमसीएच, गया के एक कोरोना पाॅजिटिव की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसी प्रकार जेएलएनएमसीएच, भागलपुर में भर्ती एक कोरोना पाॅजिटिव मरीज की स्थिति में सुधार हो रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही वे भी स्वस्थ होकर घर जाएंगे। इसलिए ऐसे कोरोना संदिग्ध मरीज, जिन्हें सर्दी, खांसी और बुखार आती हो, वे अपनी जांच अवश्य करवायें और दूसरों को भी प्रेरित कर खुद को घर में क्वरांटाइन करें, ताकि कोरोना पर काबू पाने में सरकार सफल हो सके। बिहार का सिवान जिला अब कोरोना संक्रमण के लिहाज से अतिसंवेदनशील हो गया है। गुरुवार को यहां 17 मामले और शुक्रवार की सुबह-सुबह दो और केस सामने आने के साथ सिवान जिले में ही कोरोना के कुल 29 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। हालांकि इनमें से चार मरीज ठीक भी हो चुके हैं। हॉट स्पाट के रूप में सिवान में रघुनाथपुर पहले स्थान पर है. वहां एक ही परिवार के 23 लोग संक्रमित हैं इसका 10 प्रखंडों के 37 गांवों पर इसका असर पड़ा है, क्योंकि तीन किमी के दायरे में जो भी गांव आ रहे हैं, उन्हें संभावित संक्रमण के दायरे में लिया गया है। इसके अतिरिक्त सात किमी के दायरे को बफर जोन में डाला गया है। उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देश के बाद कतिपय शर्तों के साथ बिहार में कार्यरत 5,500 से ज्यादा ईंट-भट्ठों व सीमेंट उद्योग को उत्पादन की अनुमति दी गयी है। परंतु लाॅकडाउन के दौरान उत्पादित ईंट और सीमेंट की बिक्री पर पूर्व की तरह यथावत रोक रहेगाी। लाॅकडाउन के दौरान इस शर्त के साथ अनुमति दी गयी है ईंट-भट्ठा संचालक राज्य व बाहर के करीब ढाई लाख मजदूरों के खान-पान व रहने की व्यवस्था कार्यस्थल पर ही करेंगे और उन्हें सुरक्षा सबंधित सभी मानकों यथा मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध कराने के साथ उनके सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रखेंगे। मालूम हो कि लाॅकडाउन के कारण उत्पादन का कार्य बाधित होने से लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए थे और उनका कहीं आना-जाना भी संभव नहीं था, ऐसे में उत्पादन की अनुमति मिलने से न केवल उन्हें रोजगार उपलब्ध होगा बल्कि उनके रहने व खाने-पीने की व्यवस्था भी हो जायेगाी। ईंट-भट्ठा क्षेत्र में किसी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। ईंट-भट्ठा संचालक व उनके एक-दो व्यक्तियों को जिलाधिकारी द्वारा ईंट-भट्ठा पर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पास निर्गत किया जायेगा। समय-समय पर जिलाधिकारी ईंट-भट्ठों का अनुश्रवण करेंगे और शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।उपरोक्त शर्तों के ही अधीन राज्य में कार्यरत सीमेंट उद्योग को भी उत्पादन प्रारंभ करने की अनुमति दी गयी है।

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