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बुधवार, 6 मई 2020

मधुबनी में प्रशासन ने उड़ाई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, बसों में ठूस कर लाये गएमजदूर


मधुबनी (आर्यावर्त संवाददाता) : बिहार के दानापुर में केरल से एक ट्रेन लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर आई। झारखंड के गिरिडीह से भी बस से कुछ मजदूर दानापुर पहुंचे। जहां से मजदूरों को अपने गृह जिला तक लाने के लिए सभी जिला प्रशासन की तरफ से बसें भेजी गई। इसी कड़ी में मधुबनी जिले से भी प्रशासन ने छह बसें दानापुर भेजी। लेकिन इन छह बस में से तीन बस को पटना में ही रोक लिया गया। 41 यात्री की क्षमता वाली तीन प्राइवेट बसों में 100 से अधिक यात्रियों को बैठाकर लाया गया। बता दें कि सरकार द्वारा निर्देश दिया गया था कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 2x2 की सीट पर एक ही यात्री को बैठाया जाए। जबकि 2x2 की सीट पर एक के बजाय दो लोगों को बैठाया गया है और तकरीबन पूरी बस फुल ही थी। बसों में जिला प्रशासन के प्रतिनियुक्त कर्मी भी मौजूद हैं, जिनके जिम्मे सभी यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए सुरक्षित ढंग से लाने की जिम्मेदारी थी। वायरल वीडियो और फ़ोटो को देखने से ये साफ हो जाता है कि आगे की कुछ सीटों पर लोग मास्क लगाए हुए हैं जबकि पीछे की सीटों पर लोग कुछ लोग बिना मास्क के हैं और एक दुसरे से चिपक कर बैठे हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल ये उठता है की आखिर इस लापरवाही की जवाबदेही किसकी है? दूसरा प्रश्न मधुबनी जिला प्रशासन के कार्यशैली पर भी बनता है, क्या वजह है कि इन प्रवासी मजदूरों को रात के अंधेरे में मीडिया और पत्रकारों की नजर से बचा कर लाया जा रहा है? इस विषय पर मधुबनी जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए हमने मधुबनी जिलाधिकारी के संपर्क नंबर +91 94731 91324 पर बात करनी चाही तो बताया गया कि यह नंबर अभी covid-19 कंट्रोल रूम हेल्पलाइन में प्रयोग किया जा रहा है। जिसके बाद हमने जिला प्रशासन के कण्ट्रोल रूम में  06276 - 224425 पर बात करने के लिए कॉल किया। दोनों जगह एक ही व्यक्ति ने कॉल रिसीव किया और महोदय का कहना था कि इस मामले पर पक्ष रखने के लिए वह आधिकारिक नहीं हैं और जिलाधिकारी का  नंबर उनके पास नहीं है। इसके बाद हमने जिला प्रशासन के फेसबुक पेज पर दी गई स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 06276 - 226133 पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वह नंबर अस्थायी रूप से सेवा में नहीं है ऐसा बताया गया। विदित है कि जिलाधिकारी द्वारा सीधे संपर्क न करने को लेकर जिले के विभिन्न पत्रकारों द्वारा कई दिनों से शिकायत की जा रही है।

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