बिहार : सुशांत की मौत की जांच सीबीआई से, स्वागत करने लोग सड़क पर - Live Aaryaavart

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बुधवार, 19 अगस्त 2020

बिहार : सुशांत की मौत की जांच सीबीआई से, स्वागत करने लोग सड़क पर

bihar-celebrate-sushant-cbi-inquiryपटना. बिहार की जीत और महाराष्ट्र की हार हो गयी.बिहार के लाल सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून को हो गयी.संभावित हत्या को सुसाइट करार दिया गया.मुम्बई पुलिस ने 66 दिनों में एफआईआर नहीं किया.मुम्बई पुलिस के रवैया से नाराज होकर एसएसआर के पिता केके सिंह ने 40 दिनों के बाद पटना के राजीव नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया.एसएसआर के पिता केके सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किये कि सीबीआई से जांच कराने की अनुशंसा करें.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आग्रह को स्वीकार कर केंद्रीय सरकार से सीबीआई से जांच कराने का निवेदन किया.इस निवेदन को केंद्रीय सरकार ने स्वीकार कर लिया.इस पर 66 वें दिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मुहर लगा दी. इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे पहले सुशांत केस में हमने सड़क से लेकर सदन तक सीबीआई जाँच की माँग की थी और उसी का परिणाम था कि 40 दिनों से सोई बिहार सरकार को कुंभकर्णी नींद से जागना पड़ा था.आशा है एक तय समय सीमा के अंदर न्याय मिलेगा.

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के एकल खंडपीठ के आदेश पारित करने के बाद से ही सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत होने लगा है. सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि सीबीआई से जांच हो यह सबकी माँग थी.अब जब सीबीआई जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है तो यह जीत सुशांत सिंह राजपूत के करोड़ों प्रशंसको के साथ उनके पिता व परिवार की है.मुझे विश्वास है की अब जल्द सीबीआई सभी पहलू पर काम करेगी. इसकी पहल हम दीघा विधानसभा के लोगो ने भी की थी.इस जीत के लिये सभी दीघा विधानसभा को बधाई. सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. सुशांत केस की सीबीआई जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है. बता दें, लंबे समय से सुशांत का परिवार और उनके फैंस सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे.सुशांत केस की जांच करेगी CBI, सुप्रीम कोर्ट ने पटना में दर्ज FIR को सही माना है.सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने केस की जांच का अधिकार सीबीआई को दिया है. लंबे समय से सुशांत का परिवार और उनके फैंस सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में दर्ज FIR को सही ठहराया है. साथ ही मुंबई पुलिस को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है.कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में जांच नहीं बल्कि सिर्फ पूछताछ की थी. सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस को कहा कि सभी दस्तावेज सीबीआई को दें. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को बड़ा झटका लगा है. महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दे सकती है. 


स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय से न्याय की जीत होगी. पत्रकार सुशांत सिन्हा ने कहा कि ये अच्छी बात है कि आखिरकार न्याय मिला.लेकिन दो बातें ध्यान रखें.पहली ये कि इस केस में इतना समय निकला है और सबूतों के साथ खिलवाड़ हुआ है कि CBI के लिए भी जांच आसान नहीं होगी.दूसरी ये कि CBI जांच में जो जैसा सामने आए वो पब्लिक तक पहुंचे, जांच का पॉलिटिकल इस्तेमाल न हो.वैसे तो क्रेडिट लेने की लाइन में अभी नेता/चैनल सब लग जाएंगे पर सच ये है कि सुशांत सिंह राजपूत केस में बड़ा क्रेडिट आपको अर्नब गोस्वामी और उनके चैनल रिपब्लिक भारत को देना होगा.उन्होंने न सिर्फ इस मामले को लगातार ज़िंदा रखा बल्कि यूँ काम किया इसपर कि दूसरे चैनल्स पर भी दबाव बन गया इस खबर पर बने रहने का. चिराग पासवान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का मैं स्वागत करता हूँ.जाँच सीबीआई से हो यह सबकी माँग थी अब जब सीबीआई जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है तो यह जीत करोड़ों प्रशंसको के साथ उनके पिता व परिवार की है.मुझे विश्वास है की अब जल्द सीबीआई सभी पहलू पर काम करेगी. बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच करने महाराष्ट्र पहुंचे पटना सिटी एसपी विनय तिवारी को क्वारन्टीन कर लिया. ‘ये हैं बिहार cadre के IPS अधिकारी विनय तिवारी जिनको मुंबई में आज रात में 11 बजे रात में ज़बरदस्ती क्वोरंटीन कर दिया गया.SSR केस में जाँच करनेवाली टीम का नेतृत्व करने गए थे.अब ये यहाँ से कहीं निकल नहीं सकते!’ डीजीपी ने कहा कि उसी समय से ठान लिया कि एसएसआर के 74 वर्षीय पिता केके सिंह के पक्ष में काम करना है.इसके लिए नौकरी क्यों न गवा देने पड़े.राजनीतिज्ञों पर कुछ भी नहीं बोले. 

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