बिहार : कोरोना काल के साथ ग्रीष्मकाल में हर स्तर पर अपडेट रहने पर जोर - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 28 मई 2020

बिहार : कोरोना काल के साथ ग्रीष्मकाल में हर स्तर पर अपडेट रहने पर जोर

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बेतिया (आर्यावर्त संवाददाता)  अभी पश्चिम चम्पारण जिला के जिलाधिकारी कुंदन कुमार हैं. जिलाधिकारी कोरोना काल में बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं.महज 15 दिनों के अंदर 182 बेड वाला हाॅस्पिटल बनवा दिया है. इसमें आई.सी.यू.की तरह संसाधन उपलब्ध करवा दिया है. इसके बाद आसन्न संभावित भीषण गर्मी एवं लू पर ठोस कदम उठाने लगे हैं... आज उन्होंने इसके मद्देनजर जिले में आवश्यक कदम उठाने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की है. इस बैठक में अपडेट होने पर जोर दिया है.ग्रीष्मकाल प्रारंभ हो गया है. अतीत में जिले में गर्मी के मौसम में होने वाले भीषण गर्मी के साथ लू के आलोक में कार्य को गति प्रदान करना है.जिसके कारण वक्त पर जनजीवन को प्रभावित होने से बचाया जा सके. आने वाले भीषण गर्मी एवं लू के कारण आम जनमानस को स्वास्थ्य एवं पेयजल संबंधी परेशानियों से इंकार नहीं किया जा सकता है. भीषण गर्मी एवं लू चलने के कारण घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की आवश्यकता है. इसलिए यह अति आवश्यक है कि भीषण गर्मी एवं लू प्रारंभ होने के पहले ही सभी तरह की आवश्यक तैयारियां अपडेट कर ली जाय ताकि बाद में किसी भी प्रकार की समस्याओं से सामना नहीं करना पड़े. जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में भीषण गर्मी एवं लू से बचने के उपाय के संदर्भ में समीक्षात्मक बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे. जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, रेफरल अस्पतालों, सदर अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों, मेडिकल काॅलेज में लू से प्रभावितों के समुचित इलाज हेतु विशेष व्यवस्था ससमय कर ली जाय. सभी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ओ.आर.एस. पैकेट, आई.भी. फ्लूड एवं जीवन रक्षक दवा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय. उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी से पीड़ित व्यक्तियों के इलाज हेतु आवश्यकतानुसार अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था करते हुए लू से पीड़ित बच्चों, बूढ़ों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों की चिकित्सा में किसी भी प्रकार की कोतही एवं लापरवाही नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही आवश्कतानुसार प्रभावित जगहों पर स्टैटिक, चलन्त चिकित्सा दल की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है. कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को युद्धस्तर पर खराब चापाकलों की मरम्मत करने का निदेश दिया गया है. जिलाधिकारी ने कहा कि जिन स्थलों पर नल का जल नहीं पहुंचता हो एवं चापाकलों में पानी की कमी हो जाती हो, वहां आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पेयजल संकट से निबटने हेतु निर्धारित मानक के अनुरूप टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस को सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था करने सहित जीवन रक्षक घोल (ओआरएस) की उपलब्धता तथा नवजात शिशु, बच्चों, धातृ एवं गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर विशेष चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था ससमय कर लेने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है. समीक्षा के क्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी को सरकारी ट्यूबवेल के समीप अथवा अन्य सुविधायुक्त स्थलों पर गड्ढ़ा खुदवा कर पानी इकट्ठा करने का निदेश दिया गया है ताकि पशु-पक्षियों को पानी मिल सके.उन्होंने सभी पशु चिकित्सकों को आवश्यक दवाईयों के साथ अपडेट रहने को कहा है ताकि अत्यधिक गर्मी पड़ने एवं लू चलने पर बीमार पशुओं को ठीक किया जा सके.इसके साथ ही अन्य संबंधित पदाधिकारियों को भी संभावित भीषण गर्मी एवं लू के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां अपडेट रखने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है.

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