सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 11 मई - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 12 मई 2020

सीहोर (मध्यप्रदेश) की खबर 11 मई

जिले में अभी तक 2 कोरोना पॉजिटिव, अभी तक कुल 35132 व्यक्तियों की हुई स्क्रीनिंग

jhabua news
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर कुमार डेहरिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार 30 सेंपल जांच के लिए भेजे गए तथा अब तक कुल 390 सेंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिनमें से 304 सेंपलों की रिपोर्ट निगेटिव तथा 2 सेंपलों पॉजिटिव पाएं गए हैं। जिले के अंतर्गत कोविड-19 के संक्रमण के संदिग्ध प्रकरणों में सेम्पल एकत्र कर जांच हेतु भोपाल भेजे जा रहे है। आज कोरोना संक्रमण के सेम्पल 30 सेम्पल लिए गए जिसमें बिल्किसगंज के 17, बुदनी के 05, आष्टा के 06 तथा सीहोर के 02 सेम्पल शामिल है। आज पॉजीटिव रिपोर्ट 0 है, आज प्राप्त निगेटिव रिपोर्ट 0 है तथा आज को रिजेक्ट सेम्पल की संख्या 0 है। जिले में  अब तक 02 सेंपल पाजीटिव मरीज पाए गए है जिसमें से भोपाल के हमिदिया चिकित्सालय में भर्ती एक महिला की उपचार के दौरान 09 मई को मृत्यु हो गई। 10 मई को प्राप्त रिपोर्ट में पाजीटिव पाए गए एक युवक को कोविड केयर सेंटर सीहोर में उपचार के लिए भर्ती किया गया है। सोमावार को अन्य जिलों/राज्यों से आए हुए 250-व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है तथा अन्य राज्यों/जिलों से आए अब तक कुल 35132 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिले में आज दिनांक को अन्य राज्यों/जिलों से आए हुए 376 व्यक्ति होम क्वारंटाइन की अवधि पूर्ण कर चुके है तथा अन्य राज्यों/जिलों से आए हुए अब तक कुल 30645 व्यक्ति होम क्वारंटाइन की अवधि पूर्ण कर चुके है।  जिले में विदेश से पहुंचे सभी 184 व्यक्ति होम क्वारंटाइन की अवधि पूर्ण कर चुके है। पॉजीटिव पाए गए व्यक्तियों की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग कर सीहोर के इंदिरा नगर को तथा बिल्सिकगंज के फ्रीगंज को कंटेंनमेंट एरिया घोषित किया गया अब तक जिले में 02 कंटेंमेंट एरिया है। फ्रीगंज के वार्ड नंबर 17 में आज दिनांक को 80 घरों का सर्वे किया गया जिसमें 325 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई इन व्यक्तियों में 06 गर्भवती महिलाएं तथा 60 वर्ष की आयु से उपर वाले 24 व्यक्ति शामिल है यहां सर्वे के लिए 05 दल लगाए गए है। जिला चिकित्सालय सीहोर 20 बिस्तरीय आईसोलेशन वार्ड (डेडिकेटेड कोविड हैल्थ सेंटर ) तैयार किया गया है जिसमें 01 व्यक्ति भर्ती है। इसके अतिरिक्त सिविल हास्पिटल आष्टा में 10 बिस्तर, इछावर में 03 बिस्तर, नसरुल्लागंज में 05 बिस्तर, बुदनी में 04 बिस्तर तथा श्यामपुर में 06 बिस्तर  का आईसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।  आवासीय खेलकूद संस्थान सीहोर के छात्रावास में 80 बिस्तर का  जिला स्तरीय कोविड केयर सेंटर बनाया गया है जहां 02 व्यक्ति उपचार के लिए भर्ती है जिसमें से एक पाजीटिव व्यक्ति है। शासकीय बालक छात्रावास वैषाली नगर सीहोर में 50 बिस्तरीय क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया जिसमें आज दिनांक तक 04 व्यक्ति उपचार के लिए भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 38 मोबाइल मेडिकल यूनिट स्क्रीनिंग में लगी हुई है। जिले में जो व्यक्ति होम क्वारंटाइन में है उनके निवास स्थान से सीधे संवाद हेतु जिला स्तरीय कोविड-19 काल सेंटर स्थापित किया गया है जिसका संपर्क नंबर-7247704181 है कोविड-19 से संबंधित जानकारी इस संपर्क नंबर पर ली व दी जा सकती है। वहीं जिला चिकित्सालय सीहोर में टेलीमेडिसीन के लिए संपर्क नंबर 07562-401259 जारी किया गया है तथा राज्य स्तर पर 104/181 नंबर पर काल करके भी टेलीमेडिसीन सेवा का लाभ लिया जा सकता है। 104  नंबर पर ई-परामर्ष सेवा का भी लाभ लिया जा सकता है। ई-संजीवनी ओपीडी सेवा हेतु www.esanjeevaniopd.in पंजीयन कराया जा सकता है। कलेक्ट्रेक्‍य सीहोर में भी जिला स्तरीय काॅल सेंटर बनाया गया है जिसका संपर्क नंबर 07562-226470 है। जिला प्रशासन द्वारा जनता से अपील की जाती है कि लाकडाउन को  सफल बनाए तथा सामाजिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन करें। कोरोना वायरस के संक्रमण के विरूद्ध लडाई में अपना सहयोग प्रदान करें अफवाहों से दूर रहें। बैंकों में भीड़-भाड़ न होने दे एवं बैंकों में लेन-देन करते समय सामाजिक दूरियों के नियमों का पालन अवष्य करें। घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य पहने।

प्रदेश में संजीवनी टेलेहेल्थ टोल फ्री नंबर 1800-103-7378 प्रारम्भ

प्रदेश में संजीवनी टेलेहेल्थ टोल फ्री नंबर 1800-103-7378 प्रारम्भ हो चुकी है। इस सुविधा पर कोरोना के अलावा अन्य सभी बीमारियों के लिए अपोलो के डॉक्टर्स से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने बताया कि इसके साथ ही साथ ही e-prescription भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस हेल्पलाइन की कैपेसिटी प्रतिदिन 1300कॉल प्राप्त करने की है जबकि अभी रोजाना केवल 50-60 काल ही प्राप्त हो रहे हैं। इस तरह सरकार का प्रयास और डॉक्टर्स का बहुमूल्य समय व्यर्थ जा रहा है। यह हेल्पलाइन केवल 11 दिन के लिए और उपलब्ध है। नागरिक इस टोल फ्री नम्बर पर कॉल करके घर बैठे चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त कर इसका लाभ ले सकते हैं।    

कॉमन सर्विस सेंटर एवं एमपी ऑनलाइन के कियोस्क से भी जमा कर सकते हैं बिजली बिल

वैश्विक महामारी कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में लॉक डाउन प्रभावी होने के कारण एमपी ऑनलाइन के कियोस्क एवं कॉमन सर्विस सेंटर से बिजली बिल जमा करने का कार्य बंद था। राज्य शासन के निर्देशानुसार अब सभी कियोस्क पर उपभोक्ता बिल जमा कर सकते हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि लॉक डाउन-3 लागू होने के बाद रेड, आरेंज एवं ग्रीन जोन के सभी स्थानों पर बिजली बिल भुगतान के लिए एमपी ऑनलाइन  के कियोस्क एवं कॉमन सर्विस सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा कंपनी कार्यक्षेत्र में सभी एटीपी मशीन एवं सभी बिजली बिल भुगतान केंद्रों का संचालन भी प्रारंभ कर दिया गया है। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि निर्धारित सुरक्षा मानदंडो का उपयोग (जैस-दूरी बनाए रखना, मास्क का उपयोग आदि) करते हुये बिल जमा करने की व्यवस्था का लाभ लें। राजस्व संग्रहण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था जैसे portal-mpcz-in <http://portal-mpcz-in/>] UPAY एप, नेट-बैकिंग, फोन-पे, अमेजन-पे, पेटीएम, एचडीएफसी-पे एवं अन्य भुगतान विकल्प से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

कोविड महामारी के दौरान बाहर से आए व्यक्तियों को आँगनवाड़ी केन्द्र में क्वारेंटाइन न करें-प्रमुख सचिव श्री राजन

प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अनुपम राजन ने सभी जिला कलेक्टर को कोविड महामारी के दौरान बाहर से आए व्यक्तियों को आँगनवाड़ी केन्द्रों में क्वारेंटाइन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। श्री राजन ने बताया कि कतिपय जिलों में कोविड संक्रमणग्रस्त स्थानों से गाँव लौटने वाले व्यक्तियों/मजदूरों को 14 दिन के लिए आँगनवाड़ी केन्द्रों में क्वारेंटाइन किया जा रहा है। श्री अनुपम राजन ने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार संक्रमण काल के दौरान आँगनवाड़ी केन्द्रों को हितग्राहियों के लिए बन्द रखा गया है। लॉकडाउन के समय भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा आँगनवाड़ी केन्द्रों में नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य जाँच और परामर्श सेवाएँ निरंतर दी जा रही है। इसके अतिरिक्त आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को केन्द्र में भण्डारित टेक होम राशन को घर-घर जाकर वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका वितरण खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री राजन ने बाहर से आए व्यक्तियों को क्वारेंटाइन के लिए अन्य शासकीय भवन का उपयोग किये जाने पर जोर देते हुए कहा कि आँगनवाड़ी केन्द्रों का हितग्राही समूह अत्यंत संवेदनशील होता है। उन्होंने कहा कि अन्य कोई भवन उपलब्ध न होने कि स्थिति में विशेष परिस्थितियों में ही आँगनवाड़ी केन्द्र का उपयोग क्वारेंटाइन के लिए किया जाए। इस अवधि तक यह सुनिश्चित किया जाये कि हितग्राहियों के लिए उसका उपयोग न किया जाए। क्वारेंटाइन अवधि समाप्त होने के बाद अच्छी तरह से स्वच्छ और कीटाणु रहित कराने के बाद ही उस भवन को आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को सौंपा जाये।

अन्य प्रांतों से पैदल चलकर आये श्रमिकों को दें सभी सुविधाएँ

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश होकर अन्य राज्यों में पैदल जा रहे श्रमिकों को अधिक से अधिक सुविधाएँ देने के निर्देश  जिला कलेक्टर्स को प्रदान किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा अन्य प्रांतों से प्रदेश के जिलों में पहुँचे पदयात्री श्रमिकों के लिये भोजन और रहवास की व्यवस्था कर आगे की यात्रा के लिये उन्हें वाहन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। राज्य सरकार द्वारा इन श्रमिकों को उनके मूल प्रांतों तक सुविधाजनक ढंग से पहुँचाने के लिये संबंधित प्रांतों के अधिकारियों से चर्चा भी की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बड़ी संख्या में पैदल यात्रा कर रहे लोगों की समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ समझते हुये जिलों में उनका अतिथि के रूप में स्वागत कर आवश्यक सुविधा प्रदान की जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कलेक्टर्स से कहा कि संबंधित जिला प्रशासन द्वारा दी गयी राहत से  ऐसे लोगों के चेहरे पर मुस्कान आना चाहिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मानव सभ्यता के इतिहास में कभी-कभी ही इस तरह की सेवा के अवसर आते हैं। देश के हृदय प्रदेश में दूसरे प्रदेशों के ऐसे विवश पदयात्रियों का खुले हृदय से स्वागत होना चाहिये। श्रमिक किसी भी राज्य के हों उन्हें मानवीय दृष्टिकोंण से जरूरी सुविधा प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि यह भाव सभी के मन में रहना चाहिए कि हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहां सवाल। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक जिले में सक्षम अधिकारी को इन श्रमिकों को सुविधाएँ देने का दायित्व सौंपा जाये। इस कार्य में स्वैच्छिक संगठन, राजनीतिक दल भी सहयोग करें। श्रमिकों को यह भी समझाईश दी जाये कि वे रेल पटरी और हाईवे या अन्य असुरक्षित स्थान पर विश्राम न करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीहोर, बड़वानी, दतिया, सागर, सिवनी,बालाघाट, मुरैना, बुरहानपुर, अनूपपुर, छतरपुर कलेक्टर्स के साथ ही ग्वालियर, इंदौर, रीवा और शहडोल कमिश्नर्स से भी चर्चा की। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि जिलों के मध्य समन्वय बढ़ाकर श्रमिकों के परिवहन की व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। अपर मुख्य सचिव एवं राज्य प्रभारी कोरोना कंट्रोल कक्ष श्री आईसीपी केसरी ने जानकारी दी कि रेल मंत्रालय से विभिन्न स्थानों से रेल संचालन के लिये अनुरोध किया गया है। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात,राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार और झारखंड राज्यों के साथ श्रमिकों को सुविधाएं देने के बारे में निरंतर संवाद और व्यवस्था का कार्य किया जा रहा है।

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