बिहार : और खुद को रोक नहीं पाए पर्यावरण प्रेमी डेनिस लौरेंस पीटर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 8 जून 2020

बिहार : और खुद को रोक नहीं पाए पर्यावरण प्रेमी डेनिस लौरेंस पीटर

tree-planting-bihar
चुहड़ी, 7  जून. और खुद को रोक नहीं पाए पर्यावरण प्रेमी डेनिस लौरेंस पीटर.पैर में चोट लगने के बावजूद भी व्हीलचेयर पर बैठकर आए पौधारोपण किए. खास बात है कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर 90 वर्षीय डीएलपी के साथ साथ तीन पीढ़ी के बच्चे मौजूद रहे. विश्व पर्यावरण दिवस शुक्रवार को है.प्रत्येक साल 05 जून को संसारभर में पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. इस साल वैश्विक कोरोना के चलते बंद कमरे में ही पर्यावरण दिवस मनाया गया. इसमें जलवायु परिवर्तन पर भी चर्चा और इस पर गौर करने पर बल दिया गया. बताते चले कि विगत दो माह में अकेले दिल्ली में 11 बार धरती हिली.इस दौरान माल-जाल का नुकसान होने की खबर नहीं है. परन्तु राजधानी दिल्ली के बारे में सोचने एवं समझने की जरूतर है. भूकंप को 4 जोन में बांटा गया है.भूकंप का खतरा जोन-5 में अधिक है.यह पूरा पूर्वोत्तर भारत,जम्मू-कश्मीर के कुुुछ हिस्से,हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड गुजरात में कच्छ का रन, उत्तर बिहार का कुछ हिस्सा और अंडमान निकोबार द्वीप समूह शामिल . इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं. जोन-4 में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बाकी हिस्से, दिल्ली,सिक्किम,उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग,सिंधु-गंगा थाला,बिहार और पश्चिम बंगाल, गुजरात के कुछ हिस्से और पश्चिमी तट के समीप महाराष्ट्र् का कुछ हिस्सा और राजस्थान शामिल है.जोन-3 में केरल,गोवा,लक्षद्वीप,लक्षद्वीप समूह, उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्से, गुजरात और पश्चिम बंगाल,पंजाब के हिस्से, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र्, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश,तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल है. जोन-2 भूकंप की दृष्टि से सबसे कम सक्रिय क्षेत्र है. इसे सबसे कम तबाही के खतरे वाले क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है.जोन-2 में देश का बाकी हिस्से शामिल है. पश्चिम चम्पारण में सामाजिक कार्य करने में विख्यात हो सरकारी शिक्षिका मेरी आडलीन कहती हैं कि लोगों को एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लौरेंस परिवार के सदस्य और कॉमन सर्विस सेंटर चुहड़ी ने मिलकर पौधारोपण किया है. सुश्री मेरी आडलीन ने बताया कि ऐसे तो वे लोग समय- समय पर वृक्षारोपण करते रहते है, और इसके लिए लोगों को जागरूक भी करते रहते है. लेकिन प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष रूप से पौधारोपण का कार्य किया जाता है. सुश्री आडलीन ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर नौ फलदायक आम का पौधा, आठ कसैली और दो नारियल का पौधारोपण किया. परिवार के मुखिया 90 वर्षीय श्री डेनिस लौरेंस पीटर हैं.जो इनके पिता जी भी हैं.उन्होंने खुद को रोक नहीं पाए पर्यावरण प्रेमी डेनिस लौरेंस पीटर. पैर में चोट लगने के बावजूद भी व्हीलचेयर पर बैठकर आए पौधारोपण किए.खास बात है कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर 90 वर्षीय डीएलपी के साथ साथ तीन पीढ़ी के बच्चे मौजूद रहे. परिवार के तीन पीढ़ी के साथ पौधरोपण किया.उन्होंने कहा कि वे जिंदगी के कई दशक देखे है.पहले चारों तरफ पेड़ पौधों की भरमार थी. वातावरण स्वच्छ और शुद्ध वायु के कारण लोग बहुत कम बीमार होते थे. लेकिन वर्तमान में दिन प्रतिदिन वायु और जल प्रदूषण आदि के कारण पर्यावरण दूषित हो रही है. ऐसे में मनुष्य को शुद्ध हवा मिलना मुश्किल होते जा रहा है. जिसके कारण कई बीमारियां फैल रही है. इसे रोकने का एकमात्र उपाय ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना ही है. इसलिए प्रत्येक इंसान को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए. लोगों को पेड़ काटने से रोकना और पौधरोपण के प्रति प्रेरित करना होगा. वही कॉमन सर्विस सेंटर की डायरेक्टर मनोरमा उत्तम ने पौधरोपण करते हुए कहा कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा जल-जीवन- हरियाली कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय है. प्रत्येक व्यक्ति को खुद से इस अभियान अंग बनना होगा और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना होगा. अमर सिंह, कुँअर सिंह, प्रताप, उत्तम, माला सेराफिन, पूनम कुमारी, रजनी रोबर्ट, रानी विजय, रजनी प्रताप, राजा, प्रिंस, परी, प्रिसा, पलक, पारुल, प्रणव और प्रांकित ने पौधारोपण किया. और सबने मिलकर संकल्प लिया - पौधा लगाएंगे, पेड़ की सुरक्षा करेंगे और पर्यावरण को बचाएंगे. 

कोई टिप्पणी नहीं: