दुमका : कृषि के क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रहे जामा के किसान, - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 28 मई 2020

दुमका : कृषि के क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रहे जामा के किसान,

जेएसएलपीएस के तहत ले रहे हैं वे पूरा लाभः साधु चरण देवगम 
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खेती के लिये सिचाई सबसे महत्वपूर्ण अवयव है। बिना सिचाई के कृषि कार्य काफी दुष्कर है, वह भी गर्मियो में जब पहाड़ी इलाकों में पानी धरातल के काफी नीचे चला जाता है। उप राजधानी दुमका के प्रखंड जामा में सरकार की इस योजना का लाभ छोटे छोटे किसान उठा पाने मंे सफल हो रहे हैं। जे एस एल पी एस के तहत जहाँ एक ओर खेती से विमुख हुए किसानों की घर वापसी हो रही है वहीं दूसरी ओर गांव/ कस्बों में शब्जियों के उत्पादन व उसकी बिक्री से किसान आत्मनिर्भर हो रहे हैं। कृषि के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन के साथ-साथ किसानों के आर्थिक उन्नयन व स्वरोजगार के क्षेत्र में उनकी आत्मनिर्भरताओं के मद्देनजर झारखंड सरकार के तत्वावधान में संचालित राज्य संपोषित समुदाय प्रबंधित सुरक्षा सिचाई योजना (झारखंड स्टेट लाईवलिहुड प्रमोशन स्कीम) के तहत सोलर सिस्टम लिफ्ट एरिगेशन के तहत खेती का परिणाम इन दिनों काफी सुखद देखा जा रहा है। इस योजना का अधिकाधिक लाभ किसानों को मिल सके वे परंपरागत खेती से हटकर तकनीकी आधारित खेती से अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकें इसके लिये एक्टिव, इम्प्रेसिव व एडमिनिस्ट्रेटी दक्षता मंे निपुण डीसी दुमका राजेश्वरी बी के निर्देश पर बीडीओ जामा साधु चरण देवगम लाॅक डाॅउन की इस विषम परिस्थिति में भी किसानों की सहायता में अपना महत्वपूर्ण वक्त खर्च कर रहे हैं। बीडीओ श्री देवगम के अनुसार भैरवपुर पंचायत के ग्राम कोल्वा में पहली मर्तबा आदिवासी कृषक सुरेन्द्र टुडू, सुनील टुडू व अन्य द्वारा तरबूज की खेती शुरु की गई है। नई तकनीक से खेती कर रहे इन किसानों के बीच यह आशा बंध चुकी है कि वे जे एस एल पी एस के तहत खेती से अपने परिवार का बेहतर भरण पोषण कर सकेंगे। पंचायत सिकटिया के ग्राम श्यामलाता के कुछ किसानों द्वारा राज्य संपोषित समुदाय प्रबंधित सुरक्षा सिचाई योजना का खासा लाभ उठाया जा रहा है। प्रखंड के जिन जिन ग्रामों मंे सरकार की यह योजना चल रही है वहाँ किसानों द्वारा मकई, कद्दू, खीरा, भींडी (रमतोरई) करेली व मिरचाई की वृहत पैमाने पर ख्ेाती की जा रही है। खुद भी एक अच्छे किसान रह चुके जामा बी डी ओ श्री देवगम व जे एस एल पी एस के जेई दिलदार अंसारी किसानों को लगातार माॅनिटरिंग कर किसानों को प्रोत्साहित करने का काम कर रहे हैं। किसान अपने पैरों पर खड़े हो सकें तथा उनका आर्थिक उन्नयन संभव हो सके, इसकेे लिए सरकार की इस योजना का पूरा लाभ उन्हें दिया जा रहा है। मालूम हो जे एस एल पी एस स्कीम के तहत एक पम्प घर, 5 केवी का मशीन, लिफटिंग पाईप, निमार्ण व्यय, सोलर लाईटिंग व अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित बनाया जाता है। प्रखंड के तकरीबन 20 गांव- धोंधली, कुशवेदिया, रामपुर, मोहलबना, भोड़ाबाद, मांगुरडीह, मधुबन, अगोया, नचनगड़िया, सिकटिया, कोल्वा व अन्य में इस योजना के तहत तकरीबन 15 एकड़ तक की भूमि की सोलर  सिस्टम सिंचाई की व्यवस्था है। बीडियो श्री देवगम के अनुसार इन सभी गांवों में तरबूज, खीरा जैसे फल तथा शब्जियों को देखकर किसान आनन्दित होते हैं। किसान इस योजना का पूरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। तकरीबन दो महीने से जारी लॉक डाउन की इस विषम परिस्थिति में जहाँ एक ओर पूरा देश आर्थिक विपन्नता का दंश झेल रहा है, वहीं जामा के उपरोक्त गांवों के किसान खेती को आगे ले जाने की प्रतिबद्धता में अपना सौ फीसदी दे रहे हैं। बीडीओ जामा के व्यक्तिगत प्रयास से किसान अपने परिवार का जीवन निर्वाह कर पाने में सफल हो रहे हैं। बी डी ओ श्री देवगन डेढ़ वर्षों से जामा के किसानों को खेती के माध्यम से आर्थिक संपन्नता का गुर सीखा रहे हैं।  यदि ऐसी खेती जिले के सभी प्रखंडों में उत्साह के साथ की जाए तो किसानों तो यह जिला सब्जियों के मामले में आत्मनिर्भर हो ही, दूसरे प्रदेशों में भी इस जिले के उत्पाद मुनाफे के साथ बेचे जा सकेंगे। वे आर्थिक समृद्धि प्राप्त कर पाने में सफल हो सकेंगे। 

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