विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 30 अप्रैल - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

विदिशा (मध्यप्रदेश) की खबर 30 अप्रैल

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाकर वास्तविक रूप में कृषकों को लाभ मिले - विधायक भार्गव

विदिशाः- विदिशा विधायक शशांक भार्गव ने प्रधानमंत्री जी भारत सरकार को पत्र लिख कर मांग की है कि भारत सरकार द्वारा कृषकों के लिये प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत कृषकों की फसल को हुई शत प्रतितशत क्षति में भी प्रीमियम राशि जमा करने के बाद भी क्लेम की राशि कृषकों को बीमा कंपनियाॅ भुगतान नहीं कर रही है, बीमा कंपनियों द्वारा 5 वर्ष का एवरेज के आधार पर बीमा क्लेम दिया जाता है। विधायक भार्गव ने बताया सन् 2018 खरीफ फसल का बीमा मेरे जिला विदिशा में कुल 578 पटवारी हल्कों में से सिर्फ 148 हल्कों मेें ही प्राप्त हुआ है, जबकि 1 लाख 45 हजार किसानों द्वारा प्रीमियम की राशि जमा की गई उनमें से कुल 62 हजार 915 किसानों को बीमे का लाभ 90 रूपये से लेकर 3 हजार रूपये बीघा प्राप्त हुआ, जबकि वर्ष 2018 में देर से आई बारिश फसल उगने के बाद अतिवर्षा होने की बजह से पूरे जिले की सोयाबीन, मूंग की फसल पूर्णरूप से नष्ट हुई, जिसका सर्वे भी समय पर कर रिपोर्ट बीमा कंपनियों को भेज दी गई, इसके बाबजूद बीमा कंपनी किसानों के साथ छल कर रही है। कृषकों को गुमराह कर आर्थिक रूप से क्षति पहॅुचाई जा रही है, जबकि प्रतिवर्ष किसान द्वारा फसल बीमा हेतु प्रीमियम की राशि जमा की जाती है तो नियमानुसार फसल को अतिवर्षा/अल्पवर्षा तथा अन्य प्राकृतिक कारणों से हुई क्षति की क्षतिपूर्ति राशि के क्लेम की राशि प्रत्येक वर्ष में हुई क्षति के मान से क्षतिपूर्ति राशि मिलना चाहिए। उन्होने और कहाॅ कि जहाॅ एक और बीमा कंपनियाॅ किसानों से प्रीमियम प्राप्त कर रही है, वहीं दूसरी और सरकार से भी राशि प्राप्त कर 5 साल के एवरेज जैसे प्रावधान की बात कर कृषकों के साथ पूरे भारतवर्ष में छलाबा किया जा रहा है। वर्तमान में फसल बीमा योजना के प्रावधान अनुसार योजना का प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से लाभ सिर्फ बीमा कंपनियों को ही प्राप्त हो रहा है पत्र के माध्यम से कृषकों मे हित में इस महत्वाकांछी योजना का वास्तविक रूप से लाभ प्राप्त करना प्रत्येक फसल बीमाधारी किसान का अधिकार है। वास्तव में किसानो को लाभ पहॅुचाना चाहते है, तो उक्त योजना में व्याप्त 5 साल की फसल एवरेज जैसी विसंगतियों के साथ ही अन्य किसान विरोधी कारणों को दूर कर, जिस वर्ष भी किसान की फसल को क्षति हुई है, उसके क्लेम की राशि उसे प्राप्त हो। 

उत्तरप्रदेश के मजदूरो को बसो से रवाना किया

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लॉकडाउन के कारण विदिशा शहर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में कई दिनों से रह रहे उत्तरप्रदेश के मजदूरो को बुधवार की रात्रि में विशेष बसे जो विदिशा जनपद पंचायत कार्यालय के सामने से रवाना हुई है। बसो में सवार मजदूरो से विदिशा नगरपालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टण्डन ने चर्चा की और उन्हें मास्क व खाद्य सामग्री मुहैया करवाई है। नियुक्त नोडल अधिकारी व जिला पंजीयक श्री उपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि उत्तरप्रदेश राज्य के विभिन्न जिलो के कुल 61 मजदूरो को वापिस भेजने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। प्रवासी मजदूरो को उनके पैतृक राज्यों में भेजने के प्रबंधो की मानिटरिंग कर रहे सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक डॉ पीके मिश्रा ने बताया कि बस में सवार होने से पहले सभी मजदूरो की स्केनिंग की गई है। 

जल संरक्षण के कार्यो को प्राथमिकता से शुरू करें

ग्रामीण क्षेत्रो में क्रियान्वित योजनाओं के तहत जल संरक्षण के कार्यो को प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ श्री मयंक अग्रवाल ने जनपदों के सीईओ को दिए है। जिपं सीईओ श्री अग्रवाल के द्वारा गुरूवार को की गई समीक्षा बैठक में उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के कार्यो की भी अद्यतन जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल को देखते हुए जल संरक्षण के कार्यो को सर्वाच्च प्राथमिकता से पूरा कराएं। जिपं सीईओ श्री अग्रवाल ने विभिन्न योजनाओं के तहत मजदूरमूलक कार्यो में सोशल डिस्टेन्सिग का पालन कराया जाना सुनिश्चित करे। उन्होंने मनरेगा के तहत जल संरक्षण के लिए एक-एक क्लस्टर व एक नवीन तालाब के कार्य प्रत्येक पंचायत में अतिशीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए है। एनआईसी के व्हीसी कक्ष में सम्पन्न हुई उक्त बैठक में सभी जनपदो के सीईओ के अलावा समस्त परियोजना अधिकारी मौजूद थे। 

सफलता की कहानी : अभद्रता, असहयोग भी उद्वेश्यपूर्ति को प्रभावित नही कर पा रहे है

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कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को रोकने के लिए जिले में चहुंओर प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। लॉकडाउन अवधि में क्यूरेन्टाइन के लिए चिन्हित होने वाले व्यक्तियों को होम क्यूरेन्टाइन करने में किसी भी प्रकार की कोर कसर नही बकसी जा रही है। होम क्यूरेन्टाइन एवं आइसोलेशन वार्डो में भर्ती कराने के लिए चिन्हित टीम के सदस्यों को कई बार अभद्रता असहयोग का सामना करना पड़ा है किन्तु टीम के सदस्यों के मनोबल को किसी भी प्रकार से प्रभावित नही कर पा रहे है और टीम अपने उद्वेश्यों की पूर्ति कर रही है। सूचनाएं कई बार मध्य रात्रि में प्राप्त होती है तो अविलम्ब किए निर्धारित पते पर पहुंचकर होम क्यूरेन्टाइन या आइसोलेशन के कार्यो को सम्पादित कर रही है। विदिशा शहर में गठित टीम में्रं डॉ डीके शर्मा, डॉ शोएब खॉन तथा डॉ भूपेन्द्र सिंह द्वारा चिन्हित अलग-अलग स्थलों पर घर-घर जाकर संक्रमित मरीजो को होम क्यूरेन्टाइन एवं आइसोलेशन वार्डो में भर्ती करवाया गया है। जब-जब सूचनाएं मिली तब दिन हो या रात त्वरित कार्यवाही के लिए उक्त टीम जानी जाती है। इसके अलावा आमजनों के बीच कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने हेतु जागरूकता संदेशो का भी संप्रेषण कर रही है। विदिशा शहर के कंटेनमेंट क्षेत्रों में 328 सर्वे के माध्यम से 28 हजार 240 व्यक्तियों से घरो में सम्पर्क कर सर्दी, खांसी, बुखार से कोई पीड़ित तो नही है कि जानकारी संकलित की गई है वही विदेशो से लौटे 28 व अन्य प्रदेशो से आए 315 व्यक्तियो को होम क्यूरेन्टाइन कराने के दायित्व का निर्वहन किया है। टीम लीडर डॉ डीके शर्मा तथा सहयोगी डॉ भूपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि होम क्यूरेन्टान प्रक्रिया सम्पादित के दौरान कई बार अभद्रता व असहयोग की परिस्थितियां संबंधित के द्वारा निर्मित की गई है किन्तु हम अपने उद्वेश्य की पूर्ति में किन्चित भी विचलित नही हुए है।  

सफलता की कहानी : मजदूरो को घर पहुंच सेवा मिली

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राष्ट्रयापी लॉकडाउन अवधि के दौरान विदिशा जिले के अनेक श्रमिक मजदूर अन्य राज्यों में ही रह गए थे जिन्हें वापिस लाने के लिए मुख्यमंत्री जी के द्वारा की गई पहल से अब सीधे लाभांवित हो रहे है। राजस्थान से बुधवार की मध्य रात्रि में लौटे बीस मजदूरो को आज उनके घर तक पहुंचाने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। ज्ञातव्य हो कि हैदरगढ़, बासौदा, सिरोंज क्षेत्र के बीस श्रमिक जो राजस्स्थान से लौटे थे इन सभी का स्केनिग कराने के उपरांत आज लंच पैकेट प्रदाय तत्पश्चात विशेष बस रवाना की गई जो मजदूरो को उनके घरो पर छोड़ने के बाद वापिस आएंगी। उपरोक्त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ पीके मिश्रा ने बताया कि राजस्थान राज्य में करीबन दो सौ मजदूर विदिशा जिले के लॉकडाउन अवधि के दरम्यिन रूके हुए है इन सभी मजदूरो को वापिस लाने कें लिए विशेष बस डाइट परिसर से रवाना हुई है। इसी प्रकार अन्य बसे  श्रंखलाबद्व तरीके से वापिस लौट रही है। 

कोविड केयर सेन्टर स्थापित

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केएस अहिरवार ने बताया कि कोविड-19 के नियंत्रण व रोकथाम हेतु एसएटीआई डिग्री कॉलेज विदिशा में कोविड सेन्टर स्थापित किया गया है जिसमें चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉप की ड्यूटी लगाकर एल-वन एव एल-टू सेन्टर पर उपचारित संदिग्ध कोरोना मरीजो की निगरानी की जा रही है। 

नोडल अधिकारी नियुक्त

स्टेट कंट्रोल रूम से प्राप्त होने वाली सूचनाओं के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। उक्त नोडल अधिकारी प्रदेश में फंसे मजदूरो को अन्य प्रदेशो से लाने हेतु सम्पूर्ण प्रक्रिया को क्रियान्वित करेंगे। कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा राज्यवार नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों की जानकारी देते हुए अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने बताया कि सम्राट अशोक सागर के कार्यपालन अधिकारी श्री आरके शर्मा, 9479594454 एवं पिछडा वर्ग के सहायक संचालक श्री एएस कुरैशी, 9425443106 को महाराष्ट्र राज्य हेतु, पीआईयू के संभागीय परियोजना यंत्री श्री केशव सिंह तोमर, 9826282683 तथा अल्प बचत अधिकारी श्री आरयू खॉन, 9827782500 को आंधप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना एवं अन्य दक्षिणी राज्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के महाप्रबंधक श्री पीके गुप्ता, 94253304401 और संजय सागर बांध, गंजबासौदा के कार्यपालन यंत्री श्री मुकेश कुमार रायकवार को दिल्ली पंजाब हरियाणा, छत्तीसगढ़ एवं बिहार राज्य में जिले के फंसे मजदूरो को वापिस जाने तथा उल्लेखित पूर्व राज्यों के ऐसे मजदूर जो विदिशा में लॉकडाउन अवधि में रह गए है को उनके पैतृक राज्यों में वापिस भेजने के प्रबंध सुनिश्चित करेंगे। 

वालिटियर्स किसानों को जागरूक कर रहे है

कलेक्टर डॉ पंकज जैन के द्वारा उपार्जन केन्द्रो पर आने वाले किसानो को तमाम बुनियादी सुविधाएं मुहैया हो साथ ही कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण को रोकने हेतु जारी लॉकडाउन अवधि मेंं सोशल डिस्टेन्स का पालन हो इत्यादि कार्यो के लिए वालिटियर्सो की सेवाएं ली जा रही है। उक्त कार्य में जन अभियान परिषद के पंजीकृत समितियों के सदस्यों तथा एनएसएस के कर्मचारी व अन्य के द्वारा वालिटियर्स की भूमिका अदा की जा रही है। वालिटियर्सो के द्वारा मुख्यतः सोशल डिस्टेन्सिग का अनुपालन कराया जा रहा है वही किसानो एवं अन्य को पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। दोनो केन्द्रों पर दस-दस वालिटियर्स निःशुल्क सेवाएं दे रहे है। 

ई-पास हेतु 2549 आवेदन प्राप्त हुए

लॉकडाउन अवधि के दौरान मेडीकल ग्रांट और गमीं में शामिल होने हेतु तथा अतिआवश्यक सेवाएं जैसे मेडीकल दवाईयां लाने के प्रकरणों में एक जिले से दूसरे जिले अथवा दूसरे राज्य में आने-जाने हेतु आवेदकों को अनुमति ऑन लाइन प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करने पर ई-पास जारी किए जा रहे है। डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री प्रवीण प्रजापति ने बताया कि जिले में अब तक कुल 2549 आवेदन ऑन लाइन ई-पास हेतु प्राप्त हुए है जिसमें से 1552 आवेदनों का निराकरण किया गया है शेष 997 आवेदन लंबित है।  नोडल अधिकारी श्री प्रजापति ने बताया कि प्रदेश के तीन जिले क्रमशः भोपाल, इन्दौर और उज्जैन के लिए ई-पास की अनुमति राज्य स्तर से प्रदाय की जा रही है। बेवसाइट mapit.gov.in/covid19 पर घर बैठे ऑन लाइन आवेदन कर सकते है। 

बाजार मूल्य गाइड लाइन की अवधि बढ़ी

महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक के द्वारा बाजार मूल्य गाइड लाइन की समयावधि बढाए जोन का आदेश जारी कर दिया है। जिला पंजीयक श्री उपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2019-20 की प्रभावी बाजार मूल्य गाइड लाइन की समयावधि 15 मई 2020 तक बढ़ाई गई है। ज्ञातव्य हो कि कोविड-19 सर्वव्यापी महामारी घोषित होने तथा बचाव के अंतर्गत जारी दिशा निर्देश एवं आदेशानुसार वर्ष 2019-20 की प्रभावी बाजार मूल्य गाइड लाइन की समयावधि पूर्व में 30 अपै्रल नियत थी जिसे बढाकर अब 15 मई की गई है। 

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