सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 25 अप्रैल - Live Aaryaavart

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सोमवार, 27 अप्रैल 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 25 अप्रैल

लॉकडाउन के दौरान आदेश में आंशिक संशोधन चिन्हित सेवाओं में प्रदान की छूट  

भारत सरकार द्वारा चिन्हित सेवाओं को लॉकडाउन से मुक्त किया गया है। इसी तारतम्य में कलेक्टर श्री अजय गुप्ता द्वारा पूर्व में आदेश जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए जिले की राजस्व सीमाओं के अन्तर्गत चिन्हित सेवाओं को लॉकडाउन से छूट प्रदान की गई है। जारी आदेश में कहा गया है कि प्रात: 8 बजे से 12 बजे तक हार्डवेयर की दुकाने, सीमेन्ट आदि की दुकानें, ट्रेक्टर पार्टस दुकाने, कृषि आधारित हार्डवेयर, कीटनाशक, कृषि यंत्र की दुकानें, ग्रीष्मकाल की स्थिति को देखते हुए पेयजल व्यवस्था बनाने के लिए मोटर पंप, पाईप की दुकानें, कूलर, पंखों की मरम्मत की दुकानें आदि को लॉकडाउन से छूट प्रदान की गई है। यह आदेश संपूर्ण जिले में आगामी आदेश तक लागू रहेगा। साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत पूर्व में जारी आदेशों का शेष भाग यथावत रहेगा। आदेश का उल्लंघन पर पर भारतीय दंड विधान की धारा 188 एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-60 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी। 

विवाह समारोह में दोनों पक्षों से कुल 10 लोग हो सकते हैं शामिल  

वर्तमान स्थिति में वैवाहिक सीजन प्रारंभ होने की वजह से निर्णय लेते हुए कलेक्टर श्री अजय गुप्ता द्वारा आदेश जारी किया गया है कि किसी भी विवाह कार्यक्रम में वर / वधु दोनों पक्षों के कुल 10 सदस्य शामिल नहीं होंगे। विवाह कार्यक्रम की अनुमति प्रदान करने के लिए जिले के समसत अनुविभागीय दण्डाधिकारी को नियुक्त किया गया है। संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी वैवाहिक कार्यक्रमों की अनुमति संबंधी आवेदन पत्रों का प्राप्त कर एवं पूर्ण परीक्षण के बाद ही अनुमति प्रदान करेंगे।  यह आदेश तत्काल प्रभावशील होकर आगामी आदेश तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन पर पर भारतीय दंड विधान की धारा 188 एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-60 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी। 

विश्व मलेरिया दिवस पर दी गई घर को मच्छर मुक्त रखने की सलाह

sehore news
25 अप्रैल को विष्व मलेरिया दिवस पर आम लोगों को सलाह दी गई कि वे घर सहित आस पास के क्षेंत्र को मच्छर मुक्त करने के लिए प्रयास करें। जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती क्षमा बर्वे ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अमला गांव-गांव सेवाएं देने में लगा हुआ है। शहरों से लेकर गांव तक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा निरंतर भ्रमण किया जा रहा है। विभागीय अमले द्वारा मलेरिया से बचने के लिए भी जनजागरूकता संदेश दिए जा रहे है। मलेरिया विभाग द्वारा अति संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता संबंधी प्रचार सामग्री का वितरण किया जा गया है तथा नगर पालिका, नगर परिषदों के सहयोग से उनके द्वारा फागिंग भी कराई जा रही है। मलेरिया से बचाव के लिए जनप्रतिनिधियों, ग्राम के सरपंच सचिवों की अहम भूमिका है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट कर मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। श्रीमती बर्वे ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वे अपने घर एवं आसपास के इलाकों में साफ-सफाई रखकर मच्छरों के प्रजनन पर  काबू पा सकते है। मौसम में परिवर्तन के साथ ही मच्छरों की संख्या में बढोत्तरी हुई है। इसके कारण मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। इन बीमारियों से डरने की आवष्यकता नहीं है छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि बीमारियों से बचा जा सकता है। बुखार आने पर तुरंत शासकीय चिकित्सालय में जांच कराकर उपचार लें तथा किसी निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान मलेरिया पॉजीटिव पाया जाता है तो तुरंत इसकी सूचना मोबाइल नंबर 9993605937 पर दी जाकर शासकीय स्तर पर निःशुल्क उपचार लिया जा सकता है।

मुख्य एवं गौण खनिजों के परिवहन में उपयोग की जा रही ई.टी.पी. को वाहन का परिवहन पास मान्य किए जाने के संबंध में  

खनिज साधन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा मुख्य एवं गौण खनिज की खदानों के संचालन के संबंध में 24 अप्रैल 2020 को निर्देश जारी किए गए है। खनिजों का परिवहन खदान संचालकों द्वारा आनलाइन ई.टी.पी. के माध्यम से किया जाएगा। इस ई.टी.पी. में खदान खनिज दिनांक एवं समस्त आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित होता है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के कारण भारत सरकार द्वारा लॉकडाउन घोषित किया गया है। ऐसी स्थिती में खनिजों के परिवहन में प्रयुक्त होने वाली ई.टी.पी. को ही उस वाहन जिससे खनिज का परिवहन किया जा रहा है। उसे लॉक डाउन अवधि में परिवहन पास के रूप में मान्य किया जाएगा। खनिज परिवहन में उपयोग हो रहे वाहन में वाहन चालक के अतिरिक्त 01 सहायक जैसे क्लीनर आदि इस प्रकार केवल 02 व्यक्ति ही खनिज परिवहन के दौरान वाहन के साथ चल सकेगे। इनके अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति को वाहन में खनिज के साथ चलने की अनुमति नही होगी। कोविड़-19 संक्रमण की रोकथाम हेतु वाहन चालक एवं संलग्न अन्य व्यक्ति को आवश्यक मास्क धारण करना तथा वाहन में सेनेटाइजर रहना आवश्यक होगा। कोविड़-19 संक्रमण की रोकथाम के संबंध में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी समस्त निर्देशों जैसे सेनेटाइजर, सोशल डिस्टेसिंग आदि का पालन करना होगा। खनिजों के परिवहन के मामले में ई.टी.पी. के अतिरिक्त पृथक से अन्य कोई परिवहन पास की आवश्यकता नही होगी। जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने जिले के समस्त खदान संचालको, पट्टेदारों, ठेकेदारों को अवगत कराने के निर्देश दिये है।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये शिक्षा विभाग ने किये कारगर उपाय कोविड-19 लॉक डाउन के दौरान किए गए प्रयास  

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये प्रदेश में लॉक डाउन के कारण शिक्षा विभाग ने प्रशासकीय, अकादमिक, वित्तीय एवं जागरूकता संबंधी कई कारगर प्रयास किये गये हैं ताकि लॉक डाउन के बावजूद विद्यार्थी नियमित रूप से अध्ययन कार्यों से जुड़े रहें। साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा अपने संसाधनों का जनहित में भी उपयोग करने हेतु पहल की गई है। प्रशासकीय-    समस्त शासकीय तथा अशासकीय स्कूलों में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया है। कक्षा 1 से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन दिया गया है। कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं के जिन विषयों की परीक्षाएं शेष रह गई हैं, उन्हें लॉकडाउन अवधि के पश्चात आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षाओं की नवीन तिथि की घोषणा पृथक से की जाएगी। विभिन्न जिला कलेक्टरों द्वारा 845 शासकीय स्कूलों एवं 190 विभागीय छात्रावासों को जिलों में कलेक्टरों द्वारा कोरोना महामारी से निपटने/आइसोलेशन वार्ड के रूप में उपयोग किया जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंद्ध ऐसे समस्त अशासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालय जिनकी मान्यता दिनांक 31 मार्च, 2020 को समाप्त हो गई है, उन्हें मध्य प्रदेश माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं की मान्यता नियम 2017 (यथा संशोधित दिनांक 03.03.2020) के नियम 6 अनुसार मान्यता नवीनीकरण हेतु इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया से छूट प्रदान करते हुए विद्यालय की मान्यता को दिनांक 31 मार्च 2021 तक की समयावधि हेतु यथावत मान्य किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिये नवीन मान्यता हेतु एम.पी. ऑनलाईन के मान्यता पोर्टल पर आवेदन अपलोड करने हेतु समयसीमा दिनांक 30 अप्रैल 2020 के स्थान पर दिनांक 30 मई 2020 तक बढ़ाई गई है। ऐसी समस्त संस्थाओं द्वारा मध्य प्रदेश माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शालाओं की मान्यता नियम 2017 (यथा संशोधित दिनांक 03.03.2020) में वर्णित मापदण्डों एवं शर्तों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिये मान्यता नवीनीकरण हेतु निर्धारित शुल्क को आगामी सत्र तक के लिए स्थगित किया गया है। भविष्य में मान्यता नवीनीकरण हेतु आवेदन किये जाते समय यह शुल्क जमा करना होगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित हाईस्कूल/हा.से. परीक्षा एवं अन्य मुख्य परीक्षाएं वर्ष 2020 की अमूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं का गृह मूल्यांकन कराये जाने संबंधी आदेश प्रसारित किए गए हैं। अकादमिक-  रेडियो स्कूल कार्यक्रम - 31 मार्च 2020 से विशेष शैक्षिक रेडियो कार्यक्रम श्श्रेडियो स्कूलश्श्  प्रारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम सोमवार से शनिवार प्रतिदिन सुबह 11 बजे से 12 बजे अपरान्ह तक आकाशवाणी और विविध भारती के प्रदेश स्थित प्रसारण केन्द्रों से प्रसारित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत रोचक तरीके  से कहानी, किस्सों के जरिए मनोरंजक ज्ञानवर्धक बातें और कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों पर केन्द्रित शैक्षिक सामग्री प्रसारित की जा रही है। डीजीएलइपी ( डिजिटल लर्निंग एनहैंसमेंट प्रोग्राम) - यह कार्यक्रम दक्षता संवर्धन संबंधी है और इसके अन्तर्गत विभाग का लक्ष्य कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए मुख्य विषयों (इंग्लिश, हिन्दी, मैथ्स, साइंस) की कम्पीटेंसीस संबंधी  उच्च गुणवत्तायुक्त शैक्षिक सामग्री को शिक्षकों और विद्यार्थियों तक पहुंचाना है। इसके लिये विभाग ने 50 हजार से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं, जिनके द्वारा पालकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों तक सीधा संपर्क स्थापित कर रोज सुबह 10.00 बजे कक्षावार और विषयवार  रोचक शैक्षिक सामग्री और वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं। प्रतिदिन सभी कक्षाओं के स्तर के अनुरूप 5 से 10 मिनट के वीडियो भेजे जा रहे हैं, इनमें ऑनलाइन गतिविधियां भी शामिल हैं ताकि विद्यार्थी घर बैठे नियमित पठन-पाठन और अभ्यास कर सकें।  ऑनलाइन कक्षाएं मोबाईल की उपलब्धता के आधार पर उत्कृष्ट एवं मॉडल स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन आरंभ कर दिया गया है। सुपर - 100 योजना अन्तर्गत चयनित विद्यार्थियों का ऑनलाइन प्रशिक्षण - इन विद्यार्थियों को जेईई, नीट और सी.ए. फाउंडेशन की कोचिंग छात्रावासी के रूप में दी जाती है। लॉकडाउन में कोचिंग एजेंसी से समन्वय कर इन विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। लॉक डाउन अवधि में विद्यार्थियों को घर पर नियमित अध्ययन कराने संबंधी अपील - मुख्यमंत्री की ओर से समाचार पत्रों में अपील प्रकाशित कर विद्यार्थियों के पालकों से यह अपेक्षा की गई है कि वर्तमान विकट परिस्थितियों में अध्ययन की निरंतरता की दृष्टि से वे लॉक डाउन अवधि में विद्यार्थियों को घर पर नियमित अध्ययन करने के लिए प्रेरित करें। अपील में यह उल्लेख है कि कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थी अपनी हिन्दी और अंग्रेजी की पुस्तक से प्रतिदिन कम से कम 1 पेज पढ़ें और 1 पेज लिखें। कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थी स्लेट पर और 4 से 12 तक के विद्यार्थी पुरानी कॉपियों में लेखन कार्य कर सकते हैं। कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थी 15 तक पहाड़े दुहरायें और याद करें। इसी प्रकार कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी न्यूनतम 20 तक के पहाड़े कंठस्थ करें। श्श्लर्न फ्रॉम होमश्श् ओपन सोर्स रिपाजिटरी - शिक्षा विभाग के विमर्श पोर्टल के होम पेज पर निःशुल्क ओपन सोर्स सामग्री की सूची एवं लिंक उपलब्ध कराए गए हैं। इस उच्च स्तरीय संग्रह का राज्य के किसी भी इच्छुक विद्यार्थी, संस्था, पालक, शिक्षक, निजी एवं शासकीय विद्यालयों एवं अन्य नागरिकों द्वारा शिक्षण/पठन हेतु उपयोग किया जा सकता है। वित्तीय-   प्रदेश के 52 लाख विद्यार्थियों को समेकित छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत 430 करोड़ की राशि जारी की गई है। आरटीई के तहत सत्र 2017-18 की फीस प्रतिपूर्ति की राशि रूपये 300 करोड़ जिलों की मांग अनुसार पूरी जारी की जा चुकी है। सत्र 2018-19 की फीस प्रतिपूर्ति के लिए अब तक रूपये 155.49 करोड़ रूपये की राशि जारी की जा चुकी है। माध्यमिक शिक्षा मंडल, सीबीएसई एवं आईबीएसई से संबद्धता प्राप्त सभी अशासकीय विद्यालयों को यह आदेशित किया गया है कि वे विद्यार्थियों से शैक्षणिक सत्र 2019-20 की बकाया फीस तत्काल जमा न कराते हुए, 30 अप्रैल तक जमा कराएं। विद्यालय द्वारा इस पर कोई विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। अभिभावकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये जानकारी देने और बच्चों की देखभाल के संबंध में यूनिसेफ द्वारा तैयार की गई जानकारी उपलब्ध कराई गई है। 

वैज्ञानिक तरीके से गेहूँ भंडारण में अग्रणी राज्य बना मध्यप्रदेश  

मध्यप्रदेश  समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूँ का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण करने में देश का अग्रणी राज्य बन गया है।  प्रदेश की 289 सहकारी समितियों के 1 लाख 81 हजार से अधिक किसानों से उपार्जित 11 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का भंडारण 25 साईलो बैग और स्टील साइलो में किया जा रहा है। प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि साइल बैग ओर स्टील साईलो खाद्यान्न भंडारण की आधुनिकतम तकनीकी है। इस तकनीकी में खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के लिए कीटनाशक औषधियों के उपयोग की आवश्यकता नहीं होती। इसमें गेहूँ बिना कीटनाशक के उपयोग के भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ भोपाल, सीहोर, विदिशा, होशंगाबाद, नागौद, सतना, हरदा, उज्जैन और देवास में 50-50 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले स्टील साइलो केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इनकी कुल भंडारण क्षमता साढ़े चार लाख मीट्रिक टन है। इसी प्रकार नागदा, सलमानीया, बड़ौदा, पिछोर, बैरसिया, श्यामपुर, गमाखर, गौहरगंज, शुक्रवारा, बरपटी, हटा, बरछा, मझौली, सारंगपुर तथा वेदगबा भंडारण केन्द्रों की कुल भंडारण क्षमता 6 लाख 30 हजार मीट्रिक टन है। 

सोशल डिस्टेंसिंग की  आदर्श व्यवस्था है साइलो बेग
प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था को बनाए रखने में साइलो बैग पद्धति, भंडारण की आदर्श व्यवस्था सिद्ध हो रही है। इस व्यवस्था में भंडारण का काम न्यूनतम मानव श्रम से संभव हो सका है। इसमें किसान जब एक ट्रैक्टर ट्रॉली या एक ट्रक में खाद्यान्न लेकर अकेला केन्द्र पर पहुंचता है, तो धर्म-काँटे पर तौल करने के बाद हाइड्रोलिक सिस्टम के द्वारा एक ही बार में उसका पूरा गेहूं भंडारण के लिए खाली करा लिया जाता है। इस तरह किसान अधिकतम 15 से 20 मिनट के अंदर अपना गेहूँ बेच कर फ्री हो जाते हैं। इस कारण इन केन्द्र पर भीड़-भाड़ होने या अधिक मात्रा में लोगों के इकट्ठा होने की संभावना नगण्य रहती है।   सुरक्षा की दृष्टि से सभी केन्द्रों पर हैंड वॉश सेनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

लॉकडाउन में मध्यप्रदेश के प्रवासी मजदूरों के लिए लागू "मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना"  

कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन में मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों में फँसे मजदूरों की सहायता के लिए "मुख्यमंत्री प्रवासी सहायता योजना-2020" के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी कलेक्टर्स को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। योजना में प्रवासी मजदूरों की जानकारी, पता, मोबाइल नम्बर आदि की जानकारी एकत्रित कर तात्कालिक आवश्यकता भोजन,दवाई आदि के लिए उन्हें 1000 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 अप्रैल 2020 को इस योजना को घोषित किया है। अभी तक अन्य राज्यों में फँसे 15 हजार प्रवासियों की मोबाइल नम्बर सूची बना ली गई है। प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेजे गए विस्तृत परिपत्र में योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए है : पात्रता- योजना का लाभ उन प्रवासी मजदूरों को मिलेगा, जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी होने के साथ योजना के लागू होने के दिनांक तक अन्य राज्यों में प्रवासी मजदूर हों।   सभी जिलों के कलेक्टर योजना के पात्र मजदूरों की जानकारी विभिन्न स्त्रोतों से एकत्र करेंगे। यह जानकारी राहत आयुक्त को दी जाएगी। इसके अलावा राज्य-स्तरीय कॉल सेन्टर में सीधे ऐसे प्रवासियों की जो जानकारी आएगी उसे मेप आईटी को हस्तांरित किया जाएगा।

मेप आई.टी. प्राप्त डाटा के आधार पर निम्न जानकारी एकत्रित करेगा
मोबाईल नम्बरों का डी- डुप्लीकेशन की कार्यवाही। उपलब्ध मोबाइल नम्बरों की मोबाइल टॉवर के आधार पर लोकेशन पता लगाना तथा राज्य के बाहर के नंबरों को सूचीबद्ध करना। सूचीबद्ध मोबाइल नम्बरों को जिलेवार विभाजित करना। मेप आईटी द्वारा जो सूची जिला कलेक्टर को उपलब्ध करवाई जाएगी, उन मोबाइल नम्बर पर कॉल करवाकर कलेक्टर निम्न जानकारी संबंधित से एकत्रित करवाएंगे, जिसमें नाम/पिता का नाम, पूरा पता, (ग्राम, निकाय, ब्लाक, तहसील और जिला), मोबाइल नम्बर, आधार नम्बर, समग्र आईडी, बैंक एकाउंट विवरण आईएफसी सहित एवं जहाँ व्यक्ति फँसे हैं, वहाँ क्या व्यवसाय कर रहे थे। दिशा-निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जिस आवेदित व्यक्ति के पास आधार नम्बर अथवा समग्र आईडी न हो तो संबंधित जिले द्वारा उसकी पहचान, मध्यप्रदेश में निवासी होने का सत्यापन अन्य माध्यम जैसे पंचायत सचिव से बात करके अपना वोटर आई.डी., खाद्यान्न पर्ची, मनरेगा का जॉब कार्ड इत्यादि शासकीय दस्तावेज से की जाएगी। अगर आवश्यकता तो जिले द्वारा आवेदित व्यक्ति के उक्त दस्तावेजों को वाटसएप अथवा अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों से भी प्राप्त की जा सकेगी। दिशा-निर्देश में यह भी कहा गया है कि यदि आवेदित व्यक्ति के साथ मध्यप्रदेश के अन्य लोग भी फँसे हैं जो इस योजना में पात्र हैं तो उनका भी उपरोक्त विवरण मोबाइल नम्बर की लोकेशन मेप आईटी/वाटसएप से सत्यापित करवाना जरूरी होगा। इससे आवेदक उस स्थान पर उपस्थित है या नहीं यह जानकारी स्पष्ट हो जाएगी। जिला कलेक्टर को जैसे-जैसे सत्यापित जानकारी प्राप्त होगी वैसे-वैसे संबंधित व्यक्ति के बैंक खातों में राशि जमा करवाएंगे अथवा किसी ई-वॉलेट जैसे पेटीएम, फोन-पे, योनो इत्यादि से भुगतान करेंगे। जिला कलेक्टर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक पात्र मोबाइल नम्बर पर एक ही भुगतान किया जाए। साथ ही एक ही व्यक्ति को एक से अधिक बार भुगतान न हो। सभी जिलों में वितरित की गई राशि के संबंध में हितग्राही का सम्पूर्ण विवरण, बैंक एकाउंट नम्बर, वितरण दिनांक आदि की सभी जानकारी का संधारण जिला स्तर पर अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रवासी श्रमिकों के संबंध में समन्वय स्थापित करने के लिये तय किये गए राज्य स्तरीय समन्वयक अपने-अपने निर्धारित जिलों में इसकी निगरानी करेंगे।

शासकीय कार्यालयों में कामकाज प्रारंभ किए जाने के संबंध में दिये दिशा-निर्देश  

मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कोरोना वायरस के रोकथाम के लिये आवश्यक निरोधक उपाय संबंधी निर्देश जारी किये गये है। कोरोना के प्रभाव को रोकने के उदेदश्य से 03 मई 2020 तक का लॉक डाउन घोषित किया गया है। जिलो में लॉक डाउन को जारी रखते हुए कुछ गतिविधियां 20 अप्रैल 2020 से प्रारंभ भी की गई है। इन जिलों में शासकीय कार्यालय प्रारंभ करने के संबंध जहां विगत 14 दिनों से कोई भी व्यक्ति कोरोना पाजिटिव नही हुआ है ऐसे जिले अपने शासकीय कार्यालयों को 33 प्रतिशत स्टॉफ के साथ प्रारंभ कर सकते है। यह स्पष्ट किया जाता है कि अन्य जिले भी शासकीय कार्यालयों को प्रारंभ करने तथा अपने स्टॉफ को कार्यालय बुलाने के संबंध में जिला क्राइसिस मैनेजमेंट गुप्र की बैठक में निर्णय लेने कि कौन से कार्यालय किस क्षमता के साथ प्रारंभ किए जाने है।इंदौर भोपाल उज्जैन धार एवं खरगौन जिलो में शासकीय कार्यालय खोलने के लिए 15 अप्रैल 2020 के पहले की स्थित 03 मई 2020 तक निरंतर रखा जाए। चूकि हर जिले की स्थिति निरंतर परिवर्तित हो रही है। अतः शासकीय कार्यालय शुरू करने के संबंध में जिला स्तर पर यथोचित निर्णय लिये जा सकेगे। जिन जिलों में शासकीय कार्यालयों आरंभ होना है। वहां सुरक्षात्मक कदम भी उठाए जाए। जिलों में अनावश्यक बैठके आयोजित न की जाएं जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम न किए जाए ताकि कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ न हो कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए तथा मास्क का अनिवार्यतः उपयोग किया जाए।

पिछले 24 घंटों में की गई 213 लोगों की स्क्रीनिंग शनिवार को जांच के लिए भेजे गए 10 सेंपल 

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स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा मैदानी स्तर पर ग्राम एवं शहरी वार्डो में निरंतर घर-घर सर्वे कर विदेश से सीहोर जिले में लौटे तथा अन्य जिलों व राज्यों से व्यक्तियों की खोजबीन की जा रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में अन्य राज्यों व अन्य जिलों से आए हुए करीब 213 व्यक्तियों की पहचान व पता लगाकर उनकी तत्काल स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें होम क्वारेंटाईन किया गया है। सीहोर जिले में अन्य जिलों अथवा राज्यों से लौटे हुए यात्रियों की संख्या अब तक कुल 29754 है। उन्हें होम कोरेंटाईन से संबंधित गाईड लाईन की जानकारी प्रदान कर सख्त हिदायत दी गई है कि होम कोरेंटाइन गाइड लाइन का कड़ाई से पालन करेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर डेहरिया ने जानकारी दी कि जिले में अन्य देशों से सीहोर पहुंचे कुल व्यक्तियों की संख्या 232 है जिनमें से 184 लोगों की अब तक स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा चुकी है। पिछले 24 घंटों के दौरान 213 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई जो अन्य राज्यों और अन्य जिलों से लौटे थे इन सभी व्यक्तियों की तत्काल स्क्रीनिंग कर इन्हें 25 अप्रैल को ही होम कोरेंटाईन कर दिया गया है जिले में अब तक होम कोरेंटाईन किए गए व्यक्तियों की संख्या 29754 है। डॉ.डेहरिया ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान ऐसे व्यक्ति जो विदेश से सीहोर जिले में नहीं लौटे थे परंतु अन्य जिलों एवं राज्यों से लौटे थे और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए। पिछले 24 घंटों में होकोंरेटाईन की अवधि से 379 लोग बाहर आ चुके हैं जबकि अब तक कुल 23560 व्यक्तियों का होम कोरेंटाइन पूर्ण किया जा चुका है। जिले से अब तक 198 सेम्पल जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें से 110 की रिपोर्ट अब तक निगेटिव प्राप्त हुई है। शनिवार को ही 10 सेम्पल जांच के लिए भोपाल भेजे गए है। 10 सेंपलों सहित कुल 84 सेंपलों की रिपोर्ट आना शेष है। आज की स्थिति में हास्पिटल आईसोलेशन में भर्ती मरीजों की संख्या 5, कोरोना संक्रमण पाजीटिव मरीजों की संख्या शून्य है। विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर 7247704181 है इस नंबर पर बाहर से बाहर से आए हुए व्यक्तियों की जानकारी 24 घंटे दी जा सकती है। वहीं कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी 24 घंटे के लिए काल सेंटर बनाया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-226470 है इस नंबर पर संपर्क कर कोविड-19 के संबंध में किसी प्रकार की सलाह ली जा सकती है 24 घंटे संचालित उक्त काल सेंटर में चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जिनके द्वारा विदेश, अन्य राज्यों व जिलों से आकर होम कोरेंटाइन किए गए व्यक्तियों को फोनकर  प्रतिदिन फीडबैक लिया जाता है तथा इसकी जानकारी जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, संबंधित ब्लाक मेडिकल आफिसर को तत्काल दी जाती है। वहीं जिला चिकित्सालय सीहोर में टेलीमेडिसिन सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-401259 है यहां पर टेलीमेडिसिन के संबध में उचित सलाह ली जा सकती है।

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