कोरोना से GST क्षतिपूर्ति राजस्व में 2.35 लाख करोड़ कमी का अनुमान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

कोरोना से GST क्षतिपूर्ति राजस्व में 2.35 लाख करोड़ कमी का अनुमान

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नयी दिल्ली 27 अगस्त, कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से चालू वित्त वर्ष में जीएसटी राजस्व में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी आने का अनुमान है और इसके मद्देनजर राज्यों को क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान के लिये अगल अलग विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की आज हुयी 41वीं बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक के बाद वित्त मंत्री ने संवाददाताअों से चर्चा में कहा कि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी क्षतिपूर्ति मद के मात्र 65 हजार करोड़ रुपये के राजस्व मिलने की उम्मीद है जबकि इस मद में तीन लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान था। उन्होंने कहा कि क्षतिपूर्ति राजस्व में आयी इस भारी कमी की पूर्ति के लिए बैठक पर कई सुझाव दिये गये जिसमें क्षतिपूर्ति भुगतान की अवधि को जून 2022 से आगे बढ़ाना भी शामिल है। इसके साथ ही उधारी लेकर इसकी पूर्ति करने पर भी विचार किया गया। इसमें रिजर्व बैंक के माध्यम से राशि जुटाने पर भी चर्चा की गयी और सात दिनों के कार्यदिवस के भीतर इसको अंतिम रूप देकर फिर से परिषद की बैठक में चर्चा करने पर सहमति बनी है। वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि केन्द्रीय राजस्व से क्षतिपूर्ति का भुगतान किये जाने के कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया गया है और ऑटार्नी जनरल ने स्पष्ट किया है केन्द्रीय राजस्व से इसका भुगतान नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीने अप्रैल से जुलाई तक जीएसटी क्षतिपूर्ति राजस्व में करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये की कम वसूली हुयी है। राज्यों को क्षतिपूर्ति राजस्व का द्विमासिक भुगतान किया जाता है और चालू वित्त वर्ष में दो किश्तों का भुगतान नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर किसी भी वस्तु पर जीएसटी दर में बढोतरी किये जाने पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुयी चाहे वह किसी भी श्रेणी के उत्पाद हो। उल्लेखनीय है कि राज्यों विशेषकर कांग्रेस या उसके सहयोग से चलने वाली राज्य सरकारों ने करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति राजस्व का भुगतान नहीं किये जाने का मुद्दा उठाते हुये केन्द्र से कोरोना के कारण उत्पन्न विषम परिस्थिति में यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति भुगतान की मांग की थी

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